जोड़ो का दर्द, पैर दर्द, कमर दर्द और सभी दर्द का इलाज

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आजकल के ज़माने में हर चीज़ में मिलावट होने लगी है यहाँ तक हमारे खाने में भी मिलावट वाली चीज़े शामिल होती है और मिलावट वाली चीज़े खाने की वजह से हमारे शरीर को सही तरह से प्रोटीन नहीं मिल पता है जिसकी वजह से शरीर की हड्डियां कमज़ोर हो जाती है और हड्डियों में दर्द होने लगता है. कई सारे लोगो को जोड़ो के दर्द की समस्या होती है तो किसी को कमर दर्द की समस्या होती है तो किसी को हाथ-पैर में दर्द की समस्या होती है।

दर्द की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई सारे लोग दवाइयों का भी इस्तेमाल करते है लेकिन उन दवाइयों से दर्द कम तो हो जाता है लेकिन बस कुछ समय के लिए और कुछ समय बाद फिर से दर्द होने लगता है. इसीलिए आज हम आपको एक ऐसे नुस्खे के बारे में बताने जा रहे है जिसे इस्तेमाल करके आप अपने हर दर्द को ख़त्म कर सकते है।

हम आपको जिस नुस्खे के बारे में बताने जा रहे है ये एक आज़माया हुआ नुस्खा है और इस नुस्खे से कई सारे लोगो को आराम भी मिला है और इस नुस्खे का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है क्योंकि ये एक आयुर्वेदिक नुस्खा है. इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको बस 3 रूपये खर्च करने की ज़रूरत होगी।

इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको बस 2 चीज़ो की ज़रूरत पड़ेगी और वो 2 चीज़े सरसों का तेल और जायफल है. सरसों का तेल आपके घर में मौजूद होगा तो आपको बस किसी दुकान से 1 जायफल खरीदना होगा जो की आपको 3 रूपये में मिल जायेगा. इस नुस्खे को बनाने का तरीका भी काफी आसान है।

इस नुस्खे को बनाने के लिए एक जायफल को पीस कर उसका पाउडर बना लीजिये. पाउडर बनाने के बाद उस पाउडर को किसी छोटी प्लेट में निकाल लीजिये और उसमे 2 से 3 चम्मच सरसों का तेल मिलाकर उसका एक पेस्ट बना ले. ध्यान रहे की पेस्ट पतला ही होना चाहिए ज़्यादा गाढ़ा नहीं. पतला पेस्ट बनाने के बाद इस पेस्ट को आपकी कमर पर, आपके हाथ पर, आपके पैर पर या जहा भी आपको दर्द की समस्या है वह लगाइये और लगा रहने दीजिये. इस पेस्ट को लगाने के लगभग 30 मिनट बाद ही आपका दर्द ख़त्म हो जायेगा।

अगर आपको हमेशा दर्द की समस्या रहती है तो इस नुस्खे को 10 से 15 दिन तक रोज़ाना इस्तेमाल करने से आपके दर्द की समस्या ख़त्म हो जाएगी।

Source: www.hindi-samachar.com/

चेहरे पर ग्लो लाने के लिए खाएं इन चीजों को

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वैसे तो चेहरे पर निम्बू, संतरे का छिलका लगाने से भी आपके चेहरे का ग्लो बढ़ता है, परन्तु खट्टे फलों को अपनी डाइट में शामिल करने से भी आपको अपने चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है, अब आप खुद ही सोचिये की यदि आप ढंग से खाते पीते नहीं है, तो आपका चेहरा कैसे लगने लगता है, उसकी चमक भी खो जाती है, आँखों के नीचे डार्क सर्कल जैसी समस्या हो जाती है, लेकिन यदि आप हैल्थी, और सभी पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करते है तो आपके चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है, तो आइये जानते है की वो कौन सा आहार है जिसके सेवन से आपको अपने चेहरे को ग्लोइंग बनाने में मदद मिलती है।

गाजर का सेवन करें

गाजर का सेवन करने से या गाजर के जूस को पीने से भी आपको आँखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल की समस्या से निजता दिलाने में मदद मिलती है, क्योंकि आँखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को खराब करते है, इसमें मौजूद बीटा – कैरोटीन, विटामिन ए, और एंटी ऑक्सीडेंट्स आपकी स्किन पर मृत कोशिकाओं का जमाव नहीं होने देते है, जिसके कारण आपके चेहरे की चमक हमेशा बनी रहती है।

टमाटर का सेवन करें

टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो आपकी त्वचा में कोलेजन को बढ़ाता है, और टमाटर का सेवन करने से आपकी स्किन को अल्ट्रा वॉइलेट किरणों के दुष्प्रभाव से बचने, और उम्र को बढ़ाने वाले तत्वों से बचाता है, जिसेस आपकी स्किन को ग्लोइंग बनने में मदद मिलती है, इसके सेवन से आपको अपने चेहरे को भी ग्लोइंग बनाने में मदद मिलती है।

खीरे का सेवन करें

खीरे का सेवन करने से भी आपको अपने चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा लगभग 85 % होती है, जो आपकी स्किन को हमेशा नमीयुक्त बनाएं रखने में मदद करती है, साथ ही खीरे का सेवन करने से आपको कब्ज़ और एसिडिटी से भी राहत मिलती है, इसिलिटे आपको इसे अपने चेहरे पर लगाने के साथ अपने आहार में सलाद के रूप में भी शामिल करना चाहिए।

ग्रीन टी का सेवन करें

ग्रीन टी का सेवन करने से आपको न केवल हैल्थी रहने में मदद मिलती है, बल्कि ग्रीन टी का सेवन करने से आपको अपने चेहरे को ग्लोइंग बनाने में मदद मिलती है, इसके इसके लिए आप पानी में ग्रीन टी की कुछ पत्तियों को डालकर उबाल लें, उसके बाद इसे छानकर इसका सेवन करें, इसके सेवन से आपको अपने शरीर को सही रखने के साथ अपनी स्किन को भी ग्लोइंग बनाने में मदद मिलेगी।

जामुन का सेवन करें

जामुन में एंटी ऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में होते है, जो आपके चेहरे की चमक को बढ़ाने में आपकी मदद करते है, इसके सेवन से आपके चेहरे पर होने वाले दाग धब्बो की समस्या से निजात पाने में आपको मदद मिलती है, जिससे आपका चेहरा बिलकुल साफ़ हो जाता है, और आपके चेहरे का ग्लो बना रहता है, साथ ही शुगर पेशेंट के लिए ब्व्ही इसका सेवन बहुत लाभदायक होता है।

पपीते का सेवन करें

पपीते में मौजूद पेपैन नामक तत्व आपके चेहरे की अशुद्धियों को साफ़ करता है, और आपके चेहरे की चमक को बढ़ता है, इसके सेवन करने के साथ यदि आप इसे फेस मास्क के रूप में अपने चेहरे पर भी लगाते है, तो ये आपके चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद करता है।

पानी का भरपूर सेवन करें

भोजन करने के साथ, खाद्य पदार्थो का सेवन करने के साथ आप अपने चेहरे को ग्लोइंग बनाने के लिए पानी का सेवन भी उपरोक्त मात्रा में करें, क्योंकि पानी का सेवन उपरोक्त मात्रा में करने से आपके शरीर से सभी विषैले तत्व यूरिन और पसीने के कारण बाहर निकल जाते है, साथ ही इसके कारण आपकी स्किन भी नमीयुक्त होती है, जिससे आपके चेहरे पर ग्लो आता है।

खट्टे फलों का सेवन करें

खट्टे फलों का सेवन करने से भी आपके चेहरे को ग्लोइंग बनाने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें विटामिन सी, एमिनो एसिड, प्रोलाइन, लाईसिन, उपरोक्त मात्रा में पाया जाता है, और यह तत्व आपकी स्किन को कोमल, नमीयुक्त, और ग्लोइंग बनाने में मदद करते है, इसके लिए आपको अंगूर, निम्बू, मौसम्बी, और संतरे जैसे फलों का सेवन करना चाहिए, इससे आपको फिट रहने में भी मदद मिलती है।

हरी सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें

हरी सब्जियों के सेवन से आपकी बॉडी को फिट रहने के साथ आपकी स्किन को भी ग्लोइंग बनने में मदद मिलती है, साथ ही हरी सब्जियों में आयरन की मात्रा भरपूर होती है, जिससे आपके शरीर में भी खून की मात्रा को पूरा होने में मदद मिलती है, और रक्त संचार भी बॉडी में अच्छे से होता है, जिसका असर आपके चेहरे पर भी साफ़ दिखाई देता है और आपके चेहरे को ग्लोइंग बनने में मदद मिलती है।

संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन करें

आपका गलत खान पान भी आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को कम करता है, चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए आपको अपने आहार को नियमित व् भरपूर लेना चाहिए, क्योंकि यदि आप अपने आहार को भरपूर नहीं लेंगे तो इसके कारण आपके शरीर को पोषक तत्व नहीं मिलेंगे और इसका असर आपके चेहरे पर भी साफ़ दिखाई देता है, और यदि आप ज्यादा तेल मसाले वाला भोजन करते है, तो इसके कारण भी आपके चेहरे की चमक खोने लगती है, इसीलिए इससे बचने के लिए आपको ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए, जिसमे सभी मिनरल्स भरपूर मात्रा में हो।

हल्दी से बवासीर का इलाज

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बवासीर या पाइल्स मलद्वार के चारों ओर नसों के फूलने या सूजन को कहते हैं। इसमें गुदा पर मस्से जैसे उभार हो जाते हैं। मस्से या तो गुदा के अंदरूनी हिस्से पर होते हैं, या गुदा के चारों ओर। नसों में अंदरूनी सूजन ज्यादातर कम कष्टकारी होती है, परंतु वहीं नसें सूजकर बाहर तक उभर आती हैं, तो ये समस्या बेहद कष्टकारी हो जाती है।

इसमें मलद्वार से रक्तस्त्राव होने से मरीज बेहद कमजोर हो जाता है। समस्या गंभीर रूप ले लेने पर मरीज की मौत तक हो सकती है। बवासीर के मरीज को बैठने में बेहद तकलीफ होती है, यहां तक कि दर्द से रात में नींद तक नहीं आती। यहां हम पढ़ेंगे कि, कैसे हल्दी का प्रयोग करके बवासीर जैसी समस्या छुटकारा पाया जा सकता है।

बवासीर के लक्षण :

बवासीर में कब्ज की वजह से मल शुष्क हो जाता है। मस्से पहले कठोर होना शुरू होते हैं, जिससे गुदा में चुभन-सी होने लगती है। ध्यान न देने पर मस्से फूल जाते हैं और मल त्याग बेहद तकलीफदेह हो जाता है। स्थिति बिगड़ने पर मल के साथ खून भी आने लगता है।

बवसीर का कारण :

बवासीर के कई कारण होते हैं, जिनमें से कब्ज, खराब खान-पान, खाने में फाइबर की कमी, ज्यादा देर तक बैठे रहना, मानसिक तनाव, भारी सामान उठाना प्रमुख हैं। गर्भावस्था में भी ये समस्या देखने को मिलती हैं। हल्दी से बवासीर का इलाज : हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेट्री यानी सूजन घटाने वाले गुण होते हैं। इसके साथ ही हल्दी एंटी-सेप्टिक होती है, जो कीटाणुओं को नष्ट करती है। वहीं हल्दी घाव भरने में भी सहायक होती है। पुराने समय से हल्दी को बवासीर का अचूक इलाज माना जाता है। यहां कुछ तरीके दिए हैं जिन्हें आजमाकर हल्दी से दर्दनाक बवासीर का इलाज किया जा सकता है।

1. एलोविरा और हल्दी: आधे चम्मच एलोविरा जेल में एक चम्मच पिसी हल्दी मिलाएं। इसको अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। पेस्ट को सोने से पहले मलद्वार के अंदरूनी और बाहरी हिस्से पर लगाएं। एक हफ्ते तक ये तरकीब आजमाने से बवासीर से राहत मिलेगी।

2. पेट्रोलियम जेली और हल्दी: एक चम्मच हल्दी को एक चम्मच पेट्रोलियम जेली के साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को मल त्याग करने से कुछ समय पहले अपनी गुदा के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों पर अच्छे से लगा लें। पेट्रोलियम जेली आपके मलद्वार को मुलायम और चिकना बनाती है, जिससे मल त्यागने में आसानी होती है। वहीं हल्दी सूजन और घाव कम करने के साथ दर्द से भी राहत देती है।

3. देसी घी और हल्दी: एक चम्मच देसी घी में आधा चम्मच हल्दी मिलाएं। इसको अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले अपनी गुदा के अन्दर और बाहर लगा लें। यह प्रक्रिया दो दिन आजमाने से आपको बवासीर से छुटकारा मिल जाएगा।

4. काले नमक के साथ हल्दी: काले नमक में हल्दी का चूर्ण मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पिएं। बकरी के दूध में हल्दी और काला नमक मिलाकर पीने से भी बवासीर में लाभ होगा।

5. मूली और हल्दी: मूली को धोकर छील लें। अब इस पर हल्दी छिड़कर इसे दिन में दो-तीन बार खाएं।

6. दूध और हल्दी: बवासीर होने पर उसके उपचार के साथ इसका बचाव भी जरूरी है। रोजाना गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर पिएं इससे के संक्रमण से बचाव होगा साथ ही अच्छी नींद भी आएगी।

ये भी आजमाएं

7. टब मे गुनगुना पानी भरकर उसमें हल्दी डालें। इस पानी में निर्वस्त्र होकर आधे घंटे तक बैठें।

8. हल्दी, आक का दूध और शिरीष के बीजों को कूटकर बवासीर के मस्सों पर लगाएं। जलन और दर्द से आराम मिलेगा।

9. किसी साफ रुमाल में बर्फ का टुकड़ा लपेट कर अपनी गुदा पर कुछ देर के लिए लगाएं। इससे दर्द और सूजन में बेहद राहत मिलेगी।

10. हल्दी से इलाज के साथ अपने खान-पान का भी ध्यान रखें। खाने में पानी की मात्रा बढ़ाएं और फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन करें। दूध में ईसबगोल मिलाकर पिदएं। ज्यादा देर तक एक जगह पर न बैठें। व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। खाने में जैतून का तेल और घी भी शामिल करें। इसके आलावा नारियल पानी और दाने सहित अनार भी खाएं। तले-भुने गरिष्ठ भोजन से परहेज करें।

बुढ़ापे तक सुन्दर और जवान रहना है तो रोज सुबह खाए ये चीज

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budhhape tak sundar jawan rahne ke liye khaye ye chij:- हर इंसान की हमेश सुन्दर और जवान रहने की ख्वाईश होती है, लेकिन ये बात भी सच है की बुढ़ापा तो हम सब को आना ही है और बुढ़ापा आने पर कई सारी बीमारी भी आजाती है और ऐसा लगता है की बस ज़िन्दगी ख़त्म हो गयी है।

बुढ़ापा आने पर इंसान का शरीर कमजोर हो जाता है और उसके शरीर में पहले जैसी ताकत नहीं रहती है। बुढ़ापा आने पर इंसान, लाचार हो जाता है और फिर से वो जवानी वाली ताकत पाना चाहता है, जिसके लिए वह कई सारी दवाइयों का भी इस्तेमाल करता है लेकिन फिर से वो ताकत नहीं पा सकता है, इसीलिए आज मै आपको एक ऐसी चीज़ बताने जा रहा हूँ जिसके सेवन से आप बुढ़ापा में भी जवानी जैसी ताकत पा सकते है।

आज मैं आपको जिस चीज़ के बारे में बताने जा रहा हूँ ये चीज़ बड़ी ही आसानी से और बहुत ही कम कीमत में मिल जाती है और इसका उपयोग करना भी काफी आसान है। इस चीज़ का नाम अजवाइन है। अजवाइन में कैल्शियम, पोटैशियम, आयोडीन, केरोटिन जैसे तत्व होते हैं जो हमें ताकत देने में काफी फायदेमंद होते है।

आइये जानते है अब इसका सेवन करने का तरीका.

अजवाइन को आप सोने से पहले और रात में भोजन के बाद खा लीजिये और याद रहे 10 ग्राम से ज़्यादा अजवाइन नहीं खानी है क्योंकि 10 ग्राम से ज्यादा अजवाइन खाने पर आपके शरीर पर बुरा सर पड़ सकता है इसीलिए सिर्फ 10 ग्राम ही अजवाइन खाये और 1 गिलास पानी पियें या फिर आप अजवाइन को पानी में मिला कर भी पि सकते है. अगर इसी तरह से आप अजवायन का सेवन करते हैं तो आपके बुढ़ापे में भी जवानी जैसी ताकत बनी रहेगी।

Source: www.m.dailyhunt.in

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस या गर्दन की गठिया का घरेलु इलाज़

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अगर आप भी सर्वाइकल के दर्द से काफी परेशान हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं जिससे आप न सिर्फ सर्वाइकल दर्द से बल्कि सर्वाइकल नाम की इस बीमारी से पूरी तरह निजात पा सकते हैं

सर्वाइकल स्पांडलाइटिस (cervical spondylosis) को गर्दन की गठिया (neck arthritis) के नाम से भी जाना जाता है। इस रोग में गर्दन के जोड़ में दर्द की शिकायत रहती है। यह जोड़ कार्टिलेज, ऊतक और सर्वाइकल स्पाइन में जुड़े रहते हैं।

सर्वाइकल स्पांडलाइटिस अधिकतर उम्र बढ़ने के साथ होने लगता है लेकिन कई दफा गर्दन पर दबाव पड़ने, बैठने-उठने के गलत पोश्चर से, धूम्रपान करने, वजन के बहुत ज्यादा होने, जेनेटिक कारणों और आलसी रहन सहन से भी शुरू हो सकता है।

1. नियमित व्यायाम (Daily excersise)- नियमित व्यायाम न करना भी सर्वाइकल स्पांडलाइटिस होने का बड़ा कारण है। नियमित व्यायाम से गर्दन के दर्द को कम किया जा सकता है।
(यदि किसी भी तरह के व्यायाम से दर्द बढ़ जाए तो व्यायाम को छोड़ दें)

2. गर्म और ठंडी सिकाई (Hot and cold fomentation)- गर्दन दर्द से निजात के लिए गर्दन की गर्म और ठंडी सिकाई करने से भी बहुत आराम मिलता है। गर्म सिकाई करने से रक्त संचार बेहतर होता है वहीं ठंडी सिकाई से सूजन और चुभन कम होती है।

कैसे करें उपचार-
गर्म सिकाई के लिए गर्म पानी की बोतल को तौलिया में लपेट कर गर्दन की सिकाई करें।
ठंडी सिकाई करने के लिए बर्फ (ice) के टुकड़ों को तौलिया में लपेटकर, उस तौलिया से सिकाई करें।
सिकाई करते वक्त कम से कम दो से तीन मिनट तक गर्दन की लगातार सिकाई होनी चाहिए।
15 से 20 मिनट में दोबारा दोहराएं। इस विधि को आराम होने तक दिन में दो बार करें।

3. लहसुन (Garlic)- यदि सर्वाइकल स्पांडलाइटिस के लक्षण नजर आएं तो लहसुन का इस्तेमाल बेहद अच्छे परिणाम दे सकता है। इसके औषधीय गुण गर्दन के दर्द, सूजन और जलन को ठीक करते हैं।

कैसे करें उपचार-
लहसुन की दो कली हर सुबह खाली पेट पानी के साथ खाएं।
खाना बनाने वाले किसी भी तेल में लहसुन की कुछ कलियां डाल कर भून लें। इस तेल को गुनगुना होने तक ठंडा करें और प्रभावित हिस्से की मालिश करें। इस विधि को दिन में दो बार किया जा सकता है।

4. हल्दी (Haldi)- हल्दी के औषधीय गुण किसी से छिपे नहीं है लेकिन अच्छी बात यह भी है कि यह सर्वाइकल स्पांडलाइटिस के दर्द में भी उतनी ही प्रभावी है। हल्दी रक्त संचार तेज करके गर्दन के दर्द से आराम देती है और गर्दन की अकड़न को भी कम करती है।

कैसे करें उपचार-
एक चम्मच हल्दी को दूध में डालकर उबालें और ठंडा होने पर इसमें शहद मिलाएं, इसे दिन में दो बार पीएं।

5. तिल (sesame seed)- सर्वाइकल स्पांडलाइटिस के उपचार के लिए आयुर्वेद की बेस्ट औषधि है तिल। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैग्नीज, कॉपर, जिंक, फॉस्फोरस और विटामिन के (vitamin k) तथा डी (vitamin d) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसी कारण यह हड्डियों के साथ साथ पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है।

कैसे करें उपचार-
तिल के तेल को गुनगुना करके लगभग 10 मिनट प्रभावित हिस्से की मसाज करें। इस क्रिया को दिनभर में तीन से चार बार करें।
गरम सीसम के तेल में कुछ बूंदे लेवेंडर के तेल की डालकर भी मसाज की जा सकती है।
तिल को हल्का सा भूनकर रोज सुबह चबाएं। इसके अलावा गरम दूध में भुने हुए तिल डालकर भी पीया जा सकता है। एक दिन में लगभग दो गिलास दूध पीएं।

6. अदरक (Ginger)- सर्वाइकल स्पांडलाइटिस के इलाज के लिए अदरक भी बेहतरीन प्रभाव दिखाता है। यह रक्त संचार (blood circulation) को तेज करता है जिससे गर्दन के दर्द से राहत मिलती है।

कैसे करें उपचार-
एक दिन में लगभग तीन कप अदरक की चाय पीएं। अदरक की चाय बनाने के लिए पानी में अदरक उबालें और ठंडा करके इसमें शहद मिलाएं। इस पेय को पीएं।
प्रभावित हिस्से की अदरक के तेल से मसाज भी की जा सकती है।

7. सेब का सिरका (Apple cider vinegar)- सेब साइडर सिरका भी सर्वाइकल स्पांडलाइटिस से राहत देने में बहुत अच्छा असर दिखाती है। यह गर्दन के दर्द और सूजन से राहत देता है।

कैसे करें उपचार-
किसी कपड़े को से साइडर सिरका में भिगोकर प्रभावित स्थान पर लपेटें और कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। दिन में दो बार इस विधि को करें।
दो कप सेब के सिरके को गुनगुने पानी में डालकर नहाया भी जा सकता है।
एक गिलास पानी में कच्चा सेब का सिरका और शहद मिलाकर पीने से भी लाभ होता है।

Source: www.health.raftaar.in

किचन के लिए दादी मां के 10 घरेलू नुस्खे, जरूर पढ़ें…

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सभी लोग अपनी घर की साफ-सफाई में तो ध्यान देते हैं मगर किचन की तरफ उनका ध्यान नहीं जाता जिसके कारण किचन में गंदगी होने लगती हैं. किचन में गंदगी होने के कारण अनेक रोगों के होने की सम्भावना बढ़ जाती है. रसोई की छोटी-छोटी परेशानियां अक्सर साथ मिलकर आपके तनाव को कई गुना बढ़ा देती हैं. रसोई से जुड़ी परेशानियों और उन्हें दूर भगाने के लिए आप कुछ घरेलू टिप्स की मदद ले सकते हैं. जिनके प्रयोग से आपके घर का किचन आसानी से चमक उठेगा.

  1. रसोई के सेल्फ में राख रखने से कीड़े  नहीं आते |
  1. सिंक में नेपथलीन बॉल (ball) डाल देने से कॉकरोच नहीं आते |
  1. बोरिक पाउडर व चीनी (sugar) की बराबर मात्रा कच्चे दूध में बनाकर रखें कॉकरोच नहीं आएंगे |
  1. रसोई के सेल्फ में ताजा नीम के पत्ते रखने पर कीड़े नहीं आते |
  1. चीनी के जार में 1-2 लौंग डालने पर चींटियां (ants) नहीं आएगी |
  1. खाने की मेज पर नमक मिले पानी से साफ़ करने पर मक्खियां (flies) नहीं आएगी |
  1. पानी में फिटकरी मिलाकर फर्श पौंछने से मक्खियां नहीं आती |
  1. कॉफी पाउडर तवे पर भूनकर धुंवां करने से मच्छर मक्खी  भाग जायेंगे |
  1. हल्दी पाउडर व बोरिक पाउडर छिड़कने पर भी चींटियां (ants) नहीं आएगी |
  1. मेथी के परांठे अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए थोड़ा बेसन डालें ,करारे (crunchy)  बनेंगे |

यह 5 चीजें खाना, खून की कमी कभी नहीं होगी

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पौष्टिक खान-पान ना होने से शरीर को सैंकड़ों बीमारियां घेर लेती हैं। जिसके बाद व्यक्ति अस्पताल के चक्कर लगाते-लगाते परेशान हो जाता है लेकिन उसे बीमारयों से निजात नहीं मिल पाता है सबसे ज्यादा व्यक्ति शरीर में खून की कमी ज्यादा बढ़ रही है, शरीर में हीमोग्लोबिन कम होना मतलब व्यक्ति के अंदर सारा आयरन गायब हो जाना और जब शरीर में आयरन की कमी होने लगती है तो उसे ऑक्सीजन में परेशानी होने लगती है.

ऐसे में अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में खून की कमी हो रही है तो आज से ही घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल करना शुरू कर दें. नीचे कुछ दाने बताये जा रहे हैं जो खून बनाने के लिए मशीन की तरह काम करते हैं यकीन न हो तो खुद आजमा कर देख लें.

बादाम

बादाम में भी भरपूर मात्रा में आयरन होता है खून की कमी वाले रोगी को रोजाना बादाम का सेवन करना चाहिए. बादाम में मैग्रीशियम होता है जो आपको 163 ग्राम कैलोरी का उपभोग करने में मदद करता है.

काजू

काजू न केवल खाने में स्वाद होता है बल्कि इसमे कई पौष्टिक गुण भी होते हैं, जो हमारे शरीर में खून बनाने में सहायक होते है. इसके लिए आपको डेली करीब दस ग्राम काजू खाने चाहिए. काजू से आयरन पर्याप्त मात्रा में मिलती है. इसलिए भारत जैसे गर्म देश में इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाता है. क्योंकि ज्यादा काजू खाना भी शरीर के नुकसानदायक हो सकते हैं.

पिस्ता

पिस्ता भी इंसान को स्वस्थ्य रखने में मददगार साबित हुआ है. 28 ग्राम पिस्ते में 1.1 मिलीग्राम आयरन होता है और भारत में पिस्ता आसानी से मिल जाता है. पिस्ते में आयरन के साथ-साथ मैग्रीरशियम और विटामिन बी भी होता है. सूखे पिस्ते का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए.

मूंगफली

2 चम्मच पीसी मूंगफली में 0.6 मिलीग्राम आयरन होता है जो शरीर के लिए बहुत लाभकारी हैं, साथ ही मूंगफली में पोटेशियम, मैग्रीलशियम और विटामिन बी भी काफी मात्रा में होता है.

चिलगोजा

चिलगोजा शरीर में रक्त बढ़ाने में सबसे बड़ा मददगार साबित होता है. दस ग्राम चिलगोजा में करीब 0.6 मिलीग्राम आयरन होता है. इसे भूनकर भी खाया जा सकता है नहीं तो कच्चा भी खा सकते है, साथ में चिलगोजा रक्त मं हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में काम करता है.

विटामिन बी12 की कमी के लक्षण और उपाय

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इन दिनों काफी लोग विटामिन B12 की कमी से पीडित हो रहे हैं। नियमित विटामिन B12 को अपनी डाइट में शामिल करने से हृदय स्‍वस्‍थ रहता है, त्‍वचा फ्रेश दिखती है, शरीर में खून की कमी नहीं हो पाती और बाल मजबूत बनते हैं।

विटामिन B12 की कमी के कुछ लक्षण 

  • अक्सर थकन और कमजोरी का रहना
  • खून की कमी होना
  • हार्टबीट तेज़ रहना
  • साँस फूलने की प्रॉब्लम रहना
  • लगातार कब्ज़ की प्रॉब्लम रहना
  • वजन का तेजी से घटना
  • मेमोरी कमजोर होना
  • सिरदर्द की प्रॉब्लम रहना
  • लूज़ मोशन की शिकायत रहना
  • जोड़ो में दर्द की प्रॉब्लम रहना

अगर आपको इनमें से एक से अधिक परेशानी है तो इसका अर्थ है कि आपके शरीर में विटामिन बी 12 की कमी हो रही है। चिकित्सकों का मानना है कि विटामिन बी 12 शरीर में रेड सेल्स के निर्माण के साथ-साथ डीएनए-आरएनए और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।

इसलिए अगर आपको अपने शरीर में विटामिन बी 12 की कमी के बारे में पता लगता है तो सबसे पहले आप अपने खान-पान के तरीके में बदलाव ला सकते हैं।

विटामिन बी 12 के लिए शाकाहारी वस्तुएँ:

भारत में सबसे बड़ा मिथक यह है कि विटामिन बी 12 के लिए अधिकतम मांसाहारी भोजन करना चाहिए। इसके लिए शाकाहारी भोजन में भी पर्याप्त विकल्प और किस्म उपलब्ध हैं। आइये आपको बताते हैं कि विटामिन 12 की कमी को शाकाहारी भोजन से कैसे दूर किया जा सकता है:

1. डेयरी प्रोडक्ट :

हर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में लगभग हर प्रकार के डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, पनीर, चीज़, दही, छाछ इत्यादि लेता ही है। यह सभी प्रोडक्ट विटामिन बी 12 के सबसे अच्छे सोर्स माने जाते हैं। इन सभी चीजों को अपनी सुविधानुसार कभी भी और किसी भी रूप में लिया जा सकता है।

2. साबुत अनाज:

वर्तमान जीवन शैली में भारतीय भोजन में साबुत और मोटा अनाज जैसे ब्राउन राइस, ओटमील जिसे जै भी कहा जाता है, विटामिन बी 12 की कमी को पूरा करने के लिए लिया जा सकता है। ओटमील सामान्य रूप से कम चिकनाई वाला भोजन माना जाता है और इसमें बी 12 के साथ बी 6 की मात्रा भी बहुत अधिक होती है।

3. सिट्रिस फ्रूट:

मौसम में मिलने वाले हर प्रकार के सिट्रिस फ्रूट जैसे संतरा, मौसमी, नींबू, अंगूर आदि को आप अपने नाश्ते में शामिल कर सकते हैं। इससे कभी भी आपको शरीर में विटामिन बी 12 की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

4. हरी सब्जी:

पालक, हरी फलियाँ , ब्रोकली और पत्ता गोभी ऐसी सब्जियाँ मानी जाती हैं जिनके नियमित सेवन से शरीर में विताम्न बी 12 की कमी नहीं होने पाती है। बीन्स और ब्रोकली पूरी तरह से विटामिन बी से युक्त आहार माना जाता है।

5. सूखे मेवे:

वैसे तो सभी सूखे मेवे और सूखे बीज बहुत पौष्टिक और हेल्थी स्नेक माने जाते हैं। लेकिन फिर भी यदि आप बादाम और सूरजमुखी के बीज और मूँगफली लेते हैं तो यह कभी भी विटामिन बी 12 की कमी नहीं होने देंगे।

6 केला:

अगर आप सप्ताह में 3-4 केले अपने मेन्यू में शामिल कर लेते हैं तो अगर आप विटामिन बी 12 की कमी से परेशान हैं तो वो हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।

7. दालें:

दाल भारतीय भोजन का अभिन्न हिस्सा होता है। दालें प्रोटीन के साथ ही विटामिन बी 12 से भी भरपूर होती हैं।

8. मशरूम:

शाकाहारी भोजन में मशरूम सबसे अधिक पौष्टिक भोजन माना जाता है। अगर आप शाकाहारी भोजन से विटामिन बी 12 की कमी को पूरा करना चाहते हैं तो मशरूम को अपने दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं।

9. सोया प्रोडक्ट:

सोया प्रोडकट में सोया दूध, सोया पनीर और टोफू शामिल होते हैं। आप इनके सेवन से अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही विटामिन बी 12 की कमी को भी रोक सकते हैं ।

तोंद कम करने के घरेलु नुस्खे

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कमर और पेट के आसपास इकट्ठा हुई अतिरिक्त चर्बी से किडनी और मूत्राशय में भी दिक्कतें होना शुरू हो जाती हैं। रीढ़ की हड्डी पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है और जिसके चलते आए दिन कमर दर्द और साइड दर्द होता रहता है। अगर आप तोंद से छुटकारा पाकर फिर से उसे पेट बनाने की सोच रहे हैं तो यहां दिए जा रहे हैं 10 ऐसे उपाय जिसे करने में आपको अतिरिक्त श्रम नहीं करना पड़ेगा। जरूरी नहीं कि सभी 10 उपाय आप आजमाएं। किसी भी एक उपाय को नियमित करें तो 1 माह में लाभ नजर आने लगेगा।

तोंद कम करने के घरेलु नुस्खे

पेट की चर्बी कम करना बहुत जरूरी है, नहीं तो यह समस्या आगे बढ़ती जाती है। जहां मोटापा अपनी जगह बनाता है, वहां कई सारी बीमारियां या भी अपनी जगह बनाते हैं। इसीलिए मोटापा कम करना बहुत जरुरी है।

1. करेले का जूस
प्रतिदिन सवेरे उठ के करेले का जूस बनाकर पीने से पेट की चर्बी कम होने लगती है। १५ दिन तक यह उपाय आजमाएं, आपको आपके पेट में फर्क दिखाई देगा।

2. शहद का उपयोग करे 
प्रतिदिन खाली पेट शहद गुनगुने पानी के साथ सेवन करे, मोटापा कम करने के लिए शहद बेहद गुनकारी है।

3. गरम पानी पीए
गरम पानी पीना शुरू करे, गरम पानी में निम्बू का रस मिलाये, और जब भी आप प्यास लगे तो वह ही पानी पीए।

4. प्रतिदिन व्यायाम करे
प्रतिदिन सुबह उठ के ३० मिनट तक व्यायाम करे, यह प्रक्रिया प्रतिदिन १ महीने तक दोहराएं, आपके पेट की चर्बी कम होने लगेगी।

5. ३-४ बार खाना खाएं 
भारी मात्रा में खाना ना खाएं, दिन में २ बार खाने की बजाह दिन में ३-४ बार थोड़ा थोड़ा खाना खाएं। रात में खाना खाने के बाद कुछ देर इधर-उधर टहले।

6. शक्कर से परहेज करे
खाने में प्रतिदिन दही, छाछ का उपयोग करे, शक्कर से परहेज करे।

7. समय पर सोएं
समय पर सोएं और प्रतिदिन 8 घंटे नींद ले, पूरी तरह नींद न होने से हम मोटापे की शिकार हो जाते हैं।

8. उपवास करे
सप्ताह में एक दिन उपवास करे, अगर भूख अधिक सताए तो निम्बू पानी पीए।

9. पानी से परहेज 
खाना खाने के तुरंत बाद पानी ना पीए, खाने के 30 मिनट बाद ही पानी पीए, अगर प्यास अधिक सटाये तो थोड़ा सा गरम पानी पीए।

10. कच्चा पपीता खाये
अधिक तेल के पदार्थ ना खाएं, खाने में हरी सब्जिया, फल आदि का सेवन करे, खाना खाने के बाद कच्चा पपीता खाये, मोटापा कम करने में पपीता गुणकारी है।

नियमित व्यायाम करे, खाने-पीने में परहेज करे, समय पर खाये, समय पर सोये, तनाव मुक्त रहे। यदि आप यह सब उपाय आजमाते हो तो यक़ीनन आपकी पेट की दूर भाग जाएगी।

बरसाती कीड़े-मकौड़े के काटने पर ये घरेलू उपाय तुरंत करें

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बरसात के दिनों में विभिन्न प्रकार के कीड़े-मकौड़े जन्म लेते हैं जो कि खास बारिश के सीजन में ही बाहर निकलकर आते हैं। इंसानों के संपर्क में आने के बाद अक्सर ये कीड़े उन्हें काट लेते हैं। जिसकी वजह से कई बार तेज दर्द, जलन और सूजन का सामना करना पड़ता है।

कई बार इन्फेक्शन भी हो जाता है और ये पूरे शरीर की त्वचा तक फैल जाता है। इन कीड़ों के काटने को कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए। ऐसा होने पर फौरन कुछ घरेलू उपाय करने चाहिए।

शहद

कीड़े मकौड़े काटने पर तत्काल उपाय के तौर पर शहद का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मौजूद एंजाइम जहर को फौरन कम करने में मदद करते हैं। इसका एंटी बैक्टीरियल गुण संक्रमण नहीं बढ़ने देता। यह खुजली को भी कम करता है। इसे हल्दी के साथ मिलाकर लगाएं ज्यादा फायदा होगा।

बर्फ की सिंकाई

यदि चींटी, मधुमक्खी या किसी बरसाती कीड़े ने काट लिया हो जिसके बाद प्रभावित हिस्सा लाल और सूजनयुक्त हो गया हो तो उस वक्त फौरन बर्फ की सिंकाई करनी चाहिए। बर्फ की सिंकाई प्रभावित हिस्से की जलन को कम करती है और सूजन को भी हटाती है। किसी कपड़े में बर्फ का टुकड़ा रखकर प्रभावित हिस्से की 20 मिनट तक सिंकाई करें। ऐसा करने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाएंगी और दर्द, खुजली का एहसास नहीं होगा।

तुलसी की पत्तियां

खुजली, जलन और सूजन कम करने के लिए प्रभावित जगह पर तुलसी की पत्तियां रगड़ें। तुलसी एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है जो कि इन्फेक्शन को दूर रखती है।

टूथपेस्ट

यदि किसी ततैया या बर्र ने काट लिया हो तो घर में मौजूद टूथपेस्ट को प्रभावित हिस्से में लगा दें। टूथपेस्ट में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं इसलिए ये दर्द और सूजन को कम करता है। इसमें मौजूद मिंट जलन कम करने के काम आता है।

बेकिंग सोडा

कीड़ों के काटने पर बेकिंग सोडा भी एक अच्छा प्राकृतिक उपचार है। इसकी क्षारीय प्रकृति कीड़ों के डंक को बेअसर कर देती है। यह दर्द और खुजली से तत्काल आराम देता है। इसमें मौजूद एंटीइफ्लेमेटरी गुण सूजन, दर्द और लालिमा को कम करते हैं। किसी कीड़े के काटने पर बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें, प्रभावित हिस्से पर पेस्ट लगाएं और 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो दें। जरूरत हो तो इस नुस्खे को दिन में तीन बार दोहरा सकते हैं

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