जाने कैसे करे अस्थमा या दमा को नियंत्रित

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अस्थमा के कारण श्वासनली या इसके आसपास के जुड़े हिस्सों में सूजन आ जाती है। जिस कारण सांस लेने में दिक्कत आने लगती है। इतना ही नहीं, इससे फेफडों में हवा ठीक से नहीं जा पाती। नतीजतन सांस की समस्या, खांसी इत्यादि होने लगती है। यही अस्थमा की शुरुआत है। अस्थमा के कई लक्षण हैं, इनको आराम से पहचाना जा सकता है। जैसे जब आप जल्दी-जल्दी सांस लेने लगें, सांस लेने में दिक्कत हो, खांसी हो, पसलियां चल रही हों आदि…

सर्दियों के आते ही एलर्जी, सर्दी, खांसी, जुकाम होना आम बात है। ऐसे में उन लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है, जो दमा यानी अस्थमा से पीडि़त हैं। क्या आप जानते हैं विश्व में लगभग तीस करोड़ लोग दमा से पीडि़त हैं। ऐसे में सर्दियां आते ही दमा पीडि़त लोगों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। क्या आप जानते हैं अस्थमा या दमा को नियंत्रण में करने के तरीके क्या हैं। तो आइए जानें दमा पर काबू पाने के लिए क्या करें।

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अस्थमा नियंत्रण के तरीके

  1. अस्थमा रोगियों के लिए व्यायाम करना बेहद जरूरी होता है।
  2. समय-समय पर अपनी जांच करवाएं।
  3. पालतू जानवरों के बहुत करीब न जाएं और उन्हें हर सप्ताह नहलाएं।
  4. अस्थमा होने पर धूम्रपान से दूर रहें और धूम्रपान करने वाले लोगों से भी दूरी बनाएं।
  5. अस्थमा अटैक होने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें अन्यथा इनहेलर का प्रयोग करें।
  6. अस्थमा रोगी के लिए बचाव बेहद जरूरी है, ऐसे में आप धूल-मिट्टी से दूर रहें। साफ.-सफाई करने से बचें और पुराने धूल-मिट्टी के कपड़ों से दूर रहें।

घरेलू नुस्खे अपनाये

यदि आप अस्थमा से पीडि़त हैं तो आपको चाहिए कि आप कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाएं जिससे आप अस्थमा को नियंत्रि‍त कर सकें।

  • उबले हुए लौंग के गर्म पानी में शहद मिलाकर काढ़ा बनाकर पीएं। ये बहुत लाभकारी है।
  • अदरक की गर्म-गर्म चाय भी अस्थमा के दौरान बहुत लाभकारी होती है। इसके साथ ही आप गर्म चाय में लहसुन की कुछ कलियां मिलाकर चाय का सेवन करें ये भी अच्छा उपाय है।
  • अस्थमा के इलाज के लिए सबसे कारगर होता है लहसुन। यदि आप दूध में लहसुन की कुछ उबालें और प्रतिदिन दूध के साथ इसका सेवन करें तो आपको अस्थमा नियंत्रण में बहुत आराम मिलेगा।
  • अजवायन का गर्म पानी और इसकी भाप भी अस्थमा रोगियों के लिए फायदेमंद होती है।
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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