वज़न घटाने से लेकर एनीमिया से बचाव तक, जानिये सूजी (रवा) के 10 जबरदस्त फायदे

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सूजी को गेहूं का ही एक प्रकार कह सकते हैं। इस को रवे और सेमोलिना भी कहा जाता है। इस का इस्तेमाल हलवे, इडली, रवा डोसा और उपमा आदि के लिए किया जाता है। यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि ये खाने में बहुत हल्की होती है। इसी वजह से छोटे बच्चों, ऐसे बुजुर्गों जिनके दांत नहीं होते और मरीज़ों को इस से बनी डिश दी जाती हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि इसको खाने से भी हमारे शरीर को काफी सारे स्वास्थ्य लाभ पहुंच सकते हैं?

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अगर आप पास्ता, पिज्जा या ब्रेड को बनाने के लिये घर पर मैदे का प्रयोग करती हैं तो उसकी जगह पर सूजी का प्रयोग करना फायदेमंद हो सकता है। इसमें ना तो कोलेस्ट्रॉल होता है और ना ही ट्रांस फैट। इसमें ढेर सारी मात्रा में प्रोटीन होता है। वे लोग जिन्हें मधुमेह है या फिर वजन घटाने के लिये डायटिंग पर हैं, उनके लिये इसे खाना फायदेमंद हो सकता है।

इस में मौजूद फॉस्फोरस, जिंक, मैग्नीशियम नर्वस सिस्टम को सही रखने में मदद करते हैं। साथ ही प्रोटीन की भरपूर मात्रा त्वचा व मांसपेशियों के लिए लाभकारी है। सूजी में पाया जाने वाला सेलेनियम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। यह कई तरह के इंफेक्शन से बचाता है साथ ही प्रतिरोधक तंत्र को अनेक प्रकार की बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार करता है।

नाश्ते में सूजी के साथ यदि सब्जियों का भी प्रयोग किया जाए तो यह अधिक पौष्टिक हो जाती है। इस में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है। इससे शरीर में खून की कमी नहीं होती व विभिन्न अंगों को भरपूर एनर्जी मिलती रहती है। इस में मौजूद फाइबर पाचनक्रिया को दुुरूस्त रखने में मददगार है। इसमें कैल्शियम, सेलेनियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम जैसे कई मिनरल्स होते हैं जो पाचनतंत्र को सही रखने के लिए जरूरी हैं।

आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं कि सूजी आपकी सेहत के लिये कैसे अच्छी साबित हो सकती है। इसे अपने आहार में नियमित रूप से शामिल करें। आइये जानते हैं इसके सभी फायदों के बारे में विस्तार से।

मोटापा

जब खाना धीरे धीरे हजम होगा तो, जल्‍दी भूख नहीं लगेगी। इसमें ढेर सारा फाइबर भी होता है जिस कारण से यह धीरे हजम होती है तो यह आपके लिये अच्‍छी है।

डायबिटीज

यह डायबिटीज़ रोगियों के लिये अच्‍छा आहार है क्‍योंकि इसका glycemic index कम होने की वजह से शुगर बढ़ने का खतरा नहीं रहता। मैदे के मुकाबले यह रक्‍त में अवशोषण होने में अधिक समय लगाती है, जिससे रोगियों में रक्‍त शर्करा कम ज्‍यादा होने का खतरा नहीं रहता।

एनर्जी बढाए

सूजी में कार्बोहाइड्रेट ज्‍यादा होने की वजह से शरीर में एनर्जी बढ़ती है। इसे सुबह ब्रेकफास्‍ट में खाने से दिन भर शरीर में एनर्जी रहेगी और आप हमेशा एक्‍टिव रहेंगे।>

हड्डियों और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखे

सूजी आपकी हड्डियों और नर्वस सिस्टम के लिए भी अच्छी है। ये हड्डियों का घनत्व बढ़ाकर उनको मज़बूत बनाती हैं और स्वस्थ रखती हैं। इसमें फास्फोरस, ज़िंद और मैग्नीशियम होता है जो कि नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के काम आता है।

बॉडी के लिए संतुलित आहार

सूजी में ढेर सारा जरुरी पोषण होता है, जैसे- फाइबर, विटामिन बी कॉम्‍पलेक्‍स और विटामिन ई आदि। साथ ही इसमें फैट, कोलेस्‍ट्रॉल और सोडियम भी नहीं होता। साथ ही इसमें ढेर सारे मिनरल्‍स भी होते हैं। इसलिये यह एक संतुलित आहार है।

दिल के लिए अच्छी

सूजी आपके लिए टॉनिक की तरह होती है। ये आपकी दिल की सेहत को बेहतर बनाती है और दिल के दौरे का जोखिम कम करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेमोलिना यानी सूजी में सेलेनियम बहुत उच्च मात्रा में होता है जो कि इंफेक्शन को रोक कर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

ओवरईटिंग से बचाए

Suzi डूरम (एक प्रकार का गेहूं) से बनती है जो आपके पेट को देर तक भरा हुआ रखती है। इससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। दूसरे शब्दों में, आप कम वक्त में वज़न घटा सकते हैं। सूजी बहुत धीरे-धीरे पचती है जिससे आपका फैट कम होने के चांस बढ़ जाते हैं।

शरीर की कार्य क्षमता बढाए

आवश्यक विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्वों के कारण, सूजी शरीर के कई कार्यों को बढ़ावा देती है। यह दिल और गुर्दे की कार्य क्षमता को बढाती है। साथ ही यह मासपेशियों को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद भी करती है। यह हड्डियों, त‍ंत्रिका और मासपेशी को स्‍वस्‍थ रखने का कार्य करती है।

एनीमिया से बचाव

सूजी में आयरन की भरपूर मात्रा होने के कारण ये शरीर में खून की कमी को पूरा करने के साथ- साथ शरीर को तंदरुस्त रखने और एनीमिया जैसी बीमारी से बचाव करती है।

हाई कोलेस्‍ट्रॉल से बचाए

जैसा पहले बताया गया है कि सूजी में लो फैट और कोलेस्‍ट्रॉल बिल्‍कुल भी नहीं होता इसलिये यह उन लोगों के लिये अच्‍छी है जिनका कोलेस्‍ट्रॉल बढ जाता है। इसमें ना तो trans fatty acids होता है और ना ही saturated fat हेाता है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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