सिर्फ 2-3 खजूर आपके शरीर को फौलाद बना देगी, कब्ज, रक्त बढ़ाना,वजन बढ़ाना,हृदय आदि 200 रोगों का स्थाई रामबाण उपाय

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खजूर फल पौष्टिक तत्वों का बहुत बड़ा खजाना होता है । यह शरीर की सप्त धातुओं की पुष्टि करके शरीर को फौलाद की तरह बनाने में सक्षम होता है । इसके बारे में एक तथ्य यह भी है की खजूर का पेड़ जितना बड़ा होता है इसके फल उतने ही छोटे होते हैं । मूल रूप से यह अरब देशों में पाया जाता है और अपने स्वाद और गुणों के कारण आज सम्पूर्ण विश्व में समान रूप से पाया जाता है । खजूर को ही सुखाकर छुहारा बनाया जाता है ।

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खजूर में पाये जाने वाले पोषक तत्वों में फाईबर, विटामिन ए, बी-कॉम्प्लेक्स, विटामिन के, ऑयरन, कॉपर, मैगनीशियम, मैगनीज़ आदि पाये जाते हैं ।

अब बात करते हैं खजूर से मिलने वाले स्वास्थय लाभों के बारे में। 

खून की कमी दूर करे

खजूर में शरीर के लिये लाभकारी और शरीर द्वारा आसानी से स्वीकार किया जाने वाला ऑयरन तत्व पाया जाता है । अतः खून की कमी से परेशान लोगों के लिये खजूर वास्तव में किसी वरदान से कम नही है । रक्ताल्प्तता के रोगियों के लिये रोज दो बार 2-2खजूर खाना पर्याप्त होता है ।

कब्ज़ में स्थाई आराम

कब्ज़ का मुख्य कारण होता है आँत में खुश्की होना और खजूर आँतों की खुश्की को पूरी तरह से खत्म करता है । खजूर के द्वारा कब्ज़ को पूरी तरह खत्म करने के लिये रोज सुबह दो-तीन खजूर को एक कटोरी ताजे पानी में डुबोकर रख दीजिये और रात होने तक रखा रहने दीजिये । रात को सोते समय इन खजूरों को खूब चबा चबा कर खा लीजिये । यह प्रयोग 7-15 दिनों तक लगातार कीजिये ।

वजन बढ़ानें में लाभकारी

खजूर में सभी पोषक तत्व तो पाये ही जाते हैं इसके अतिरिक्त यह कैलोरी और ग्लुकोज़ का भी बहुत अच्छा स्रोत है जिस कारण से यह दुबले-पतले लोगों में वजन बढ़ाने का काम कर सकता है । वजन बढ़ाने का लाभ उठाने के लिये14 साल से अधिक उम्र के लोग रोज पूरे दिन में 10-12खजूर खूब चबा चबा कर खायें ।

ऊर्जा देता है

खजूर में शरीर को तुरंत ऊर्जा देने की प्राकृतिक शक्ति होती है क्योंकि इसमें शुगर अधिक मात्रा में पायी जाती है । यह शुगर ग्लुकोज़ और फ्रक्टोज़ दोनों ही रूप में उप्लब्ध होती है । इस कारण से जब भी शरीर को अधिक ऊर्जा की जरूरत हो तो 2-3 खजूर खाकर ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।

नाड़ीतंत्र को मजबूत करे

शरीर का नाड़ीतंत्र सबसे ज्यादा उलझे हुये तंत्रों में माना जाता है । सम्पूर्ण शरीरेंद्रियों का मस्तिष्क के साथ सम्पर्क मुख्यतः नाड़ीतंत्र के द्वारा ही सम्भव हो पाता है । खजूर नाड़ीतंत्र का परम मित्र सिद्ध होता है । खजूर में उपलब्ध पोटाशियम नाड़ीतंत्र के लिये बहुत जरूरी होता है । साथ ही साथ यह रक्त्चाप को नियमित रखता है और हृदय को भी मजबूत करता है ।

इन सबके अलावा खजूर से तैयार होने वाले कुछ प्रमुख घरेलू नुस्खे निम्न लिखित हैं –
  1. प्रतिदिन खजूर खाने और साथ में दूध पीने से शरीर को भरपूर शक्ति मिलती है । खजूर के सेवन से वीर्य की वृद्धि होती है ।
  2. दो खजूर को दूध में उबालकर ख्हने से और साथ में वही दूध पीने से शरीर में शक्ति का संचार होता है ।
  3. हृदय रोगी यदि 4-5 खजूर रोज खायें तो यह उनकी रक्तवाहीनियों में रक्त का संचार सरल होता है जिससे रक्तसंचार के अवरोध होने से हृदय रोग की भावना नष्ट होती है।
  4. पाँच-सात खजूर रात भर पानी में भिगोकर सुबह उनकी गुठली निकालकर, गूदे को शहद के साथ खाने से लीवर और तिल्ली बढ़ने के रोग खत्म होते हैं ।
  5. खजूर को काली मिर्च के चूर्ण के साथ दूध में उबाल कर पीने से पुराना सूखा नजला ठीक होता है ।
  6. खजूर, मिश्री, मक्खन मिलाकर गरम दूध के साथ खाने से सूखी खाँसी ठीक होती है ।
  7. खजूर को जल में उबाल कर, उसमें 2-3 ग्राम मेथी दाना का चूर्ण मिलाकर रोज खाने से महिलाओं का कमर का दर्द जल्दी ही ठीक हो जाता है ।

विशेष नोट- खजूर बहुत ही मीठा होता है जिस कारण से यह शरीर में खून की शुगर के स्तर को एक दम से बढ़ाता है । अतः मधुमेह के रोगियों को खजूर का सेवन नही करना चाहिये। ऐसे रोगी यदि खजूर खाना ही चाहते हैं तो पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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