जानिए अरबी का सेवन किन बीमारियों में फायदेमंद है

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आपने अरबी की सब्जी जरूर खाई होगी। भारत में सभी राज्यों में अरबी खायी जाती हैं। इसमें विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, प्रोटीन के अलावा आयरन आदि महत्वपूर्ण पोषक तत्व रहते हैं। अरबी शरीर को ताकत देती है। अरबी में भारी फाइबर और कैलोरी की कम मात्रा की वजह से यह वजन घटाने का काम करती है।

आइये आपको बताते है अरबी के फायदों के बारे में-

अरबी के फायदे

महिलाओं के दूध की वृद्धि

अरबी की सब्जी रोजाना खिलाने से कुछ ही दिनों में स्त्रियों के स्तनों में दूध की वृद्धि होने लगती है।

त्वचा की सेहत

अरबी की जड़ों में विटामिन ए और ई पाया जाता है। इसकी वजह से यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद ये सभी विटामिन शरीर की त्वचा को लंबे समय तक सेहतमंद और चमकदार बनाए रखते है। एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से यह त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

हृदय रोग

अरबी की सब्जी पचीस ग्राम मात्रा में रोजाना खाने से ह्रदय रोग में लाभ होता है।

पेशाब की जलन

पेशाब में होने वाली जलन को दूर करने के लिए अरबी के पत्तों के दस ग्राम रस को तीन-चार दिन तक सेवन कीजिए। असर देखने को मिलेगा।

झुर्रियां

अरबी की सब्जी बनाकर खाने से चेहरे की झुर्रियां और त्वचा की शुष्कता दूर होती है।

वायु गुल्म (वायु का गोला)

अरबी के पत्तों को उबालकर, उसको छानकर, फिर उसमें घी मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से वायु के कारण उत्पन्न गुल्म समस्या दूर होती है।

उच्च रक्तचाप

डॉक्टरों की माने तो उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करने के लिए अरबी एक गुणकारी सब्जी है।

वजन कम करने में सहायक

अरबी वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। जो लोग वजन कम करना चाहते है उनके लिए अरबी ऐसा करने में सहायक होता है।

खून निकलने पर

अरबी के पत्तों का रस निकालकर किसी हल्के आघात से होने वाले खून निकलने पर लेप करने से तुरंत खून निकलना बंद हो जाता है।

कैंसर

अरबी में विटामिन ए, बिटामिन सी के साथ एंटीऑक्सीडेंट भी होते है। ये शरीर को कैंसर से मुक्त रखनके में मददगार होते है।

पित्त प्रकोप

अरबी के ताजे, कोमल पत्तों का रस निकालकर, दस ग्राम मात्रा में लेकर उसमें थोड़ा-सा भूना हुआ जीरा पीसकर, मिलाकर सेवन करने से पित्त समस्या दूर होती है।

डायबिटीज

अरबी की जड़ों में प्राकृतिक फाइबर मौजूद होता है जिससे शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन की मात्रा उचित स्तर पर बनी रहती है। लो ग्लाइकेमिक इंडेक्स की वजह से अरबी मधुमेह से शरीर को मुक्ति दिलाने में सहायक होता है। साथ ही बीमारी दूर करने में भी अहम भूमिका निभाता है।

अरबी से हानि

  1. गैस से पीडित रोगियों को भी अरबी का सेवन हानि पहुंचाता है।
  2. प्रसव के बाद अरबी का सेवन करने से वात विकार की उत्पत्ति की अधिक सम्भावना रहती है।
  3.  कच्चे रूप में अरबी का पौधा जहरीला हो सकता है।
  4. अरबी का सेवन वात विकारों से पीडित रोगियों के लिए हानिकारक होता है, इसलिए ऐसे रोगियों को अरबी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  5. अरबी के पत्ते कफ को बढ़ाते हैं इसलिए अस्थमा से पीडित स्त्री-पुरूषों को अरबी के पत्तों की सब्जी नहीं खानी चाहिए।
  6. इसके अलावा जिन लोगों के  घुटनों में दर्द होने की शिकायत हो और खांसी हो उन्हें भी अरबी का सेवन नहीं करना चाहिए।
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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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