जाने कैंसर रोगियों के लिए कितना लाभप्रद है एलोवेरा

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एलोवेरा एक औषधि के रूप में जानी जाती है। इसका उपयोग हम प्रचीन काल से ही करते आ रहें हैं। क्योंकि यह एक संजीवनी बूटी की तरह कई रोगों के इलाज के लिए उपयोग में लाई जाती है। दिखने में हरा और किनारे की ओर कांटेदार आकृति लिए हुए यह एलोवेरा संजीवनी के नाम से भी जाना जाता है। इसके कई नाम है जैसे-ग्वारपाठा, धृतकुमारी। बहुत से फायदों की वजह से इसे चमत्कारी पौधा भी कहते है। एलोवेरा की २०० से अधिक प्रकार की प्रजातियां पाई जाती है। एलोवेरा के पौधे में रस सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। एलोवेरा के रस में कई रासायनिक तत्वों के गुण भी पाए जाते हैं जैसे १८ अमीनो एसिड ,१२ विटामिन और २० खनिज पाए जाते है। इसके अलावा कई अन्य यौगिक तत्व भी इसमें पाए जाते हैं।

एक औषधि के रूप में उपयोग में लाए जाने वाला यह एलोवेरा कई पोष्टिक तत्वों से भरा पड़ा है। इनमें 12 विटामिन, 18 अमीनो एसिड, 20 खनिज, 75 पोषक तत्व और 200 सक्रिय एंजाइम शामिल हैं। इसके अलावा कई रासायनिक गुण खनिज कैल्शियम, जस्ता, तांबा, पोटेशियम, लोहा, सोडियम, मैग्नीशियम, क्रोमियम और मैंगनीज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और इसमें विटामिन के गुण भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन बी 12, बी 6, बी 2, बी 1, विटामिन ए, बी 1, बी 2, बी 6, नियासिन और फॉलिक एसिड शामिल है। इसके उपचार से हमें कई साकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

कैंसर में फायदेमंद है एलोवेरा

एलोवेरा की पत्तियों का इस्तेमाल औषधि के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है। अगर कैंसरसोराइसिस के मरीज तीन माह तक एलोवेरा का जूस पीयें तो इसका उनके शरीर पर अच्छा असर देखने को मिलता है। एलोवेरा में कैंसररोधी तत्व पाये जाते हैं जो कि कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। कैंसर रोगियों के लिए रोज सुबह शाम 50 ग्राम एलोवेरा का जूस पीना लाभकारी होता है। एलोवेरा के जूस का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे कैंसर ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान रोगी को केला, पपीता, अंकुरित चनाहरी सब्जियां ले सकते हैं।

cancer

कैंसर के उपचार में आयुर्वेदिक व प्राकृतिक चिकित्सा काफी लाभदायक होती है। कैंसर जैसे असाथ्य रोग में एलोवेरा जैल का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। ऐसा देखा गया है कि एलोवेरा में निहित औषध तत्व उन कैंसरग्रस्त कोशिकाओं की भी रोकथाम कर लेते है जिन्हें कीमोथैरेपी भी रोक नहीं पाती। कैंसर के इलाज में जब अंग्रेजी दवाएं काम नहीं करती तो ऐसे में एलोवेरा का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है। ऐसे में ऐलोवेरा कैंसर के इलाज में काफी मददगार साबित होता है। सिर्फ एलोवेरा या दवाएं देने के बजाय अगर एलोवेरा और हल्की मात्रा में कैंसर रोधक दवाएं साथ-साथ दी जाएं तो कैंसर कोशिकाओं पर काफी कारगर असर पड़ता है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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