ये चीज हाइट तेजी से बढ़ाये, चेहरा चमकाए, हड्डियों को फौलाद बनाये

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समतल भूमी पर होने बाले बांस (Bamboo) चालीस से पचास फीट तक लम्बे होते हैं. इसकी लकड़ी अत्यधिक लम्बी और लचीली होती है. इसके पत्ते लम्बे और नुकीले होते हैं. इसके बीज गेहूं के दाने जैसे होते हैं.चालीस पचास साल के बाद इस पे बीज आते  हैं. इसकी पैदा बार खुद पे खुद बढती है. इस के आस-पास के अंकुरण से इसकी पैदा बार बढती चली जाती है. इसी तरह अगर एक सूख जाये तो आठ दस सूख जाते हैं.

बांस (Bamboo) परिचय गुण तथा आयुर्वेदिक उपयोग

बांस (Bamboo) के गुण

इस से बहुत सारी वस्तुएं बनाई जाती हैं. जिन का हम अपने जीवन में रोज प्रयोग करते हैं. जैसे- टोकरी, चटाई. सूप, पंखे, कुर्सीयों, कोच, पलंग आदि तो बनाये ही जाते हैं. इसके अलाबा निर्धन वर्ग इन का घर बनाने के लिए प्रयोग करता है. सामन्यतय: इसे हरेक घर में खाट के पायों और लकड़ी की सीड़ी के रूप में देखा जाता है.

इसको कई अन्य नामों से जाना जाता है – वंश, वेणु, बेल, चिवा, विदिरू,गला, एला, मुंगिल आदि भी कहते हैं.

– बांस की कच्ची शाखाओं (Bamboo shoots) व कोंपलों में प्रोटीन, विटामिन A, विटामिन E, विटामिन B6, कैल्शियम, पोषक तत्व और मैगनिशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, आयरन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, सेलेनियम जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं. इसके अतिरिक्त बांस में 19 प्रकार के एमिनो एसिड्स पाए जाते हैं, जोकि सेहत के लिए लाभकारी होते हैं.

– बांस के रस में अदरक का रस, शहद मिलाकर पीने से खांसी शांत होती है. बांस के फूल का 2-3 बूँद रस दिन में 3-4 बार कान में डालने से बहरेपन के रोगी को आराम मिलता है और धीरे धीरे सुनाई देने लगता है.

– बांस की कोंपलों में काफी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है अतः इसे खाने से हड्डियाँ मजबूत होती है, बच्चों की लम्बाई भी बढ़ती है.

– बांस की पतली टहनी से दातुन करने से दन्त-रोग, मुख की दुर्गन्ध, दांतों का दर्द दूर होते हैं.

– बांस (Bamboo) के बने भोज्य पदार्थ जैसे बांस की सब्जी, बांस मुरब्बा, अचार खाने से वजन और कोलेस्ट्रोल घटता है, ब्लड शुगर काबू में रहता है.

– पुराने और मोटी बांस की गांठो में सफ़ेद क्रिस्टल जैसा पदार्थ पाया जाता है, जिसे वंशलोचन (Bamboo Manna) कहा जाता है. शीतल प्रवृत्ति वाले इस पदार्थ के कई फायदे हैं. वंशलोचन का प्रयोग शरीर को बलवान, ह्रदय और पेट को मजबूत बनाता है.

– वंशलोचन कई आयुर्वेदिक दवाओं जैसे कायाकल्प वटी, चन्द्रप्रभा वटी, सितोपलादि चूर्ण आदि बनाने में प्रयोग होता है. वंशलोचन पेट के अल्सर, बालों बढ़ाने और मजबूत करने, खांसी-जुकाम, रक्त-विकार, Skin problem, Asthma, गठिया रोग में काफी असरकारक माना जाता है.

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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