इन 8 चीजों को एक-साथ खाने से बनता है शरीर में ज़हर, भूल से भी न खाये

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आयुर्वेद में सही कॉम्बिनेशन वाले खाने पर जोर दिया जाता है. आयुर्वेद के मुताब‍िक अलग-अलग नेचर की चीजों को एक साथ नहीं खाना चाहिए. यानी कि जिनका तापमान बहुत ठंडा या गर्म, स्‍वाद मीठा और नमकीन, गुण हल्‍का और भारी और तसीर ठंडी और गर्म अलग-अलग हो, उन्‍हें एक साथ नहीं लेना चाहिए. यहां पर हम आपको खाने-पीने की कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्‍हें एक साथ खाने की सख्त मनाही है..

इन चीजों को एक-साथ खाने से बनता है शरीर में ज़हर

  • शहद और घी बराबर-बराबर की मात्रा में मिलाकर खाने से विष-सा प्रभाव होता है और इससे फालिज रोग तक हो सकता है.
  • दूध और दूध से बनी खाद्य सामग्री के साथ खट्टी चीजें खाने से मिचली और बदहजमी की शिकायत होती है.
  • खिचड़ी और खीरा, पनीर और दही, अंगूर और शहद, केले के बाद दही या लस्सी खाना या पीना पेट दर्द पैदा करता है.
  • लहसुन के साथ खरबूजा और शहद खाने से रक्त खराब होता है.
  • दूध और शराब यदि पेट में जाकर मिल जाएं, तो पैरों में दर्द, हैजा अथवा मृत्यु भी संभव है.
  • गर्मी में तरबूज के साथ पुदीना खाने से बदहजमी होती है.
  • अमरूद, खीरा, ककडी खाकर शीघ्र भरपेट पानी पीने से पेट ख़राब हो सकता है.
  • चावल और सिरका एक साथ खाने से पेट में अनेक विकार पैदा हो जाते हैं.
  • इनके अतिरिक्त बेमेल भोजन है – गुड़ और मूली, शहद के साथ गर्म पानी, कांसे के बर्तन में कई दिन रखा घी, गर्म पानी के साध दही, उड़द के साथ मूली, दूध के साथ नमक, गुड़, तेल, बेल फल आदि.
  • दही के साथ दूध, मूली, खीर, पनीर, खरबूजा आदि, ठंडे पानी के साथ मूंगफली, घी, तेल, अमरूद, गर्म दूध, खीरा आदि नहीं लेने चाहिए.
  • चाय के साथ दही, खीरा और ककड़ी खाने से भी स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और अनेक प्रकार के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है.
  • बेमेल भोजन के अलावा आयुर्वेद के अनुसार भोजन किसी भी समय, कितनी ही मात्रा में, कभी जल्दी-जल्दी, तो कभी बहुत धीरे-धीरे ग्रहण करना भी विषम या बेमेल भोजन के अंतर्गत आता है. इस प्रकार से बेमेल भोजन करने से वातादि दोष, रक्तादि धातुएं तथा मल, मूत्र, सभी विषमता प्राप्त रोगों का कारण बनते हैं.
  • बेमेल भोजन से रस रक्तादि धातुओं का सही निर्माण नहीं हो पाता। इसके साथ ही पाचन-क्रिया खराब होती है.
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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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