अगर गैस की समस्या है तो लौकी खाएं

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हरी सब्जियों में लौकी शायद सबसे जल्दी पकती है। यह और बात है कि आज शहर में जो लौकी हम खरीद रहे हैं, वह बहुत देर में पकती है। कई बार तो वह ठीक से पकती भी नहीं। देर तक पकाने के बाद भी अगर लौकी ठीक से नहीं पकती है तो इसका मतलब है कि उसे इंजेक्शन लगाकर बड़ाकिया गया है। लौकी में लगभग 96% पानी होता है। यानी सलाद में जो काम खीरा करता है, सब्जी में वही काम लौकी करती है।

लौकी ठंडी होती है। और यह हमारे लीवर को भी दुरुस्त रखती है। इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है, जिस वजह से इसे आसानी से पचाया जा सकता है। आज यह हमारी खास हरी सब्जी है, जिसे शाकाहारी लोग बेहद पसंद करते हैं।इसे पसंद किए जाने की दो वजहें हैं। पहली यह कि यह जल्दी पक जाती है और दूसरे इसे बनाने में ज्यादा मसालों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। बीमारी के दौरान जब डॉक्टर किसी को लौकी की सब्जी खाने की सलाह देते हैं तो इसमें केवल नमक मिलाकर पकाते हैं।

पेट के लिए फायदेमंद

लौकी गर्मियों के मौसम में आपके पेट के लिए काफी अच्छी रहती है, और पेट में गैस बनने जैसी समस्या को दूर करती है। इसमें फाइबर होने की वजह से यह अल्सर, पाइल्स और गैस के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद सब्जी है। क्योंकि फाइबर होने के कारण लौकी जल्दी पच जाती है, और शरीर में गैस की समस्या नहीं होती।

गैस की समस्‍या दूर करे

केवल पर्याप्त मात्रा में लौकी क़ी सब्जी का सेवन कब्ज को भी दूर कर देता है और इससे पेट में गैस नहीं बनती। पेशाब से जुड़ी अनियमितताओं के ईलाज में लौकी फायदा करती है। अगर पेशाब करते समय किसी को जलन महसूस होती है तो डॉक्टर उसे लौकी खाने या उसका सूप पीने की सलाह देते हैं। लौकी हमारे लीवर को भी दुरुस्त रखती है। अगर किसी का लीवर संक्रमित है और ठीक से काम नहीं कर रहा है तो लौकी खाना उसके लिए फायदेमंद होता है।

आसानी से है पाचक

इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है, जिस वजह से इसे आसानी से पचाया जा सकता है। लौकी पेट साफ करने में भी बड़ी लाभदायक साबित होती है और शरीर को स्वस्‍थ्‍य और शुद्ध भी बनाती है। लौकी वीर्य वर्धक, पित्त तथा कफनाशक है। लौकी के बीज का तेल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है तथा हृदय के लिए अच्छा है।

बीमारियों से बचाये

यह रक्त की नाडि़यों को भी तंदुरस्त बनाता है। लौकी का उपयोग आंतों की कमजोरी, कब्ज, पीलिया, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह, शरीर में जलन या मानसिक उत्तेजना आदि में बहुत उपयोगी है।

नफा है तो नुकसान भी

कच्चा भोजन तो नुकसानदेह होता ही है। अगर लौकी को भी ठीक से न पकाया जाए और अधपका खाया जाए तो इससे पेट और आंत की बीमारी भी हो सकती है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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