शरीर, दिमाग को एक्टिव रखने का रहस्य

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राजीव दीक्षित जी ने दो ऐसी चीजें बताई जिसका अमल करना आवश्यक हैं.

  • दोपहर को अगर आपने खाना खाया है, तो भोजन करने के बाद २० मिनट का विश्राम लेना आवश्यक है
  • रात्रि का भोजन लेने के बाद कम से कम २ पास तक विश्राम नहीं लेना आवश्यक है।

ये दोनों एक दूसरे के विपरीत बाते है। दोपहर भोजन करते ही तुरंत आपको कोई और काम नहीं करना है और विश्राम लेना है और रात का भोजन किया है तो 2 घंटे तक कभी भी विश्राम नही लेना.

उन्होंने कारण बताते हुए कहा कि दोपहर को शरीर में पित का प्रकोप सबसे ज्यादा होता है और पित एक ऐसी अवस्था है जिसमे विश्राम न हो तो वो भड़कती है। अगर आपको पित है तो शांति से बैठ जाइये तो पित भी शांत हो जायेगा। लेकिन अगर आपने काम करना शुरू कर दिया तो पित इतना भडकेगा की पुरे शरीर में आग लगेगी. इसीलिए, सभी माताओं को,  बहनों को, भाइयों को भाई राजीव दीक्षित जी की विनंती है कि दोपहर का भोजन करने के बाद कम से कम 20 मिनट का विश्राम जरूर लीजिये।g

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उन्होंने दोपहर के भोजन के बाद विश्राम कैसे लेना है उसका तरीका भी बताया। उन्होंने बताया कि दोपहर का विश्राम लेफ्ट साइड जिसको मराठी में दबा बजी कहते है यानी की दाबा बाजु की तरफ सो के लेना है, किसको बहुत सुंदर शब्द में वाम कुर्शी का नाम दिया गया हैं. वाम कुर्शी माने लेफ्ट साइड में लेटना। 20 मिनट लेटने में अगर झपकी आ गयी तो ले लेना।

झपकी लेने का फायदा बताते हुए उन्होंने कहा कि रात्रि को 6 घंटे की झोक और दोपहर को 40 मिनट से एक घंटे की झोक दोनों बराबर है। दोपहर को खाने के बाद 1 घंटे की नींद आयी उसका उतना ही लाभ होता है जितना शरीर को रात्रि की 6 घंटे की नींद का होता है। इसलिए आप सभी को मेरी विनती है सब भोजन के तुरंत बाद विश्राम ले लीजिये। कोई भी कम इतना जरूरी नहीं है, आपकी जिंदगी में जितना जरूरी आपका शरीर हैं।

ऐसे भी बहुत लोग होंगे जिनकी पुरे दिन की नौकरी होती हैं। उनको राजीव जी ने एक मजेदार बात बताते हुए कहा कि आप में से कुछ लोग ऐसे होंगे के जो सर्विस मे है, बैंक में काम करते है, बीमा कंपनी में काम करते है, रेलवे में काम करते है या फिर स्कूल में अध्यापक है; ऐसे लोग कैसे विश्राम लेंगे? ये तो आपकी तो समस्या है ही लेकिन राजीव भाई ने एक अच्छी और मजेदार जानकारी सबको दी थी. वो ये कि ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, मक्सिको आदि दुनिया के 23 देशो की सरकारों ने दोपहर के भोजन के बाद 20 मिनट के विश्राम का कानून बना दिया है। उनके देश में, अगर कोई भी कंपनी में दोपहर के भोजन के बाद 20 मिनट का विश्राम नहीं होगा तो कंपनी का रजिस्ट्रेशन सरकार कैंसिल कर देगी। ऐसा भारत में कब होगा उसका मुझे मालूम नहीं लेकिन आप अपने घर में ये कानून बना लीजिये कि दोपहर के खाने के बाद थोड़ी फुर्सत निकालनी ही है।

आखिर में सारी चीज़े दोहराते हुए बताया कि 20 मिनट वीश्रामती लेफ्ट साइड आपको लेनी है, क्यूंकि दोपहर को पित बहुत तीव्र होता है और पित की तीव्रता में भोजन सही से नही पचता। इसलिए वीश्रामती बहुत आवश्यक है. लेकिन रात को भोजन के बाद 2 घंटे तक सोना नही है, क्यूंकि रात को कफ की अधिकता बहुत होती है और कफ की अधिकता में सोना तकलीफ दायक हैं, इसी लिए रात को भोजन के बाद 2 घंटे तक काम करिये, टहलिए, घूमिये, भजन – कीर्तन करिये, अभ्यास करिये लेकिन 2 घंटे के बाद ही सोइए। दो घंटे के पहले कभी नही सोना है और दिन में भोजन के तुरंत बाद विश्राम करना है।

उन्होंने आगे कहा कि अब इसमें छोटी सी बात में जोड देता हूँ, अगर आपकी कोई ऐसी मजबूरी है, जैसे आप ऑफिस में काम करते है, २० मिनट वीश्रामती का समय नही है तो आयुर्वेद ने एक छोटी सी व्यवस्था बनाई है। ये चरक ऋषि के समय नही थी, बाणभट के समय भी नही थी, ये आज के आधुनिक आयुर्वेद के चिकित्सो ने खोज करके बताया है। वो यह है कि आप वज्रासन में थोड़ी देर बैठ सके तो वो भी काफी है। दोपहर के खाने के बाद थोड़ी देर वज्रासन में बैठ जाइए। अब वो थोड़ी देर, 3 मिनट से ले के 20 मिनट तक कुछ भी हो सकता है।

आखिर में उन्होंने वज्रासन के बारे में ज्यादा बताते हुए कहा कि वज्रासन आप सभी जानते है. दोपहर को भोजन के बाद अगर वीश्रामती लेने की स्पेस नही है, सुविधा नहीं है, या फिर आप किसी ऐसी जगह फसे हुए है जहा आप विश्राम नहीं कर सकते तो वज्रासन में बैठ जाइए। ट्रेन में चलते चलते भी आप वज्रासन में बैठ सकते है, सीट 3 फीट चोडा और 6 फ़ीट लम्बा होता है तो वज्रासन जरुर कर लीजिये 3 मिनट से लेकर 20 मिनट तक । तीन मिनट कम से कम 20 मिनट अधिक से अधिक.

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Source: www.rajivdixitji.com

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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