अगर इस दिशा में है इन्वर्टर तो तुरंत हटायें वरना हो जायेंगें कंगाल

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घर के वास्तु टिप्स

  • पूर्व और उत्तर दिशा मे मकान का मुख्य प्रवेश द्वार सामान्तया सभी के लिए अच्छा होता हैं, पश्चिम एवं दक्षिण दिशा के स्थित प्रवेश द्वार भी व्यक्ति के काम और जन्म कुंडली के अनुसार अनुसार अच्छा हो सकता हें.
  • मकान के उत्तर एवं पूर्व मे अपेक्षाकृत अधिक खाली स्थान रखना चाहिए.
  • मकान का दक्षिण एवं पश्चिमी हिस्सा अपेक्षाकृत भारी एवं ऊचा होना चाहिए.
  • मकान का मध्य स्थान जिसे ब्रह्म स्थान कहा जाता हें, हमेशा खाली रहना चाहिए.
  • भगवान की मूर्तिया या तस्वीरों को इस तरह स्थापित करे, जिससे की पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की और हो.
दिशा उपयुक्त कक्ष एवं उपयोग
पूर्व बच्चों का कमरा, लिविंग रूम
पश्चिम भोजन कक्ष / डाइनिंग एरिया, बच्चो का कमरा
उत्तर बैठक / ड्राईंग रूम,  धन रखने का स्थान
दक्षिण शयन कक्ष / बेड रूम
उत्तर-पूर्व पूजा घर, अध्धयन / स्टडी रूम, बोरिंग, पानी का होद, खुला स्थान
उत्तर-पश्चिम मेहमान कक्ष
दक्षिण-पश्चिम मास्टर बेड रूम / सीडिया, भारी सामान
दक्षिण-पूर्व रसोई एवं जेनेरटर, इन्वर्टर

 

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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