सिर्फ 1 बूंद – उम्र को 10 साल पीछे ले जाएगी, चरक संहिता में है लिखा

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आज हम आपके लिए एक और औषधि के बारे में बताने जा रहे है, जिसका नाम है गेंदे का फूल. गेंदे को अंग्रेजी में “मैरी गोल्ड” फ्लावर के नाम से जाना जाता है. यह दुनिया की सर्वोत्तम औषधियों में गिना जाता है. गेंदे (कैलेंडुला) का फूल देखने में बहुत खूबसूरत लगता है तथा इसकी खुशबू भी बहुत अच्छी होती है। गेंदे के फूल को पूजा करते समय भगवान पर भी अर्पित किया जाता है।

इसके अलावा यह फूल औषधिक गुणों से भी भरपूर है। इसलिए इसे त्वचा के उपचार में उपयोग किया जाता है। गेंदे में कई प्रकार के तत्व जैसे कैरोटिनॉइड, ग्लाइकोसाइड, गंध तेल, फ्लावोनोइड्स (flavonoids) तथा स्टेरोल्स (sterols) होते हैं जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

गेंदे को झेंडू भी खा जाता है. ये बहुत ही फायदेमंद औषधि है जिसे हम अपने घर में आसानी से लगा सकते है. अभी कुछ समय पहले आपको याद होगा हमारे देश के 680 जवान कारगिल के युद्ध में शहीद हुए थे. जिनमे से  1200-1300 सैनिको की गोली या बम लगने से काफी खतरनाक घाव बन गये थे. गोली और बम जैसे घावों को ठीक करने के लिए डॉक्टर लोग झेंडू (गेंदेका फुल) के तेल का रस इस्तेमाल करते है. अगर झेंडू के फूल के रस की चटनी बना कर घाव पर लगा दी जाये तो इससे भी आपके हर तरह के जख्म ठीक हो जायेंगे. ऐसे में कारगिल के वीर जवानों को झेंडू के फूल ने ही ठीक किया था. राजीव दीक्षित जी का मानना है कि हम सबको अपने घर में गेंदे के फूल लगाने चाहिए. जिससे हम किसी भी चोट का आसानी से इलाज घर में ही कर पाएं.
गेंदे को दुनिया का सबसे बड़ा एंटी सेप्टिक मन जाता है. अगर गेंदे के रस में एलोवेरा के रस को मिलाया जाये तो ये औषधि सोने पर सोहागे का काम करती है. इन दोनों के रस को अगर मिला कर हर तरह के गले सड़े अंगो को ठीक किया जा सकता है. इसलिए गेंदे के फूल को हमेशा घर में किसी गमले में लगा कर रखें. जो आपको हर प्रकार की चोट का आसान से आसान इलाज मिल पाये.

 

गेंदे के फुल के कुछ अन्य प्रभावशाली इलाज >>

गेंदे के फूल का उपयोग झुर्रियों के लिए – उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की त्वचा की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं तथा नई कोशिकाएं बहुत कम मात्रा में बनती हैं। इससे त्वचा लटकने लगती है। इसका सबसे पहले असर चेहरे की त्वचा पर दिखाई देता है। इसके तेल या क्रीम को झुर्रियों वाली त्वचा पर लगाने से झुर्रियां हट जाती हैं। गेंदे के फूलों में फायटोकॉन्सटीटूएंट्स (phytoconstituents) होता है जो एंटी एजिंग की प्रक्रिया को धीमा करता है। गेंदा उत्तक के पुनः निर्माण में अच्छी भूमिका निभाता है, जिससे झुर्रियों से निजात मिल जाती है।

गेंदे के लाभ मुंहासों के लिए – आपकी त्वचा पर मृत कोशिकाओं के कारण त्वचा के रोम छिद्र खुल जाते हैं और इसमें से निकलने वाला तेल धूल मिट्टी के साथ मिलकर चेहरे पर मुँहासे निकलने का कारण होता है। कई बार इन मुंहासों के कारण जलन और दर्द दोनों महसूस होते हैं। कैलेंडुला का तेल दाग धब्बे के उपचार में मदद करता है। इसमें एंटी फंगल के गुण होते हैं जो दाग धब्बे को हटाने में मदद करती है। चेहरे के मुँहासे पर कैलेंडुला का तेल युक्त क्रीम लगाने से मुँहासे दूर हो जाते हैं। यह त्वचा में कोलेजन (collagen) के स्तर को बढ़ाता है तथा दाग धब्बे दूर करता है।

गेंदे के फूल का उपयोग त्वचा के लिए – गेंदे के फूल से बने तेल से चेहरे पर मालिश करना त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है। यदि आप इसके तेल से नियमित रूप से अपने चेहरे पर मालिश करते हैं तो त्वचा में रक्त का संचार बढ़ता है और आपकी त्वचा का रंग निखरने लगेगी।

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कैलेंडुला फूल का उपयोग आँखों के लिए – गेंदे की चाय में एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidants), लुटेइन ( lutein), जेक्सनथिन (zeaxanthin), ल्य्कोपेन (lycopene) आदि होते हैं जो नेत्र रोग और अंधापन को रोकने में मदद करती है। गेंदा आँखों के लिए एंटीसेप्टिक का काम करता है। इस के रस से लाल पीड़ादायक आँखों को धोने से आँखों में बहुत फायदा होता है।

गेंदा फूल के फायदे घाव भरने में – कैलेंडुला के तेल में एंटी सेप्टिक और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। जब हम घाव या जलें पर गेंदे के तेल का उपयोग करते हैं तो यह घाव को आसानी से भर देता है। कैलेंडुला के फूलों से बनी क्रीम को घाव या जले को ठीक करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। कैलेंडुला से बनी हुई क्रीम घाव को जल्दी भरने में मदद करती है। यदि आपको किसी कीड़े ने काट लिया है तो आप कैलेंडुला का तेल या क्रीम लगाएं यह आप को फायदा करेगा।

गेंदे के फूल के फायदे पाचन समस्या में – इसका सेवन करने से पाचन से जुड़ी कई बीमारियों से निजात मिलता है और यह पेट को काफ़ी फायदा पहुचाता है। कई बार खाने की अनियमितता और फास्ट फूड खाने से पेट में कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। जिस के कारण व्यक्ति को परेशान होना पड़ता है। गेंदे के उपयोग से कब्ज की समस्या दूर होती है। जिगर और पित्ताशय डेटोक्सीफाय (detoxify) करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। यदि आपके पेट में दर्द है तो इसका सेवन करने से पेट के दर्द से राहत मिलती है। आपके पेट में एसिडिटी या अपच की समस्याएं होने पर इसका सेवन करें। इन समस्या में यह बहुत ही फायदेमंद होता है। यह चयापचय क्रिया के द्वारा शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकल देता है।

गेंदे के अन्य गुण – इसके रस को कानों में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है। गेंदे के फूल को मिश्री के साथ खाने से दमा,खाँसी की समस्या दूर होती है। यदि शरीर के किसी हिस्से में सूजन आ गई हो तो इसकी पंखुड़ियों को पीस कर सूजन पर लगाने से सूजन खत्म हो जाती है।

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Source: www.rajivdixitji.com

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

1 COMMENT

  1. अगर ऐसा है तो बूढ़ों को जवान क्यों नहीं बनाया जाता। हमारे आयुर्वेदाचार्य क्या कर रहे हैं। हमें आज़ाद हुए 70 साल हो गए लेकिन एक भी चमत्कारी ओषधि तैयार नहीं हुई क्यों

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