अनिद्रा रोग को ठीक करने के लिए एक्यूप्रेशर चिकित्सा से उपचार, जाने

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नींद न आना अपने आप में कोई रोग नहीं है बल्कि यह अन्य रोग व मानसिक परेशानी की प्रतिक्रिया है। नींद न आने की शिकायत लगातार कुछ सोचने, मानसिक तनाव, चिन्ता, थकावट, असामान्य बीमारी आदि के कारण होती है। कुछ लोग इस अवस्था में नींद की गोलियां ले लेते हैं। ऐसा कभी नहीं करना चाहिए क्योंकि प्रारम्भ में नींद तो आ जाती है परन्तु कुछ दिनों बाद नींद की गोलियां मन को सहज हो जाती है। अत: यह अपना प्रभाव डालना बन्द कर देती है।
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कारण

अनिद्रा रोग का खास कारण चिंता को माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति अति उत्तेजित है,अवसाद जैसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त है, कैफीन जैसे उत्तेजक पदार्थ लेता है, गंदे वातावतण में रहता है, ज्यादा मेहनत करता है, बासी और गरिष्ठ भोजन का सेवन करता है, धूम्रपान करता है, नींद की गोलियां लेता है, नशा ज्यादा करता है, तो उसे अनिद्रा का रोग हो सकता है। अनिद्रा रोग का एक कारण स्नायु-संस्थान की गड़बड़ी होना भी हो सकता है।

लक्षण

आंखों का लाल होना, आंखों में नींद भरी होना, किसी भी काम में मन न लगना आदि अनिद्रा रोग के लक्षण होते हैं।

उपचार

अनिद्रा रोग को दूर करने के लिए सबसे पहले रोगी को अपनी नींद को पूरा करना चाहिए। रोगी को रात को जल्दी
सो जाना चाहिए, सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करना चाहिए, हरी घास पर नंगे पांव चलना चाहिए, हल्के गुनगुने पानी से नहाना चाहिए, मन-मस्तिष्क को शांत रखना चाहिए। रोगी के स्नायु-संस्थान और पाचनतंत्र से सम्बन्धित केन्द्र बिन्दुओं पर प्रेशर देना चाहिए। अगर अनिद्रा रोग का कारण मनोवैज्ञानिक हो तो किसी अच्छे मनोचिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
एक्यूप्रेशर चिकित्सा से उपचार करने के लिए हाथ की कलाई के पास तथा कंधे से छाती के पास के प्रतिबिम्ब बिन्दुओं पर प्रेशर देने से तथा पैरों पर टखने से ऊपर और टखने के पास के प्रतिबिम्ब बिन्दुओं पर प्रेशर देने से रोगी का अनिद्रा रोग धीरे-धीरे कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है। प्रेशर रोगी की सहनशक्ति के अनुसार प्रतिदिन कुछ सेकेण्ड के लिए देना चाहिए।
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(प्रतिबिम्ब बिन्दु पर दबाव डालकर एक्यूप्रेशर चिकित्सा द्वारा इलाज करने का चित्र)

रोगी की दोनों भौंहों के बीच के प्रतिबिम्ब बिन्दु तथा रोगी के हाथ की कलाई के पास और अंगूठे से नीचे की ओर के प्रतिबिम्ब बिन्दु पर 2-3 मिनट के लिए प्रतिदिन प्रेशर देने से रोगी का अनिद्रा रोग कुछ ही दिनो में ठीक हो जाता है।

अनिद्रा रोग को ठीक करने के लिए एक्यूप्रेशर चिकित्सा के द्वारा मस्तिष्क, पाचनतंत्र तथा स्नायुसंस्थान से सम्बन्धित प्रतिबिम्ब बिन्दुओं पर कुछ दिनों तक प्रतिदिन कुछ मिनट के लिए 3 बार प्रेशर देने से अनिद्रा रोग ठीक हो जाता है। इसके अलावा चित्र में दिए गए प्रतिबिम्ब बिन्दुओं (जो कि पीठ की रीढ़ के हड्डी के दोनों तरफ हैं), पर नियमित रूप से रोजाना प्रेशर देने पर कुछ ही दिनों में अनिद्रा रोग ठीक हो जाता है। इस प्रकार प्रेशर देने से स्नायु-संस्थान के कार्य में सुधार हो जाता है जिसके फलस्वरूप अनिद्रा रोग दूर हो जाता है।

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रात को सोने से पहले हाथ-पैरों के अंगूठे तथा अंगुलियों पर प्रेशर देने से नींद अच्छी आती है। इसके अलावा दाएं हाथ की अंगुलियों और बाएं हाथ की अंगुलियों को आपस में जोड़कर (जैसा कि चित्र में दिया गया है ठीक उसी प्रकार करके) प्रेशर देने से अनिद्रा रोग दूर हो जाता है। इस प्रकार चिकित्सा करने से तनाव दूर होता है जिसके फलस्वरूप नींद अच्छी आती है।
दोनों हाथों की कलाई के पास अनिद्रा को दूर करने के लिए जो प्रतिबिम्ब बिन्दु होता है (जैसा कि चित्र में दे रखा है) उस पर प्रेशर देने से अनिद्रा रोग दूर हो जाता है।

जानकारी

अनिद्रा रोग को ठीक करने के लिए एक्यूप्रेशर चिकित्सा से उपचार करने के साथ-साथ कोशिश करनी चाहिए कि रात के समय में जल्दी सो जाएं तथा सुबह के समय में जल्दी उठ जाएं। नींद लाने वाली गोली का सेवन न करें क्योंकि यदि नींद की गोली लेने की आदत पड़ गई तो इसका काफी गंभीर नतीजा हो सकता है। भोजन में मिर्च-मसाला कम कर देना चाहिए तथा शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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