ये 10 चीज़े खाने से कभी नहीं होगा डेंगू, जरूर पढ़े

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डेंगू, मादा एडीज (Female Aedes) मच्छर के काटने से होता है। ये मच्छर दिन में, खासकर सुबह काटते हैं। मरीज में अगर जटिल तरह के डेंगू का एक भी लक्षण दिखाई दे तो उसे जल्दी – से – जल्दी डॉक्टर के पास ले जाएं। डीएचएफ ( DHF – Dengue Hemorrhagic Fever) और डीएसएस (DSS – Dengue Shock Syndrome) बुखार डेंगू के दो प्रकार हैं जिनमें प्लेटलेट्स (Platelets) काफी कम हो जाते हैं, जिसके कारण शरीर के जरूरी अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है।avoid-dengue-in-hindi

प्लेटलेट्स – डेंगू में महत्वपूर्ण कारक (Platelets Count in Dengue)

डेंगू से कई बार मल्टी – ऑर्गन फेल्योर (Multi Organ Failure) भी हो जाता है। डेंगू बुखार के हर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में डेढ़ से दो लाख प्लेटलेट्स होते हैं। प्लेटलेट्स शरीर में रक्तस्राव (Bleeding) रोकने का काम करती हैं। प्लेटलेट्स अगर एक लाख से कम हैं तो मरीज को फौरन हॉस्पिटल में जाना चाहिए और जरूरी जांच कराने चाहिए। यहां यह ध्यान रखने योग्य बात है कि डेंगू के प्रत्येक मरीज को अस्पताल में  भर्ती की आवश्यकता  नहीं होती है। डेंगू में 24 घंटे में 50 हजार से एक लाख तक प्लेटलेट्स तक गिर सकते हैं। अगर प्लेटलेट्स गिरकर 20 हजार या उससे नीचे पहुंच जाएं तो प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। 40-50 हजार प्लेटलेट्स तक रक्तस्राव नहीं होता। डेंगू में कई बार चौथे – पांचवें दिन बुखार कम होता है तो लगता है कि मरीज ठीक हो रहा है, जबकि ऐसे में कई बार प्लेटलेट्स गिरने लगते हैं।

यदि आप इससे बचे रहना चाहते है तो बॉडी (Body) की इम्यूनिटी इंप्रूव (Improve immunity) करना जरूरी है। आज हम आपको ऐसे ही 10 फूड्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिन्हें खाने से डेंगू का मच्छर यदि काट भी लेता है तो प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या कम नहीं होगी।

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आइये जाने इन 10 चीज़ों के बारे में जो डेंगू से शरीर की रक्षा करती है-

  1. कद्दू का सेवन : कद्दू में विटामिन अ और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है जिस कारण शरीर की इम्यूनिटी इंप्रूव (Improve immunity) होती है और डेंगू से बचाव होता है।
  2. नारियल पानी : अपने दैनिक जीवन में कम से कम 1 नारियल पानी जररू पियें क्योंकि इसमे एलेक्ट्रोलाईट (Elektrolait) होते हैं जो आपके (Platelets) बढ़ाते हैं।
  3. अदरक का सेवन : अदरक का सेवन जरुर करें चाहे सब्जी में चाहे थोडा सा टॉफ़ी जितना चूस लीजिये इसमें एंटी बैक्टीरियल (Anti-Bacterial) गुण होते हैं जो डेंगू के असर से बचाते हैं।
  4. पालक का सेवन : अपने भोजन में एक समय 1 कटोरी पालक की सब्जी के सेवन जरुर करें क्योंकि इसमे विटामिन के परचुर मात्रा में होता है जो खून (Blood ) में प्लेटलेट्स (Platelets) बढ़ाने में मदद करता है।
  5. टमाटर का सेवन : टमाटर में विटामिन सी अधिक मात्रा में होता है जो आपको डेंगू के काटने से होने वाली कमजोरी को महसूस नहीं होने देता और एनर्जी भी देता है
  6. तुलसी : तुलसी का सेवन भी आपकी डेंगू से रक्षा करता है इसमे एंटी बैक्टीरियल (Anti-Bacterial) गुण होते हैं जो शरीर की इम्यूनिटी (Immunity) को बढ़ाते हैं।
  7. संतरा या आंवला : रात को सोते समय किसी मिट्टी का बर्तन या कांच के बर्तन में थोडा सा सुखा आंवला पानी में भिगो दें और सुबह खली पेट उस पानी को छान कर पी लें आपकी इम्यूनिटी (Immunity) पॉवर बढ़ जायेगी क्योंकि आंवला और संतरा दोनों ही विटामिन सी से भरपूर हैं या एक गिलास संतरे का जूस हर रोज़ पियें।
  8. हल्दी का सेवन : हल्दी में करक्यूमिन (Circumin) होता है जो हमारी बॉडी का मेटाबोलिज्म (Metabolism) बढाता है जिस से डेंगू से बचाव होता है।
  9. कीवी फल : कीवी में सभी फलो के मुकाबले ज़्यादा विटामिन (Vitamin) पाये जाते हैं, जिस कारण इसे विटामिन (Vitamin)का राजा भी कहते हैं। कीवी फाइबर(Fiber), विटामिन ई (vitamin E ), विटामिन सी (vitamin C) , एंटीआक्सीडेंट्स(antioxidants) , फ़ोलिक एसिड (folic acid), कैरोटेनाइड्स (Krotenoids) और कई प्रकार के मिनिरल्स भी पाये जाते हैं जो डेंगू में हमारे शरीर के लिए अमृत समान है।
  10. मेथी के पत्ते : मेथी के पत्ते बुखार कम करने में सहायता करते हैं।और आसानी से नींद लाने में मदद करते हैं। मेथी की पत्तियों को पानी में भिगोकर उसका पानी पीया जा सकता है। या इसके स्थान पर मेथी पाउडर को भी पानी में घोलकर पी सकते हैं।
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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