गैस लाईटर रिपेयर करने का तरीका

गैस लाइटर (gas lighter) वह युक्ति है जिससे गैस के चूल्हे जलाये जाते हैं। यह उन गैस चूल्हों को ज्वलित करने के लिये प्रयोग किया जाता है जिनमें स्वचालित ज्वालन प्रणाली (automatic ignition systems) नहीं होती। गैस लाइटर पीजो-विद्युत-प्रभाव के आधार पर काम करता है। इसमें एक पीजो-इलेक्ट्रिक क्रिस्टल पर एक हथौड़ा तेज गति से टकराता है जिससे लगभग ८०० वोल्ट पैदा होता है। इस वोल्टता के कारण एक चिनगारी (स्पार्क) पैदा होती है जो गैस को जला देती है।

गैस लाइटर एक समय के बाद खराब हो जाता है। उसमें स्विच कई बार ठीक से काम नहीं करता, या फिर उसमे से चिंगारी निकलना बंद हो जाती है। इन दोनों सूरत में लाइटर से गैस नहीं जला सकते। ऐसे में आप इस तरह से गैस लाइटर बना सकते हैं।

एलपीजी गैस पर खाना पकाते समय इन बातों का ध्यान रखें –

. गैस का इस्तेमाल करते समय खिड़कियां और दरवाजे खुले रखें।

. गैस चूल्हे के पास किसी भी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ या प्लास्टिक आदि न रखें। खाना पकाते समय इधर-उधर न जाएं।

. खाना बनाने के बाद पहले रेगुलेटर नोब बन्द करें और बाद में चूल्हे की नोब को बंद करें। ऐसा न करने पर पाइप में बची गैस ही हादसे का सबब बनती है।

आयुर्वेद हीलिंग एप्प के माध्यम से पाइए आयुर्वेद से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी, विभिन्न आयुर्वेदिक व घरेलू नुस्ख़े, योगासनों की जानकारी। आज ही एप्प इंस्टॉल करें और पाएं स्वस्थ और सुखी जीवन। सबसे अच्छी बात ये है कि ऑफलाइन मोड का भी फीचर है मतलब एक बार अपने ये एप्प इनस्टॉल कर ली तो अगर आपका नेट पैक खत्म 🤣 भी हो जाता है तो भी आप हमारे घरेलू नुस्खे देख सकते है तो फिर देर किस बात की आज ही इनस्टॉल करे । नीचे दिए गए लाल रंग के लिंक में क्लिक करे और हमारी एप्प डाउनलोड करे
http://bit.ly/ayurvedhealing

. गैस चालू करने से पहले चूल्हे, पाइप और सिलेंडर की ठीक से जांच कर लेना चाहिए। क्योंकि चूहा आदि पाइप काट सकता है। इससे लीकेज हो सकती है।
निकटतम ऐजेंसी और कस्टमर केयर का नंबर अपने पास रखें।

. अगर नोजल आदि में लीकेज देखे तो फौरन गैस एजेंसी को कॉल कर मामले से अवगत कराएं। लीकेज होने पर सिलेंडर के पास माचिस न जलाएं।

. बिजली के स्विच आदि को बंद कर दें। जलते हुए अन्य उपकरणों को बंद करें। लम्बे समय के लिए गैस का प्रयोग नहीं करते तो सिलेंडर को हमेशा बन्द कर ऊपर की ओर रख देना चाहिए। जल्दी आग पकड़ने वाली चींजों दूर रखें।

. लीकेज की जांच के लिए साबुन युक्त पानी का प्रयोग करना चाहिए।

. पुराने और कटे-फटे पाइप और रेगुलेटर का उपयोग न करें। ज्यादातर घटनाएं इसी वजह से होती हैं। अग्निशमन यंत्र पास रखें।. खाना बनाते समय सूती वस्त्रों का प्रयोग करें।

NO COMMENTS

Leave a Reply

error: Content is protected !!