पेट के अल्सर से बचने के घरेलु उपाय, जानिए

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हमारा पेट बीमारियो का घर है। पेट की आतों में से कई प्रकार के द्रव्य निकलते है जो भोजन को पचाने में सहायक है। जब यह द्रव्य ज्यादा मात्र में स्त्राव होता है, तब यह पेट व आंत की कोमल झिल्ली को जला देता है व घाव कर देता है। जब घाव पेट में हो, उसे गैस्ट्रिक अल्सर या पेप्टिक अल्सर कहते है।

पेप्टिक अल्सर के लिए घरेलू उपचार-

लहसुन

लहसुन पेट के अल्सर में बेहद लाभकारी है। उपचार के लिए दो से तीन लहसुन की कलियों को कुचलकर, पानी के साथ खाएं।

पोहा

पोहा अल्सर के उपचार में बेहद फायदेमंद है। पोहा और सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर की 20 ग्राम मात्रा को 2 लीटर पानी में घोलकर रख दीजिए। दोपहर से रात तक इस पानी को पूरा खत्म करें। अल्सर से राहत मिलेगी।

पत्ता गोभी और गाजर

पत्ता गोभी में लेक्टिक एसिड होता है जिससे एमीनो एसिड बनता है जो पेट में रक्त का प्रवाह बढ़ाता है। इसके साथ ही पत्ता गोभी में विटामिन सी भी उच्च मात्रा में होता है। पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में मिलाकर जूस तैयार करें और सुबह शाम एक-एक कप पीएं।

केला

केला में एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं। केला खाने से एसिडिटी से भी राहत मिलती है। कच्चा और पका दोनों ही तरह का केला खाने से अल्सर रोगियों को बेहद आराम मिलता है। कच्चे केले की सब्जी बनाकर उसमें एक चुटकी हींग मिलाकर खाएं।

शहद

कच्चा शहद भी पेट के अल्सर में बेहद लाभकारी है। शहद में ग्लूकोज पैरॉक्साइड पाया जाता है, जो पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। इसके साथ ही शहद के सेवन से पेट की जलन से भी आराम मिलता है।

सहजन

सहजन की फली भी स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद है। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो रोगों से लड़ने में सहायक होते हैं। सहजन की फली को पीसकर, दही के साथ मिलाकर खाने से अल्सर रोग में आराम मिलता है।

नारियल

नारियल में एंटीबैक्टीरियल गुण पाये जाते हैं, जो कि अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार देते हैं। नारियल के दूध और पानी में भी एंटी- अल्सर गुण पाये जाते हैं। अल्सर के उपचार के लिए रोजाना नारियल पानी पीएं। नारियल के तेल का सेवन भी अल्सर से बचाता है।

बादाम

अल्सर रोगियों को बादाम पीसकर, खाने से लाभ होता है। बादाम को पीसकर उसका दूध जैसा बनाकर पीएं।

बेलफल

पेट के अल्सर में बेलफल और उसकी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायक है। पत्तियों में मौजूद टेनिन्स पेट को, किसी भी तरह के नुकसान से बचाता है। बेलफल का रस भी पेट की जलन और दर्द को दूर कर, अल्सर से बचाता है।

गाय का दूध

हल्दी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, गाय के दूध में हल्दी मिलाकर पीने से भी अल्सर रोगियों को लाभ मिलता है।

अम्लीय खाद्य-पदार्थ

पेट के अल्सर के मरीज का पाचन तंत्र अच्छे से काम नहीं करता है, इसके कारण इसमें एसिड प्रवेश करने लगता है जिसकी वजह से अक्सर पेट में जलन, दर्द आदि की शिकायत बढ़ जाती है। खट्टे फल जैसे टमाटर, संतरा, टमाटर का रस, अनन्नास, जेली और जैम जैसे अम्लीय खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए।

मसालों का प्रयोग

पेट का अल्‍सर होने पर खाने में गर्म मसालों का प्रयोग कम कर दीजिए। गर्म मसाले की तीव्रता पेट के अल्सर को जल्दी ठीक होने नहीं देते, बल्कि ये अल्सर की समस्या को और भी बढ़ाते हैं। इसलिए जब तक अल्सर पूरी तरह से ठीक न हो जाए, गर्म मसाले से परहेज करें। हरी मिर्च या लाल मिर्च का सेवन भी बंद कर दीजिए।

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कैफीन का सेवन न करें

कैफीन के सेवन से पेट के अल्सर की समस्या बढ़ती है। कैफीन चाय, कॉफी, चॉकलेट, कोला, शीतल पेय के अलावा अन्य कार्बोनेटेड खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसलिए पेट का अल्सर होने पर इनसे दूर रहें। क्योंकि कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट में एसिड अधिक बनता है जिसके कारण समस्या हो सकती है। पेट में अम्ल बढ़ने के कारण पेट का घाव उत्तेजित होता है और पेट दर्द या अन्य तकलीफें बढ़ जाती हैं।

मीट न खायें

पेट का अल्सर होने पर मांस का सेवन करने से बचना चहिए। मांस में प्रोटीन, एसिड अधिक मात्रा में होते हैं। इसे पचाने के लिए पाचन तन्त्र को मशक्कत करनी पड़ती है, जिसके कारण काफी मात्रा में अम्ल का स्त्राव होता है। इसकी वजह से पेट में तकलीफ और बढ़ती है। इसलिए इस समय मांस का सेवन करने से बचना चाहिए।

खाली पेट न रहें

पेट के अल्सर की शिकायत होने पर खाली पेट नहीं रहना चाहिए, 2-3 घंटे के अंतराल पर कुछ न कुछ खाते रहें। खाली पेट रहने से पेट में एसिड बनता है जो अल्सर का दुश्‍मन है और अल्‍सर को बढ़ाता है। इसलिए खाली पेट रहने की बजाय कुछ न कुछ खाते रहें।

शराब और धूम्रपान

पेट का अल्सर होने पर शराब और धूम्रपान का सेवन करने से बचना चाहिए। शराब का सेवन करने से पेट में एसिड बन सकता है जिसके कारण पेट का दर्द बढ़ जाता है। इसलिए इस दौरान शराब का सेवन बिलकुल न करें।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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