ये 4 नियम आपकी जिंदगी बदल देंगे मोटापा, कब्ज, पेट दर्द, कैंसर सभी बीमारियों की दवा है ये 4 नियम

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दोस्तों अब तक हमने चार सूत्रों पर बात की है, जो आपके लिए बहुत जरुरी है. अगर आप उनका पालन करे तो जिंदगी भर निरोगी रह सकते है.

पहला सूत्र :- पहला सूत्र ये था कि “भोजनान्ते विषमभारी” अर्थात भोजन के अंत मे पानी बिलकुल नही पीना है, डेढ़ घन्टे के बाद ही पानी पीना है. भोजन के बाद अगर कुछ पीना है तो जूस या छांछ या दूध. सुबह भोजन के बा जूस पीना है, दोपहर को  छांछ या लस्सी पीनी है, और रात को दूध पीना है.

दूसरा सूत्र :- दूसरा सूत्र ये था कि आप जब भी पानी पिएंगे तो एक दम नहीं पिएंगे, पानी को घुट घुट करके पिएंगे. जिससे की आपके मुह की लार पेट में जाए. मुंह की लार क्षारीय होती है, और हमारे पेट में एसिड होता है जो अम्लीय होता है. दोनों जब मिले तो न्यूट्रल हो जाता है. यही सबसे आदर्श स्थिति है. अगर आपका शरीर न्यूट्रल रहता है तो आपको कोई बीमारी नहीं आयेगी. इसलिए पानी जब भी पियेंगे सिप-सिप करके पिए, थोडा थोडा घूंट घूंट करके पानी पीना है.

तीसरा सूत्र :- तीसरा सूत्र था कि आपको जिंदगी में कभी भी ठंडा पानी नही पीना है. आप आप कहेंगे ठंडे पानी से मतलब क्या है. तो जवाब ये है कि फ्रिज में रखा पानी या बर्फ डाला हुआ पानी. ये कभी भी नही पीना है. आब आप कहेगे क्यों ? आप मुझे ये बताओ अगर आपका शरीर ठंडा हो जाये तो इसका मतलब क्या है, इसका सीधा सा मतलब है कि आप मर जायंगे, फिर क्यूँ ठंडा पानी पीना चाहते है. ये ठंडा पानी शरीर के अनुकूल नही है. अब मै आपका समझाता हूँ. आप जैसे ही ठंडा पानी पीते है, शरीर ठंडा ना हो इसके लिए हमारा पेट उस ठन्डे पानी को गर्म करता है. आप कितना भी ठंडा पानी पियेंगे, पेट उसको गर्म करेगा और पानी को गर्म करने के लिए उर्जा लगती है और वो उर्जा है आपका रक्त (खून). अगर ज्यादा ठंडा पानी पियेंगे तो पेट उस पानी को गर्म करने के लिए सारे शरीर से थोडा थोडा रक्त खिचेगा, और जब तक वो पानी गर्म नहीं होता उतनी देर के लिए बाकि सब अंगो को खून की कमी होने लगेगी. और अगर शरीर के अंगो को ये रक्त की कमी नियमित आने लगी तो ये अंग खराब हो जायंगे, तो आपको कभी भी हार्ट अटैक आ सकता है, किडनी फ़ैल हो सकती है, लीवर डैमेज हो सकता है, आप के शरीर के किसी भी अंग का कबाड़ा निकल सकता है.

चौथा सूत्र :- चौथा सूत्र ये था कि सुबह उठते ही सबसे पहले पानी पीना है. आपके दिन की शुरुआत पानी से करे. चाय से नही, कॉफ़ी से नही, दिन शुरू होना चाहिए पानी के साथ. और पिने का तरीका आपको पिछले पोस्ट में बताया गया था, पानी हमेस बैठकर और सिप सिप करके पीना चाहिए. जैसे चाय पीते है या गर्म दूध पीते है वैसे ही, धीरे धीरे पानी पीना चाहिए. और पिछले पोस्ट में आपको ये भी बताया था कि आपके लिए सबसे अच्छा मिटटी के घड़े का पानी है.

अगर आप ये चारो सूत्र अपने जीवन में लागु करते है तो सातवे दिन इसके परिणाम इतने अच्छे आएंगे की आपको विश्वास भी नहीं होगा. परिणाम मै आपको बता देता हूँ, जिनको भी पेट में गैस बनती है, जलन होती है, खटी खटी ढकार आती है, भोजन ठीक से पचता नही है, जिनको कब्ज (Constipation) हो गया है, कोष्ट बढ्ता हो गयी है, जल बद्धता हो गयी है, पेट साफ नही होता है. ये सब रोग आपके दूर हो जायेंगे. जिनको भूख नही लगती है, उनको भूख लगेगी, अच्छी नींद नही आती, नींद बहुत अच्छी आयगी और जिनको सुबह सुबह उठते ही सर में दर्द होता है, वो 6-7 दिन में गायब हो जायगा.

जिनको आधे सर में दर्द होता है वो भी ठीक हो जाएगा. जिनको पुरे सर में होता है वो भी ठीक हो जायेगा. जिनको चक्कर आते है वो ठीक हो जायेंगे, ऐसी साधारण से लेकर असाधारण बीमारियाँ जिनकी संख्यां 48 है ये चार सूत्रों से ही ठीक हो जाएँगी. पाव में एडी का दर्द है, ठीक हो जायगा, घुटने का दर्द 25 से 30 % 7 दिन में चला जायगा और जो डेढ़ दो महीने ये सूत्र पालन किये तो ये घुटने का दर्द 50% से ज्यादा कम हो ज्यागा. कमर का दर्द 50%  ठीक हो जाएगा. कंधे का दर्द ठीक हो जायेगा. ऐसे आपके शरीर के बहुत सारे रोग ये चार सूत्र का पालन करने से ही दूर हो जायेंगे.

Source:rajivdixitji.com

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