दाम्पत्य जीवन को खुशियों से भर सकता है शिलाजीत का सेवन

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शिलाजीत एक गुणकारी औषधी है, जो कई परेशानियों या बीमारियों में हमारे लिए फायदेमंद है| यह हिमालय की पहाड़ियों में पाया जाता है. यह चार प्रकार का होता है| शिलाजीत एक ऐसी औषधी है, जो स्वस्थ्य रहने में हमारी बहुत मदद करता है|शिलाजीत का स्वाद बहुत कड़वा और कसैला होता है| और यह बहुत काला होता है| शिलाजीत का सेवन फायदेमंद है, लेकिन साथ हीं कुछ सावधानियों का भी ध्यान रखना पड़ता है|और खानपान में भी कुछ चीजों के प्रति संयम बरतना पड़ता है|

शिलाजीत के प्रकार

शिलाजीत के चार प्रकार होते हैं- रजत, स्वर्ण, लौह और ताम्र। हर प्रकार की शिलाजीत के गुण व लाभ अलग-अलग हैं।

  • रजत शिलाजीत पित्त तथा कफ के विकारों को खत्म करता है।
  • स्वर्ण शिलाजीत वात और पित्तजनित बीमारियों के लिए असरदार है।
  • लौह तथा ताम्र शिलाजीत कफ से हुए रोगों के इलाज के लिए कारगर दवा है।

आमतौर पर शिलाजीत शारीरिक कमजोरी, यौन दुर्बलता, मोटापा, डायबिटीज, सांस से संबधित रोग, मिर्गी, बवासीर और सजून के इलाज के लिए दवा के रुप में इस्तेमाल किया जाता है।

तो आइए जानते है कि शिलाजीत के क्या-क्या फायदे हैं और कैसे इसका उपयोग किया जा सकता है|

शिलाजीत के फायदे

यौन शक्तिवर्द्धक

सदियों से आयुर्वेद में शिलाजीत को यौन शक्ति वर्द्धक दवा के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पुरुषों में वीर्य की संख्या बढ़ाता है और सेक्स हार्मोन को भी नियंत्रित करता है।

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तनाव और मानसिक थकावट

शिलाजीत के सेवन से नर्वस सिस्टम सही से काम करता है। मानसिक थकावट, अवसाद, तनाव और चिंता से लड़ने के लिए शिलाजीत का सेवन करना चाहिए। इससे स्मरण शक्ति भी बढ़ती है, किसी भी काम करने में मन लगता है। दिमागी ताकत के लिए प्रतिदिन एक चम्मच मक्खन के साथ शिलाजीत का सेवन लाभदायक होता है ।

डायबिटीज

इसके सेवन से डायबिटीज भी कंट्रोल में रहता है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिंस बाहर निकालने का काम करती है।

पाचनतंत्र के लिए

शिलाजीत शरीर के पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। इसके सेवन से अपच, गैस, कब्ज और पेट के दर्द जैसी बिमारियां खत्म होती हैं।

किडनी और अंत:स्राव ग्रंथि

शिलाजीत के सेवन से किडनी, पैनक्रियाज और थायराइड ग्लैंड भी सही से काम करते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी अच्छा है।

दिल की सेहत का भी रखता ख्याल

शिलाजीत दिल की सेहत के लिए भी अच्छा है। दिल के साथ-साथ यह रक्त चाप को भी नियंत्रित करता है।

शीघ्रपतन की समस्या

जिन लोगों को शीघ्रपतन की समस्या का सामना करना पड़ता है, उन्हें इसका कुछ दिनों तक नियमित सेवन करना चाहिए. इससे शीघ्रपतन किस समस्या खत्म हो जाती है

अन्य औषधीय लाभ

  • गठिया और जोड़ों के दर्द में
  • स्वप्नदोष की समस्या
  • कफ को खत्म करने में
  • सूजन को कम करने में
  • सांस संबंधी बिमारियों में
  • पेशाब और किडनी की बीमारी में
  • पीलिया
  • एनिमिया के इलाज में
  • अल्सर को कम करने में
  • अल्जाइमर

सावधानी और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सकों के अनुसार शिलाजीत का सेवन बारह रत्ती से दो रत्ती के बीच ही करना चाहिए। मात्रा का निर्धारण रोगी की शारीरिक स्थिति उसकी आयु और उसकी पाचन शक्ति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

शिलाजीत का सेवन दूध और शहद के साथ सुबह सूयोर्दय से पहले कर लेना चाहिए। इसके ठीक प्रकार पाचन के बाद अर्थात तीन-चार घंटे के बाद ही भोजन करना चाहिए।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली औरतों को भी इसके सेवन से परहेज करना चाहिए।

जो मरीज गंभीर गठिया से ग्रस्त हों उन्हें शिलाजजीत सेवन से बचना चाहिए। ऐसे मरीजों को शिलाजीत के सेवन से खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाने का खतरा रहता है।

कभी-कभी शिलाजीत के सेवन से एलर्जी, दिल की धड़कन तेज और उल्टी भी होती है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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