रोजना दूध में इसे डालकर पीने से कब्ज खत्म, पेट की चर्बी गलाएँ, गैस मिटाएँ, आँखों की रोशनी बढ़ाएँ

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आज हम आपको सौंफ वाला दूध पीने के 9 चमत्कारी फ़ायदों के बारे में बताएँगे। आप रोज सादा दूध पीते है तो इसके बजाय अगर आप दूध में आधा चम्मच सौंफ डालकर पिएंगे तो आप कई बीमारियों से बच सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार दूध और सौंफ इन दोनों में ऐसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो कई बीमारियों से शरीर को बचाते हैं।

सौंफ वाला दूध बनाने की विधि :

सौंफ वाला दूध बनाने के लिए एक गिलास दूध में आधा चम्मच सौंफ मिलाकर दूध को उबाल लें फिर इसे छलनी से अच्छी तरह से छान कर पिएं। इससे सौंफ का अर्क दूध में उतर जाएगा। तो आइये जानते हैं रोज दूध में सौंफ मिलाकर पीने से होने वाले 9 फायदे के बारे में।

  1. इसमें कैल्सियम होता है इससे हँड़िया मजबूत होती है और जोड़ो के दर्द से भी बचाव होता है।
  2. इससे बॉडी का मेटाबोलिज्म बढ़ता है. यह ड्रिंक वजन कंट्रोल करता है और मोटापे से बचाता है।
  3. इस ड्रिंक में एंटी बैक्टीरियल प्रोपर्टीज होती है. इससे पिम्पल्स ठीक होते है और चेहरे की चमक बदती है।
  4. इसमें एस्पार्टिक एसिड होता है. इससे कब्ज, एसिडिटी जैसी प्रॉब्लम दूर होती है और डाईजेशन ठीक रहता है।
  5. इससे आंखे हेल्दी रहती है। यह मोतियाबिंद जैसी आँखों की प्रॉब्लम से बचाता है।
  6. इससे कोलेस्ट्रोल का लेवल बलेंस रहता है और हार्ट की बीमारियों से बचाता है।
  7. इससे बॉडी के टाक्सिनस दूर होते है और यूरिन इन्फेक्शन से बचाता है।
  8. इस ड्रिंक में पोटेशियम की मात्र ज्यादा होती है। इससे ब्लड प्रेसर कंट्रोल रहता है।
  9. इसमें आयरन होता है, यह एनीमिया यानि खुन की कमी से बचाता है।
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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