सर्दी, खांसी, बुखार और अस्थमा सभी के लिए 1 औषधि।

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सीतोपलादी चूर्ण

सीतोपलादी चूर्ण आयुर्वेद का बहुत प्रसिद्ध औषधि है। जब सर्दी, खांसी, बुखार 1 साथ ये सब हो जायें । तो उसके लिए सीतोपलादी चूर्ण प्रयोग करें। एक ऐसा अनुभव जिसने अनेक डॉक्टरों की नींद हराम कर दी. ज़रूर जानिये.

औषधि

सीतोपलादी चूर्ण 1 चुटकी (1/4 चम्‍मच) शहद में मिलाकर प्रात: और सायंकाल खाली पेट चटायें। इससे छोटे बच्‍चों के सर्दी, जुकाम, छींक, खांसी, बुखार और अस्थमा जैसे रोग ठीक होते हैं। बडे लोगों के लिए 1/2 चम्‍मच चूर्ण का प्रयोग करें।

सितोपलादि चूर्ण बनाने की विधि

नीचे बताई गयी चीजे किसी भी किराना या पंसारी की दुकान पे आराम से मिल जायेगी।

1- मिश्री-16 भाग 160 g.m
2-वंशलोचन – 8 भाग 80 g.m
3-पिप्पली-4 भाग 40 g.m
4- इलाइची- 2 भाग 20 g.m
5-दालचीनी- 1 भाग 10 g.m इन सब को बरीक पीस ले।

और बना गया आप का सितोपलादि चूर्ण

ये मधु या घी के साथ लिया जाता है
2 से 4 ग्राम की मात्रा में ले।

वैसे ये किसी भी मेडीकल स्टोर पे उप्लब्द है। ये झंडू, बैद्यनाथ, डाबर या रामदेव की दूकान से भी मिल जायेगा. मगर हम ज़्यादातर झंडू या बैद्यनाथ पर ही विश्वास रखते हैं.

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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