सफ़र में जी घबराना , उल्टी या चक्कर आने से परेशान हैं तो करें ये आसान से उपाय

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बहुत से लोगों को यात्रा के दौरान खासकर बस या ट्रेन कि यात्रा करते समय अक्सर उल्टी आ जाती है या जी मिचलाता है, जिससे वो यात्रा करने से बचते हैं,  इसे मोशन-सिकनेस या ट्रैवल-सिकनेस भी कहते हैं।

ट्रैवल-सिकनेस के प्रकार

1) सी-सिकनेस-

समुद्र में यात्रा करते समय उल्टी होना या जी मिचलाना।

2) कार-सिकनेस-

कार या बस यात्रा में उल्टी होना या जी मिचलाना।

3) एयर-सिकनेस-

हवाई यात्रा के दौरान उल्टी होना या जी मिचलाना।

लक्षण

  • उल्टी होना।
  • जी मिचलाना।
  • बैचनी होना।
  • चक्कर आना।
  • मुंह में लार ज्यादा बनना।
  • सिरदर्द होना।

घरेलु उपाय 

अदरक

क्या आपको अकसर सफर के दौरान उल्टी महसूस होती है, तो आप अदरक की चाय पीकर ही अपनी यात्रा के लिए घर से निकलें। आप चाहे तो उल्टी महसूस होने पर थोड़ा सा अदरक का टुकड़ा अपने मुंह के अंदर रख ले और धीरे-धीरे चबाते रहें।

इलायची

उल्टी जैसे ही आपको महसूस हो, उसी समय दो इलायची निकाल कर खा लें, आराम जल्द मिलेगा। इससे आपकी पेट की एसिडिटी भी शांत हो जाएगी और खाना हजम होने में भी आसानी होगी।

धनिया

धनिये के थोड़े से दाने मुंह में रखकर चबाते रहने से मिचली (उबकाई) नहीं आती।

लौंग

जैसे ही सफर करने के समय में व्यक्ति का जी मिचलाने लगे तथा उल्टियां होने लगे उसी समय व्यक्ति को अपने मुंह में लौंग रखकर चूसनी चाहिए। इससे जी मिचलाना और उल्टियां होना भी बंद हो जाती हैं।

प्याज और अदरक

सफर पर जाने से आधे घंटे पहले ही 1 चम्मच प्याज के रस और 1 चम्मच अदरक के रस को मिलाकर पी लें। इससे सफर में जी नहीं मिचलाएगा (उबकाई नहीं आयेगी)। अगर सफर ज्यादा लम्बा हो तो यह रस बनाकर अपने साथ ही रख लें। इस रस को दुबारा 4 से 6 घंटे के बाद पी सकते हैं। इस रस को पीने से जी नहीं मिचलाता तथा उल्टी भी नहीं होती।

दालचीनी

आप चाहें तो दालचीनी भी डाल कर चाय बना सकते हैं। इसके लिए आप थोड़ी सी दालचीनी का टुकड़ा पानी में उबाल लें और फिर उसमें शहद मिला लें।

लहसुन

अगर यात्रा के दौरान आपकी उल्टियां रूकने का नाम नहीं लेती हैं, तो लहसुन की दो कलियां चबाने से आपको बहुत आराम मिलेगा।

होम्योपैथिक दवा की मात्र एक डोज़ लेने से भी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

होम्योपैथिक दवाएं

1) कोकलस-इंडिका 200 (cocculas-indica)- यात्रा के दौरान इसकी एक बूंद दवा यात्रा से पहले लेने पर यात्रा में उल्टी नहीं होती और ना ही जी मिचलाता है।

2) ब्रायोनिआ (BRYONIA 30)- यात्रा के दौरान उल्टी होना या जी मिचलाना, रोगी का चुपचाप बैठा रहना, शोर-गुल पसंद न करना, सिरदर्द।

3) कार्बो-वेज(CARBO-VEG 30)- पेट में अत्यधिक गैस बनना, डकार आना, बैचनी होना।

4) बेलाडोना (BELLADONA 30)- हवाई यात्रा(AIR-SICKNESS) के दौरान होने वाली तकलीफों में उपयोगी।

5) इपिकाक (IPECAC 30)- यात्रा के दौरान उल्टी होना, मुंह में लार बनना, जी मिचलाना।

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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