रोजाना एक कच्चा प्याज खाने से, आप बचेंगे इन बीमारियों से

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कच्चे प्याज में बड़ी मात्रा में पोषक तत्व और प्रोटेक्टिव कंपाउंड बड़ी मात्रा में मौजूद होते हैं। पके हुए प्याज में भी पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। कई बीमारियों में भी बनाई जाने वाली घरेलू दवाओं में भी ज्यादातर प्याज का इस्तेमाल किया जाता है। इसका मुख्य कारण है कि प्याज में औषधीय गुण होते हैं।

दरअसल, प्याज में सल्फर युक्त यौगिक उच्च मात्रा में होता है, जिसकी वजह से उसमें तेज गंध होती है। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी 6, बायोटिन, फोलिक एसिड, क्रोमियम, कैल्शियम और फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। यदि आप रोजाना अपने खाने में प्याज को शामिल करते हैं, तो कई तरह की बीमारियों को दूर रख सकते हैं। यह मूत्राशय के संक्रमण के लक्षणों को कम करता है और प्रोस्टेट स्वास्थ्य को बढ़ाता है। कच्चा प्याज कार्बनिक सल्फर युक्त यौगिकों के समृद्ध स्रोत हैं।

श्वसन समस्याओं को ठीक करता है

प्याज की तीव्र गंध एयरवे की मांसपेशियों को आराम देती है और अस्थमा व ब्रोंकाइटिस से राहत देती है। यह खांसी, सर्दी, फ्लू, छींकने और एक नाक को रोकने में भी प्रभावी है।

कब्ज के लिए बढ़िया इलाज

प्याज में घुलनशील फाइबर होते हैं, जो आपकी आंत में अच्छे जीवाणु (बैक्टीरिया) की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं। रोजाना एक कच्चा प्याज खाने से कब्ज नहीं होता है। कच्चा प्याज खाना हर दिन के लिए सबसे अच्छा स्वास्थ्य लाभ देता है।

एनीमिया का इलाज

प्याज में बड़ी मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जो एनीमिया के उपचार में उपयोगी होता है। एक मध्यम आकार के प्याज खाने से खून की कमी दूर होती है।

खून में शुगर को नियंत्रण करता है

ब्लड शुगर को मॉडिफाई करने में प्याज अहम भूमिका निभाता है। अपने खाने में चीनी की मात्रा को कम करने के अलावा कच्चा प्याज खाकर आप अपनी ब्लड शुगर को सही ट्रैक पर रख सकते हैं।

दिल को मजबूत करता है

कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में प्याज काफी प्रभावी है। प्याज में मौजूद सल्फर यौगिक प्राकृतिक रूप से रक्त को पतला करने का काम करता है और प्लेटलेट एग्रीगेशन को रोकता है। क्वेरसेटिन धमनियों की कड़ा होने से रोकती है और दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कम करता है।

टीबी को ठीक करता है

प्याज में एंटीसेप्टिक के साथ ही रोगाणुरोधी गुण भी मौजूद हैं। यह माइकोबैक्टीरियम को निष्क्रिय कर सकता है, जिससे ट्यूबोकुलोसिस यानी टीबी होता है। नमक के साथ कच्चा प्याज खाने से ज्यादा लाभ होता है।

एंटी-कैंसर प्रॉपर्टी

प्याज में मौजूद फाइटोकेमिकल्स डिस्लेफाइड, ट्राइसलफाइड, सेपेनी और क्वैक्सेटीन खून को कम पतला करने में मदद करते हैं। इसमें एंटी कैंसर प्रॉपर्टी भी होती हैं।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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