पीलिया रोग का घरेलू उपचार

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पीलिया लीवर से सम्बंधित रोग है, इस रोग में रोगी की आँखे पीली पड़ जाती हैं, पेशाब का रंग पीला हो जाता है, अधिक तीव्रता होने पर पेशाब का रंग और भी खराब हो जाता है, पीलिया दिखने में बहुत साधारण सी बीमारी लगती है, मगर इसका सही समय पर इलाज ना हो तो ये बहुत भयंकर परिणाम दे सकती है, रोगी की जान तक जा सकती है इसमें। आज हम आपको इस जानलेवा बीमारी का एक ऐसा रामबाण उपचार बता रहे हैं जो आपकी बरसों से चलती आ रही इस बीमारी को भी ज्यादा से ज्यादा 3-4 दिन में बिलकुल सही कर देगी। ये उपचार पीलिया चाहे वो हेपेटाइटिस A, B या C हो या फिर बिलरुबिन या ESR भी बढ़ा हुआ हो तो भी ये बहुत कारगर है। तो आइये जाने।

पीलिया हेपेटाइटिस ऐ बी या सी का काल ? हरा नारियल

रोगी को दिन में कम से कम 2 हरे नारियल का पानी पिलायें, नारियल तुरंत खोल कर तुरंत ही पानी पिलाना है, इसको ज्यादा देर तक रखना नहीं है। एक दिन के बाद ही पेशाब का कलर बदलना शुरू हो जायेगा। ऐसा निरंतर 4-5 दिन करने के बाद आप बिलकुल स्वस्थ अनुभव करेंगे। ऐसे में रोगी को जो भी इंग्लिश दवा दी जा रही हो उसको एक बार बंद कर दी जाए और अगर रोगी कि हालत बहुत सीरियस हो तो उसको इसके साथ में ग्लूकोस दिया जा सकता है। और बाकी पूरा दिन सिर्फ नारियल पानी पर ही रखें। ये प्रयोग अनेक लोगों पर पूर्ण रूप से सफल रहा है। लीवर में होने वाले किसी भी रोग के लिए भी इस प्रयोग को निसंकोच अपनाया जा सकता है।

पीलिया रोग के अन्य घरेलू उपचार

1. मूली के पत्ते और रस

पीलिया रोगी के लिए मूली का रस ही नहीं उसके पत्ते भी काफी फायदेमंद है। यह शरीर से बिलिरूबीन निकालने में मदद करता है। पीलिया के रोगी को रोजाना 2 से 3 गिलास मूली के रस पीना चाहिए। इसके अलावा इसके पत्तों को पीसकर रस निकाल कर पीया जा सकता है।

2. टमाटर का रस

पीलिए से जल्दी राहत पाने के लिए टमाटर का रस भी बहुत कारगार उपाय है। इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो लाइकोपीन के लिए काफी उपयोगी होता है। इसे पीने के लिए इसमें थोड़ा नमक और काली मिर्च मिलाएं।

3. आंवला

आंवले को आप किसी भी तरह कच्चा, सूखा कर या जूस बना कर इस्तेमाल कर सकते है। इसमें भी विटामिन सी काफी मात्रा में होती है।

4. लेमन जूस

सबह-सुबह इसका सेवन करने से पेट बहुत अच्छी तरह से साफ होता है। पीलिया रोगी के लिए यह बहुत उपयोगी उपाय है इससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर आ जाते हैं और रोगी स्वस्थ महसूस करता है।

5. नीम का रस

नीम में ऐसे तत्व पाएं जाते हैं जो पीलिया रोगी के जिगर में विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसे इस्तेमाल करने के लिए नीम के रस में शहद मिलाकर सुबह-सुबह पीएं।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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