पेट की चर्बी तेजी से ख़त्म करने के लिए चमत्कारी पाउडर, सुबह-सुबह इसकी सिर्फ़ 1 चम्मच लेनी है

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आधुनिक जीवन शैली के कारण, शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। कम शारीरिक गतिविधि के कारण हमारा शरीर मोटा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ जाता है और स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालता है। मोटापा अनगिनत बीमारियों का स्रोत है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं। घुटने का दर्द, मधुमेह, दिल संबधित बीमारियां और उच्च रक्त चाप आदि।
यदि कोई व्यक्ति स्वस्थ जीवनशैली और आयुर्वेदिक जड़ी बूटी का पालन करता है, तो इससे वज़न कम हो सकता है, और मोटापे के खराब प्रभावों को कम किया जा सकता है। वजन घटाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटीयां है, जिनका आप पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते है।

त्रिफला

हरितकी, बिभातीकी और अमलाकी अर्थात हर्रा, बहेड़ा और आँवला नाम की तीन जड़ी-बूटियों का एक शक्तिशाली मिश्रण है। यह कब्ज कम करने और पाचन में सुधार करने में बहुत प्रभावी है। यह पाचन तंत्र में अवरोधन को साफ करने में भी मदद करता है। इसे विटामिन सी और कैल्शियम का सर्वश्रेष्ठ स्रोत माना जाता है। ये विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने और शरीर को पोषण करने में सहायक हैं। त्रिफला शरीर से अतिरिक्त वसा साफ करने में भी मददगार है। आप त्रिफ़ला की १ चम्मच हल्के गरम पानी से प्रतिदिन सुबह लेनी है।

अशोक

अशोक वजन घटाने के लिए प्राकृतिक जड़ी बूटी है, इसके फूल पीले-नारंगी रंग में होते हैं। इस पेड़ के सूखे छाल, स्टेम और फूलों में औषधीय गुण मौजूद होते है, जो बवासीर, मासिक धर्म संबंधी विकार, जलन को कम करने, कीड़े निकालने, सूजन को कम करने और रक्त की अशुद्धियों को हटाने में मदद करता है।

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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