पपीते के पत्ते कैंसर को सिर्फ 35 से 90 दिन में सही कर सकते हैं.

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अभी तक हम लोगों ने सिर्फ पपीते के पत्तों को बहुत ही सीमित तरीके से उपयोग किया होगा, बहरहाल प्लेटलेट्स के कम हो जाने पर या त्वचा सम्बन्धी या कोई और छोटा मोटा प्रयोग. मगर आज जो हम आपको बताने जा रहें हैं, ये वाकई आपको चौंका देगा, आप सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग को जड़ से ख़त्म कर सकते हैं. और ये कोई ऐसी ही कॉपी पेस्ट नहीं है, ये प्रकृति की शक्ति है और हमारे श्री बलबीर सिंह शेखावत जी की स्टडी है जो वर्तमान में as a Govt. Pharmacist अपनी सेवाएँ सीकर जिले में दे रहें हैं. आपके लिए नित नवीन जानकारियां लेकर आते हैं. तो आइये जानते हैं उन्ही से.

कई प्रकार के वैज्ञानिक शोधो से पता लगा है कि पपीता के सभी भागो जैसे फल, तना, बीज,  पत्तिया, जड़ सभी के अन्दर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की क्षमता पाई जाती है। विशेषकर पपीता की पत्तियों के अन्दर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसकी वृद्धि को रोकने का गुण अत्याधिक पाया जाता है।

University of florida ( 2010) और International doctors and researchers from US and japan में हुए शोधो से पता चला है की पपीता के पत्तो में कैंसर कोशिका को नष्ट करने की क्षमता पाई जाती है। Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां डायरेक्ट कैंसर को खत्म कर सकती है, उनके अनुसार पपीता कि पत्तिया लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है जिनमे मुख्य है.

  • breast cancer
  • lung cancer
  • liver cancer
  • pancreatic cancer
  • cervix cancer

इसमें जितनी ज्यादा मात्रा पपीता के पत्तियों की बढाई गयी है, उतना ही अच्छा परिणाम मिला है, अगर  पपीता की पत्तिया कैंसर को खत्म नहीं कर सकती है लकिन कैंसर की प्रोग्रेस को जरुर रोक देती है।

तो आइये जाने पपीता की पत्तिया कैंसर को कैसे खत्म करती है??

  1. पपीता कैंसर रोधी अणु Th1 cytokines की उत्पादन को बढाता है जो की इम्यून system को शक्ति प्रदान करता है जिससे कैंसर कोशिका को खत्म किया जाता है
  2. पपीता की पत्तियों में papain नमक एक प्रोटीन को तोड़ने ( proteolytic) वाला एंजाइम पाया जाता है जो कैंसर कोशिका पर मोजूद प्रोटीन के आवरण को तोड़ देता है जिससे कैंसर कोशिका शरीर में बचा रहना मुश्किल हो जाता है. Papain blood में जाकर macrophages को उतेजित करता है जो immune system को उतेजित करके कैंसर कोशिका को नष्ट करना शुरू करती है

कीमोथेरेपी / रेडिओथेरेपी और पपीता की पत्तियों के द्वारा ट्रीटमेंट में ये फर्क है कि कीमोथेरेपी में immune system को दबाया जाता है जबकि पपीता immune system को उतेजित करता है, कीमोथेरेपी और रेडिओथेरेपी में नार्मल कोशिका भी प्रभावित होती है पपीता सोर्फ़ कैंसर कोशिका को नष्ट करता है.

सबसे बड़ी बात के कैंसर के इलाज में पपीता का कोई side effect भी नहीं है

कैंसर में पपीते के सेवन की विधि

कैंसर में सबसे बढ़िया है पपीते की चाय. दिन में 3 से 4 बार पपीते की चाय बनायें, ये आपके लिए बहुत फायदेमंद होने वाली है. अब आइये जाने लेते हैं पपीते की चाय बनाने की विधि.

पपीते की चाय बनाने की अलग अलग विधियाँ हैं.

  1. 5 से 7 पपीता के पत्तो को पहले धूप में अच्छी तरह सुख ले फिर उसको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ लो आप 500 ml पानी में कुछ पपीता के सूखे हुए पत्ते डाल कर अच्छी तरह उबाल लें. इतना उबाले के ये आधा रह जाए. इसको आप 125 ml करके दिन में दो बार पिए. और अगर ज्यादा बनाया है तो इसको आप दिन में 3 से 4 बार पियें. बाकी बचे हुए लिक्विड को फ्रीज में स्टोर का दे जरुरत पड़ने पर इस्तेमाल कर ले. और ध्यान रहे के इसको दोबारा गर्म मत करें.
  2. पपीते के 7 ताज़े पत्ते लें इनको अच्छे से हाथ से मसल लें. अभी इसको 1 Liter पानी में डालकर उबालें, जब यह 250 ml. रह जाए तो इसको छान कर 125 ml. करके दो बार में अर्थात सुबह और शाम को पी लें. यही प्रयोग आप दिन में 3 से 4 बार भी कर सकते हैं.

पपीते के पत्तों का जितना अधिक प्रयोग आप करेंगे उतना ही जल्दी आपको असर मिलेगा. और ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है.

कब तक करें ये प्रयोग.

वैसे तो ये प्रयोग आपको 5 हफ़्तों में अपना रिजल्ट दिखा देगा, फिर भी हम आपको इसे 3 महीने तक इस्तेमाल करने का निर्देश देंगे. और ये जिन लोगों का अनुभूत किया है उन लोगों ने उन लोगों को भी सही किया है, जिनकी कैंसर में तीसरी और चौथी स्टेज थी.

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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