ये पत्ता अस्थमा (दमा), मुहांसे, खुजली व कब्ज ना जाने कितने बड़े-बड़े रोगों को जड़ से ख़त्म कर देता है …!!

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आज हम पान के फायदे के बारे में जानेंगे। भारत में पान खाने का प्रचलन ज्यादातर भोजन के बाद मुंह का जयका बनाए रखने के लिए किया जाता है। पान में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है। पान के सेवन करने से आपका हाजमा भी तंदरुस्त रहता है। हिन्दू सभ्यता के अनुशार पान के पत्ते शुभता का प्रतिक माना जाता है। इसलिए धार्मिक काम या पूजा-पाठ में “पान के पत्ते” का इस्तेमाल किया जाता है।

पान के पत्ते देखने में दिल के आकर जैसी होती है। पान के पत्ते के सेवन करने से यह पेट में एसिडिटी नहीं होने देता है। और उसके साथ-साथ यह आपके मेटाबोलिज्म को बढाता है। पान के पत्ते खाने से मुंह की बदबू की समस्या भी दूर हो जाती है। पान में एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है जो मुंह के सारे जर्म्स को नष्ट कर देता है।

पान के पत्ते के फायदे

डायबिटिज का है उपचार

आप शायाद ये जानकर हैरान हो कि पान के पत्ते (paan ke patte) डायबिटिज (diabeties) जैसी गंभीर बीमारी का भी उपचार माना जाता है। आपको बता दें कि एक अध्ययन के तहत पान के  पत्तों में सक्रिय यौगिक पाए जाते है जो ब्लड शुगर लेवल (sugar level) पर नियंत्रण करके डायबिटिज रोगियों को मुक्ति दिला सकता है। पान के पत्तों की एंटी-डायबिटिक (anti-diabetic) गुण ने एक अध्य्यन में साबित किया है कि नियमित रुप से इसका सेवन करने से ब्लड शुगर (sugar level) नियंत्रित रहता है।

खाँसी

पान के 15 पत्तो को 3 ग्लास पानी में डाल ले. इसके बाद, इसे तब तक उबाले, जब तक पानी उबल कर 1/3 ना रह जाए. इसे दिन में 3 बार पिए.

मूह की बदबू

पान के पत्ते चबा ले या पानी में उबाल कर गरारे करे. मूह से बदबू की समस्या दूर हो जाएगी.

मुहांसे

पान के 8 पत्ते अच्छी तरह से पीस ले. इसे 2 ग्लास पानी में गाढ़ा होने तक उबाले. बाद में इसे फेसपैक की तरह इस्तेमाल करे. मुहांसे दूर हो जाएँगे.

ब्रोंकाइटिस

पान के 7 पत्तो को 2 कप पानी में रॉक शुगर के साथ उबाले. जब पानी एक ग्लास रह जाए तो उसे दिन में तीन बार पिए. ब्रोंकाइटिस में लाभ होगा.

अस्थमा (दमा)

साँस की बीमारी होने पर पान के पत्ते में १-२ ग्राम अजवाइन को लपेट कर खा लें| उसके बाद गुनगुना पानी पियें| इससे आपको अस्थमा (दमा) और सुखी खासी में आराम मिलेगा|

शरीर की दुर्गंध

5 पान के पत्तो को 2 कप पानी में उबाले. जब पानी एक कप रह जाए तो उस पानी को दोपहर के समय पी ले. शरीर की दुर्गंध दूर हो जाएगी.

जलना

पान के पत्ते को पीस कर जले हुए जगह पर लगाए. कुछ देर बाद इस पेस्ट को धो दे और वहा शहद लगा कर छोड़ दे. घाव जल्दी ठीक हो जाता हैं.

नकसीर

गर्मियो के दिनों में नाक से खून आने पर पान के पत्ते को मसलकर सूँघे. इससे बहुत जल्दी आराम मिलेगा.

छाले

मूह में छाले हो जाने पर पान को चबाए और बाद में पानी से कुल्ला कर ले. ऐसा दिन में 2 बार करे. राहत मिलेगी. आप चाहे तो ज़्यादा कत्था लगवा कर मीठा पान खा सकते हैं.

लाल और जलन करती आँखे

5-6 छोटे पान के पत्तो को ले और उन्हे एक ग्लास पानी में उबाले. इस पानी से आँखो पर छींटे मारे. आँखो को काफ़ी आराम मिलेगा.

मसूड़ो से खून आना

2 कप पानी में 4 पान के पत्ते को डाल कर उबाल ले. इस पानी से गरारे करे. मसूड़ो से खून आना बंद हो जाएगा.

खुजली या दाने

पान के 20 पत्तो को पानी में उबाले. अच्छी तरह से उबलने के बाद इस पानी से नहा ले. खुजली की समस्या ख़त्म हो जाएगी.

स्तनपान करवाने की समस्या

पान के कुछ पत्तो को ले. इन्हे धोने के बाद इन पर तेल लगा कर हल्का सा गर्म कर ले और गुनगुना होने पर इसे स्तनों (ब्रेस्ट निपल्स) के आस-पास रखे, इससे सूजन चली जाएगी और बच्चें को दूध पिलाने में आसानी होगी.

सफेद पानी की समस्या होने पर

पान के 11 पत्ते 2.5 लिटर पानी में उबाल ले. इस पानी से अपनी योनि को धोए. सफेद पानी आने की समस्या में आराम मिलेगा.

अन्य फायदे 

  1. पान के पत्ते को चबाने से दिल की कोशिकाएं मजबूत हो जाती हैं| साथ ही यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में लाता है|
  2. इसको खाने से पेट के कीड़े मरते हैं|
  3. पान के रस के १ चम्मच को दिन में ३ बार लेने से बुखार उतर जाता है|
  4. पान के पत्ते खाने से आपका मूत्राशय ठीक रहता है और इससे सम्बंधित बीमारियां दूर रहती हैं|
  5. पान के पत्ते पर घी लगाकर खाने से मर्दों की नपुंसकता काम हो जाती है|
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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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