नीम के पानी के आठ अद्भुत स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

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नीम का स्‍वाद जितना कड़वा होता है उससे कहीं अधिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए यह फायदेमंद है। नीम एक आयुर्वेदिक दवाई है, जिसके कई सारे स्‍वास्‍थ्‍य फायदे हैं। नीम कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। नीम हमारे शरीर, त्‍वचा और बालों के लिये बहुत फायदेमंद है। नीम बहुत कड़वा होता है इसलिए इसका सेवन ऐसे नहीं किया जा सकता है, इसके कड़वेपन को दूर करके इसका फायदा उठाने के लिए नीम का पानी पियें। नीम के पानी के अद्भुत स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक गुणों के बारे में जानिये।neem-water-benefits

1. आंखों के लिए फायदेमंद

मोबाइल और कंप्‍यूटर के अधिक प्रयोग से इससे निकलने वाली नीली रोशनी से सबसे अधिक नुकसान आंखों को होता है और इससे आंखों की रोशनी भी कमजोर हो जाती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए नीम के रस की दो बूंदे आंखो में डालें, इससे आंखों की रोशनी बढ़ेगी। अगर आपकी आंखों में कंजक्टिवाइटिस रोग हो गया है तो नीम के पानी का प्रयोग करने से वह ठीक हो जायेगा।

2. मधुमेह से बचाये

मधुमेह एक खतरनाक बीमारी है और अनियमित दिनचर्या के कारण इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। ब्‍लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज बीमारी होती है। अगर आप रोजाना नीम का रस पिएंगे तो आपका ब्‍लड़ शुगर का स्‍तर बढ़ेगा नहीं और आपको मधुमेह जैसी बीमारी नहीं होगी। मधुमेह के रोगी भी इसका सेवन करके अपने ब्‍लड शुगर के स्‍तर को सामान्‍य रख सकते हैं।

3. पायरिया में फायदेमंद

मसूड़ों से खून आने और पायरिया होने पर नीम के तने की भीतरी छाल या पत्तों को पानी में डालकर कुल्ला करने से फायदा होता है। इससे मसूड़े और दांत मजबूत होते हैं। नीम के फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से भी दांतों की बीमारियों में फायदा होता है। नीम का दातुन रोज करने से दांतों के अन्दर पाये जाने वाले कीटाणु नष्ट होते हैं। कुल मिलाकर नीम का किसी भी तरीके से प्रयोग दांतों के लिए फायदेमंद है।

4. खून साफ करे

अगर किसी व्‍यक्ति का खून साफ न हो तो इसके कारण कई प्रकार की समस्‍या होने लगती है, शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और बीमारियों के साथ संक्रमण के होने का खतरा बढ़ जाता है। नीम का पानी एक रक्त-शोधक औषधि है। यह एलडीएल यानी बैड कोलेस्‍टेरॉल को कम करने में मदद करता है।

5. चिकन पॉक्‍स के धब्‍बे मिटायें

चिकन पॉक्‍स के धब्‍बे बहुत ही खराब होते हैं और ये जल्‍दी समाप्‍त नहीं होते। चिकन पॉक्‍स के निशान को साफ करने के लिये, नीम के रस से मसाज करें। नियमित रूप से नीम के रस से चेहरे पर मसाज करने से कुछ दिनों में चिकन पॉक्‍स के धब्‍बे दूर हो जायेंगे। इसके अलावा नीम का रस त्‍वचा सं‍बधि रोग, जैसे एक्‍जिमा और स्‍मॉल पॉक्‍स के होने की संभावना को कम करता है।

6. बीमारियों का उपचार

नीम का पानी मलेरिया और पीलिया जैसी बीमारियां होने पर इसका उपचार कर सकता है। नीम में पाये जाने वाले एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के कारण यह मलेरिया के लिए जिम्‍मेदार वायरस को बढ़ने से रोकता है और साथ ही लीवर को मजबूत बनाता है। पीलिया होने पर नीम की पत्तियों के रस के साथ शहद मिलाकर सेवन कराया जाये तो पीलिया रोग ठीक हो जाता है।

7. चेहरे के लिए फायदेमंद

नीम का पानी चेहरे को निखारने और कील-मुहांसों की समस्‍या दूर करने के लिए बहुत प्रभावी है। मुहांसों की समस्‍या होने पर नीम का रस चेहरे पर लगायें, इससे मुहांसों की समस्‍या दूर होती है। अगर चेहरे पर नीम के पानी से मसाज किया जाये तो चेहरे की नमी बरकरार रहती है औ चेहरे की त्‍वचा में निखार आता है। यह प्राकृतिक रूप से त्‍वचा को निखारने में मदद करता है, इसका साइड-इफेक्‍ट भी नहीं होता।

8. गर्भावस्‍था में पियें

नीम का पानी गर्भावस्‍था के दौरान पीने से गर्भ के समय योनि में होने वाला दर्द कम हो जाता है। प्रसव के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए नीम के रस से मसाज करना फायदेमंद है। प्रसव के बाद महिला को अगर कुछ दिनों तक नीम का पानी‍ दिया जाये तो इससे उसका खून साफ होता है और संक्रमण से बचाव होता है।

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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