इस जड़ को मुँह में रखने से ही 75 बीमारियां ठीक हो जाएगी

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गले में खराश हो या खांसी, मुलेठी चूसने से इसमें राहत मिलती है। इसके अलावा भी मुलेठी में कई ऐसे गुण हैं, जो शायद आप पहले नहीं जानते होंगे। जानिए मुलेठी आपको किस प्रकार लाभ पहुंचा सकती है। मुलेठी बहुत गुणकारी औषधि है। मुलेठी के प्रयोग करने से न सिर्फ आमाशय के विकार बल्कि गैस्ट्रिक अल्सर के लिए फायदेमंद है। इसका पौधा 1 से 6 फुट तक होता है। यह स्‍वाद में मीठी होती है इसलिए इसे यष्टिमधु भी कहा जाता है। असली मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार एवं हल्की गंधवाली होती है। सूखने पर इसका स्‍वाद अम्‍लीय हो जाता है।

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मुलेठी की जड़ को उखाड़ने के बाद दो वर्ष तक उसमें औषधीय गुण विद्यमान रहते हैं। इसका औषधि के रूप में प्रयोग बहुत पहले से होता आया है। मुलेठी पेट के रोग, सांस संबंधी रोग, स्तन रोग, योनिगत रोगों को दूर करती है। ताजी मुलेठी में पचास प्रतिशत जल होता है, जो सुखाने पर मात्र दस प्रतिशत ही शेष रह जाता है। ग्लिसराइजिक एसिड के होने के कारण इसका स्वाद साधारण शक्कर से पचास गुना अधिक मीठा होता है। आइए हम आपको मुलेठी के गुणों के बारे में बताते हैं।

गले में खराश दूर करें

गले में खराश के लिए भी मुलेठी का प्रयोग किया जाता है। मुलेठी के चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर खाने से बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है। या गले के दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए सोते समय मुलेठी के 2-3 छोटे टुकड़ों को मुख में रखकर कुछ देर चबाते रहे। फिर वैसे ही मुंह में रखकर जाएं। प्रातः काल तक गला साफ हो जायेगा।

महिलाओं के लिए फायदेमंद

मुलेठी महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होती है। थोड़ी सी मात्रा में मुलेठी का चूर्ण नियमित रूप से सेवन करने से महिलाओं में होने वाली सेक्‍स समस्‍याएं दूर होती है। साथ ही मुलेठी सुंदरता को भी लंबे समय तक बनाये रखती हैं।

त्‍वचा में चमक बनाएं

मुलेठी का प्रयोग नियमित रूप से करना त्वचा के लिए लाभदायक होता है। महिलाओं में रजोनिवृति के बाद त्वचा बेजान, अधिक संवेदनशील और ढीली हो जाती है। साथ ही त्वचा की चमक कम होने लगती है। इसलिए जरूरी है कि आप ऐसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें, जो एंटीऑक्सिडेंट हो और खून की कमी को दूर करता हो। इसमें मुलेठी आपकी मदद कर सकती हैं।

श्वास संबंधी रोग दूर करें

श्वास संबंधी रोग में मुलेठी बहुत फायदेमंद हो सकती है। मुलेठी को सुखाकर चूर्ण बना लें। जब भी गले में खराश या दम घुटने की जैसी फिलिंग हो तो एक चम्मच मुलेठी का चूर्ण लें। कुछ ही समय में फायदा होने लगेगा।

आंखों की रोशनी बढ़ाए

नियमित रूप से मुलेठी का सेवन करने से न सिर्फ बीमारियों से मुक्ति मिलती है बल्कि बीमारियां आपसे कोसों दूर रहती हैं।  मुलेठी का चूर्ण अमृत की तरह काम करता है। यह आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। सुबह तीन ग्राम चूर्ण खाने से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

अल्‍सर में उपयोगी

मुलेठी एक प्रकार की एंटीबायोटिक भी है। इसमें बैक्टिरिया से लड़ने की क्षमता पाई जाती है। यह शरीर के अन्‍दरूनी चोटों में भी लाभदायक होती है। मुलेठी की जड़ पेट के घावों को समाप्‍त करती है, इससे पेट के घाव जल्‍दी भर जाते हैं। पेट के घाव होने पर मुलेठी की जड़ का चूर्ण इस्‍तेमाल करना चाहिए।

 

भूख बढ़ाए

बलवर्धक, रक्तस्राव, घाव, सूजन, विषवमन सहित क्षय रोगों का नाश करने वाला मुलेठी का सेवन करने से भूख भी खुल जाती हैं। जिन लोगों को भूख नहीं लगती या बहुत कम लगती हैं। उन लोगों को मुलेठी के एक छोटे से टुकड़े को मुंह में रखकर दिन में 3-4 बार चूसना चाहिए।

खांसी में मददगार

अगर आप लगातार होने वाली खांसी से परेशान हैं तो मुलेठी आपके लिए बहुत मददगार हो सकती है। मुलेठी एक ऐसी औषधि है जिसका उपयोग आप आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए जब भी आपको खांसी हो बस इसके एक टुकड़े को अपने मुंह में रखकर, दांतों से चबाकर इसका रस चूसें। इससे आपको खांसी की समस्या में बहुत आराम मिलेगा।

पेट की समस्‍याओं में सहायक

मुलेठी केवल खांसी में ही नही बल्कि पेट की समस्याओं को भी ठीक करने में सहायक होती है। यह पेट दर्द, एसिडिटी, कब्ज जैसी समस्याओं को भी दूर करती है। पेट दर्द होने पर इसके चूर्ण को अदरक, तुलसी के रस और शहद में मिलाकर लें, फायदा होगा।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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