बरसाती कीड़े-मकौड़े के काटने पर ये घरेलू उपाय तुरंत करें

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बरसात के दिनों में विभिन्न प्रकार के कीड़े-मकौड़े जन्म लेते हैं जो कि खास बारिश के सीजन में ही बाहर निकलकर आते हैं। इंसानों के संपर्क में आने के बाद अक्सर ये कीड़े उन्हें काट लेते हैं। जिसकी वजह से कई बार तेज दर्द, जलन और सूजन का सामना करना पड़ता है।

कई बार इन्फेक्शन भी हो जाता है और ये पूरे शरीर की त्वचा तक फैल जाता है। इन कीड़ों के काटने को कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए। ऐसा होने पर फौरन कुछ घरेलू उपाय करने चाहिए।

शहद

कीड़े मकौड़े काटने पर तत्काल उपाय के तौर पर शहद का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मौजूद एंजाइम जहर को फौरन कम करने में मदद करते हैं। इसका एंटी बैक्टीरियल गुण संक्रमण नहीं बढ़ने देता। यह खुजली को भी कम करता है। इसे हल्दी के साथ मिलाकर लगाएं ज्यादा फायदा होगा।

बर्फ की सिंकाई

यदि चींटी, मधुमक्खी या किसी बरसाती कीड़े ने काट लिया हो जिसके बाद प्रभावित हिस्सा लाल और सूजनयुक्त हो गया हो तो उस वक्त फौरन बर्फ की सिंकाई करनी चाहिए। बर्फ की सिंकाई प्रभावित हिस्से की जलन को कम करती है और सूजन को भी हटाती है। किसी कपड़े में बर्फ का टुकड़ा रखकर प्रभावित हिस्से की 20 मिनट तक सिंकाई करें। ऐसा करने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाएंगी और दर्द, खुजली का एहसास नहीं होगा।

तुलसी की पत्तियां

खुजली, जलन और सूजन कम करने के लिए प्रभावित जगह पर तुलसी की पत्तियां रगड़ें। तुलसी एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है जो कि इन्फेक्शन को दूर रखती है।

टूथपेस्ट

यदि किसी ततैया या बर्र ने काट लिया हो तो घर में मौजूद टूथपेस्ट को प्रभावित हिस्से में लगा दें। टूथपेस्ट में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं इसलिए ये दर्द और सूजन को कम करता है। इसमें मौजूद मिंट जलन कम करने के काम आता है।

बेकिंग सोडा

कीड़ों के काटने पर बेकिंग सोडा भी एक अच्छा प्राकृतिक उपचार है। इसकी क्षारीय प्रकृति कीड़ों के डंक को बेअसर कर देती है। यह दर्द और खुजली से तत्काल आराम देता है। इसमें मौजूद एंटीइफ्लेमेटरी गुण सूजन, दर्द और लालिमा को कम करते हैं। किसी कीड़े के काटने पर बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें, प्रभावित हिस्से पर पेस्ट लगाएं और 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो दें। जरूरत हो तो इस नुस्खे को दिन में तीन बार दोहरा सकते हैं

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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