20 रुपये की ये सब्जी कैंसर, नेत्र रोग, हृदय रोग और मधुमेह जैसे रोगों के लिए संजीवनी औषधि है

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एक स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य गुणों से भरपूर सब्जी है। भारत के अधिकांश हिस्सों में उपलब्ध इस सब्जी को केकरोल, काकरोल और अन्य कई नामों से जाना जाता है। इसमें कम कैलोरी होती है, जिस वजह से ये वजन घटाने वालों के लिए बेहतर है। फाइबर से भरपूर कंटोला पाचन को सही रखती है। इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ क्या-क्या हैं, आइए जानते हैं-

  1. कैंसर की रोकथाम में सहायक : इसमें मौजूद ल्यूटेन जैसे केरोटोनोइड्स विभिन्न नेत्र रोग, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर की रोकथाम में सहायक है।
  2. पाचन सही रखने में मददगार : इस सब्जी में भरपूर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिस वजह से ये आसानी से हजम हो जाती है । ये मानसून में कब्ज़ और इन्फेक्शन को नियंत्रित कर आपके पेट को सही रखती है।
  3. सर्दी-खांसी से राहत दिलाए : इसके एंटी-एलर्जन और एनाल्जेसिक गुण सर्दी-खांसी से राहत प्रदान करने और इसे रोकने में भी सहायक हैं।
  4. स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक : कंटोला में मौजूद फाइटोकेमिकल्स स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर इस सब्जी से शरीर को साफ़ रखने में मदद मिलती है।
  5. वजन घटाने वालों के लिए अच्छी : प्रोटीन और आयरन से भरपूर कंटोला में क म मात्रा में कैलोरी होती है। 100 ग्राम कंटोला में केवल 17 कैलोरी होती है, जिस वजह से ये वजन घटाने वाले लोगों के लिए बेहतर विकल्प है।
  6. डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छी : कंटोला ब्लड शुगर कम करने और डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक है।
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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  1. भाग की जिन्दगी आखिर क्यों जी रहे है|

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