सिर्फ 2 बूंद गर्म पानी के साथ मौत को छोड़ सभी बीमारियाँ जड़ से ख़त्म

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सोडियम, कैल्शियम और आयरन भरपूर कलौंजी का इस्तेमाल कई तरह की दवाईयां बनाने के लिए किया जाता है। कलौंजी खाने से भी कई बीमारियां दूर हो जाती है लेकिन आज हम आपको इसके तेल के फायदों के बारे में बताने जा रहें है। कार्बोहाइडे्ट, पोटेशियम, फाइबर, विटामिन्स के गुणों से भरपूर कलौंजी का तेल कई बीमारियों को दूर करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीआॅक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण कैंसर जैसी बीमारी से आपको बचाता है। मंहगी दवाइयों पर पैसे खर्च करने की बजाए आप भोजन में कलौंजी का तेल इस्तेमाल करके कई प्रॉब्लम को दूर भी कर सकते है और यह आपको कई बीमारियों से बचाता भी है। तो आइए जानते है कलौंजी के तेल से दूर होने वाली समस्याओं के बारे में।

रामबाण औषधि है कलौंजी का तेल

कलौंजी का तेल कैंसर, डायबीटिज़, सर्दी-जुकाम, पीलिया, बवासीर, मोतियाबिंद की आरंभिक अवस्था, कान के दर्द, सफेद दाग, लकवा, माइग्रेन, खांसी, बुखार, गंजापन जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता रखता है.

1- कैंसर

कलौंजी का तेल शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को विकसित होने से रोकता है और उन्हें नष्ट करता है. यह कैंसर रोगियों में स्वस्थ कोशिकाओं की रक्षा करता है.

कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को कलौंजी के तेल की आधी बड़ी चम्मच को एक गिलास अंगूर के रस में मिलाकर दिन में तीन बार लेना चाहिए.

2 – खांसी और दमा

खांसी और दमा की शिकायत होने पर छाती और पीठ पर कलौंजी के तेल की मालिश करें, तीन चम्मच कलौंजी का तेल रोज़ पीएं और पानी में तेल डालकर उसका भाप लें.

3 – डायबीटिज़

डायबीटिज़ के मरीज़ों को एक कप कलौंजी के बीज, एक कप राई, आधा कप अनार के छिलके को पीस कर चूर्ण बना लेना चाहिए. आधे चम्मच कलौंजी के तेल के साथ इस चूर्ण को रोज़ नाश्ते के पहले एक महीने तक लेने से आराम मिलता है.

4 – किडनी स्टोन

पाव भर पिसी हुई कलौंजी को शहद में अच्छी तरह से मिला लें. इसमें से दो चम्मच मिश्रण और एक चम्मच कलौंजी के तेल को एक कप गर्म पानी के साथ मिलाकर रोज़ नाश्ते से पहले लें. गुर्दे की पथरी से परेशान लोगों को कलौंजी का तेल फायदा करता है.

5 – ह्दय रोग और ब्लड प्रेशर

जब भी कोई गर्म पेय लें, उसमें एक चम्मच कलौंजी का तेल मिला लें. तीन दिन में एक बार पूरे शरीर पर तेल की मालिश करके आधा घंटा धूप का सेवन करें. लगातार एक महीने तक ऐसा करने से पीड़ित को आराम मिलता है.

6 – कमर दर्द और गठिया

कलौंजी के तेल को हल्का गर्म करके जहां दर्द हो वहां मालिश करें. और एक चम्मच कलौंजी का तेल दिन में तीन बार सेवन करें. 15 दिन मे बहुत आराम मिलेगा.

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7 – सिरदर्द

लगातार सिरदर्द होने पर माथे और सिर के दोनों तरफ कान के आस-पास कलौंजी का तेल लगाएं और नाश्ते के पहले एक चम्मच तेल का सेवन करें.  कुछ सप्ताह बाद सिरदर्द पूरी तरह से खत्म हो जाएगा.

8 – आंखों की समस्या के लिए

रोज़ सोने के पहले पलकों और आंखों के आस-पास कलौंजी का तेल लगाने और एक चम्मच तेल को एक कप गाजर के रस के साथ एक महीने तक लेने से नेत्र रोग से पीड़ित व्यक्ति को फायदा होता है.

9 – बालों की समस्या करे दूर

बालों में नींबू का रस अच्छी तरह से लगाए. 15 मिनट बाद बालों को शैंपू कर लें व अच्छी तरह धोकर सुखा लें. सूखे बालो में कलौंजी का तेल लगाएं. एक सप्ताह के उपचार के बाद बालों का झड़ना बंद हो जाएगा.

बालों में रुसी होने पर दस ग्राम कलौंजी का तेल, 30 ग्राम जैतून का तेल हल्का गर्म करें उसमें 30 ग्राम पिसी हुई मेहंदी को मिलाकर बालों में लगाएं और एक घंटे बाद बालों को धोकर शैंपू कर लें.

10 – सुंदर और आकर्षक चेहरे के लिए

एक चम्मच कलौंजी का तेल, एक चम्मच जैतून का तेल मिलाकर चेहरे पर मसाज करें और एक घंटे बाद चेहरा धो लें. कुछ दिनों में आपका चेहरा चमक उठेगा.

11 – मानसिक तनाव करता है दूर

एक चाय की प्याली में एक बड़ी चम्मच कलौंजी का तेल डालकर लेने से मन शांत होता है और तनाव कम होता है. एक चम्मच तेल, 100 ग्राम उबले हुए पुदीने के साथ खाने से याददाश्त अच्छी होती है.

12 – स्त्री गुप्त रोग

स्त्रियों के रोग जैसे श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर, डिलेवरी के बाद दुर्बलता व रक्त स्त्राव में कलौंजी का तेल काफी फायदेमंद होता है. थोड़े से पुदीने की पत्तियों को दो गिलास पानी में डालकर उबालें, आधा चम्मच कलौंजी का तेल डालकर दिन में दो बार पिएं. बैंगन अचार, अंडा और मछली से परहेज करें.

13 – सफेद दाग और कुष्ठ रोग

शरीर पर सफेद दाग और कुष्ठ रोग हो जाने पर 15 दिन तक रोज़ाना पहले सेब का सिरका शरीर पर मलें फिर कलौंजी का तेल मलें.

14 – एचआईवी

कलौंजी के औषधिय गुणों की जांच के लिए अमेरिका में एक शोध के दौरान एचआईवी पीड़ित व्यक्ति को रोज़  कलौंजी, लहसुन और शहद का कैप्सुल दिया गया. कुछ दिनों बाद यह पाया गया कि पीड़ित व्यक्ति में शरीर की रक्षा करनेवाली टी-4 और टी-8 लिंफेटिक कोशिकाओं की संख्या में आश्चर्यजनक रुप से बढ़ोत्तरी हुई थी.

15- पुरुष गुप्त रोग

स्वप्न दोष, स्तंभन दोष, नपुंसकता जैसे रोगों में एक कप सेब के रस में आधा चम्मच तेल मिलाकर दिन में दो बार 21 दिन तक पिएं. थोड़ा सा तेल गुप्तांग पर रोज़ मलने से फायदा होता है.

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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