जानिए कैसे आप 18 साल के बाद भी लम्बाई बढ़ा सकते है

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ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि हम लोगों की लंबाई केवल 18 साल तक ही बढ़ सकती है पर ऐसा भी नहीं है कि 18 साल के बाद लम्बाई बिल्कुल नहीं बढ़ाई जा सकती हैं नियमित रूप से व्यायाम, पौष्टिक आहार के सेवन और कुछ नियमों का पालन करके हम अपनी लम्बाई को अवश्य ही कुछ और इंच तक बढा सकते हैं।इसके अलावा अगर लंबाई बढानी है तो एक्सरसाइज करें और हेल्दी डाइट अपनाएं।

इसके अलावा कई लोग अपनी लंबाई बढाने के लिये बाजार में मिलने वाली कई तरह की दवाइयों का भी सेवन करने लगते हैंजिससे तमाम साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। नीचे कुछ प्राकृतिक तरीके दिये जा रहे हैं जिसके बिल्कुल भी साइड इफेक्ट नहीं होगें और आपकी हाइट 18 साल के बाद भी बढ़ सकती है।

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  1. लम्बाई और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए गेहूँ के दाने के बराबर मात्रा में चूना रोज दही, दाल या सब्जी में मिलाकर खाना चाहिए । या पानी में मिलाके पीना चाहिए । इससे लम्बाई और स्मरण शक्ति दोनों का ही विकास होता है। शरीर में चैतन्यता और चपलता आती है। ( लेकिन पथरी के मरीज चूने का सेवन ना करें )
  2. कद बढ़ाने के लिये सूखी नागौरी, अश्वगंधा की जड़ को कूटकर बारीक कर चूर्ण बना लें। बराबर मात्रा में खांड मिलाकर किसी टाईट ढक्कन वाली कांच की शीशी में रखें। इसे रात सोते समय रोज दो चम्मच गाय के दूध केसाथ लें। इससे दुबले व्यक्ति भीमोटे हो जायेंगे। कम कद वाले लोग लंम्बे हो सकते हैं। इससे नया नाखून भी बनना शुरू होता है। इस चूर्ण का सेवन करने से कमजोर व्यक्ति अपने अंदर स्फूर्ति महसूस करने लगता है। इस चूर्ण को लगातार 40 दिन तक लेते रहें। इस चूर्ण को शीतकाल में लेने से अधिक लाभ मिलता है।
  3. 1 से 2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण, 1 से 2 ग्राम काले तिल, 3 से 5 खजूर को 5 से 20 ग्राम गाय के घी में एकमहीने तक खाने से लाभ होता है। साथ में पादपश्चिमोत्तानासन,’पुल्ल-अप्स’करने से एवं हाथ से शरीर झुलाने से ऊँचाई बढ़ती है।इस चूर्ण का सेवन करते समय खटाई, तली चीजें न खायें और जिन्हें आंव की शिकायत हो,तो अश्वगंधा न लें।
  4. मनुष्य को अपने हाथ तथा पैरों के बल झूलने तथा दौड़ने जैसी कसरतों के अलावा भोजन में प्रोटीन, कैल्शियम तथा विटामिनों की जरूरत बहुत आवश्यक है तथा पौष्टिक भोजन करने से लम्बाई बढ़ने में फायदा मिलता है।
  5. हाइट बढाने के लिये एंटीबायोटिक्स का सेवन ज्यादा नहींकरना चाहिये, नहीं तो इसके अधिक प्रयोग से हाइट रुक भी सकतीहै।
  6. प्रोटीन, कैल्शियम, वसा और आयरन को अपने आहार में शामिल करें । इसके अलावा खूब सारी सब्जियां और फल का भी नियमित रूप से सेवन करें।
  7. लम्बाई बढ़ाने हेतु नित्य 2 काली मिर्च के टुकड़े 20 ग्राम मक्खन में मिलाकर उसे निगल जायें। देशी गाय का दूध कद बढ़ाने में विशेष रूप से सहायक है।
  8. अपनी गर्दन और सिर को हमेशा सीधा और तान कर रखे। यदि आप हमेशा अपने सिर को झुका कर रखेगें तो आपका स्पाइनल कार्डदब जाएगा और पूरा शरीर छोटा लगेगा।
  9. खूब पानी और दूध पियें।
  10. अपने वजन को नियंत्रित करें, क्योंकि अगर आपका वजन कम है तो आपकी हाइट ठीक से नहीं बढेगी।
  11. न सोने या कम नींद लेने का प्रतिकूल प्रभाव हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है। पर्याप्त नींद यह सुनिश्चित करती है कि आपकी लम्बाई और वजन ठीक रहेंगे। क्योंकि नींद के दौरान शरीर में ऊतकों का विकास और निर्माण होता है। साथ ही पर्याप्त नींद लेने से लम्बाई को नियंत्रण करने वाले हार्मोन की वृद्धि होती है। इसलिए, एक दिन में कम से कम 7 घंटे की नींद लेना जरूरी होता है।
  12. शरीर में ग्रोथ हार्मोन को बढाने के लिये आपको दिन में 3 बार खाना खाने के अलावा 6 बार छोटे छोटे मील अवश्य ही खाने चाहिये।
  13. खनिज से भरपूर तत्वों का इस्तेमाल करें। यह पालक, हरी बीन्स, फलियां, ब्रोकोली, गोभी, कद्दू, गाजर, दाल, मूंगफली, केले, अंगूर और आड़ू में पाया जाता है। लंबाई बढ़ाने के लिए जिस विटामिन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है वह विटामिन डी। यह दाल, टोफू, सोया मिल्कर, सोया बीन, मशरूम और बादाम आदि में पाया जाता है। इसके साथ ही टेनिस व बास्केट बॉल भी अनिवार्यरूप से खेलें।
  14. कद लम्बा करने के लिए अंगूठों को खीचिए ताकि मांसपेशियों में खिंचाब बढे़ इससे शरीर में रक्त का दौरा भी बढ़ता है।
  15. बच्चों को कंप्यूटर पर गेम खेलने के बजाय बाहर बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, दौड़, स्विमिंग और साइकिलिंग जैसे खेल खेलने के प्रोत्साहित करें। इससे उनकी मांसपेशियांभी प्राकृतिक तरीके से मजबूत होती हैं और लंबाई बढ़ती है।
  16. कैल्शियम शरीर के लिए एक आवश्यक खनिज है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है। कैल्शियम हमें दूध, चीज़, दही आदि में मिलता है। ऊंचा लंबा कद पाने के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी है। मिनरल-खनिज हड्डी के ऊतकों का निर्माण करता है। ये हड्डी के विकास और शरीर में रक्त के प्रवाह में सुधार करते हैं।
  17. कभी भी झुककर बैठना या झुककर चलना नहीं चाहिए । चलतेऔर बैठते समय अपनी कमर और छाती को सीधा रखे ।
  18. 16 से 18 वर्ष की आयु के बाद ज्यादातर बच्चों के शरीर में कार्टिलेज फैलने के बजाय जमा होने लगता है जिससे हड्डियों का विकास रुक जाता है। ऐसे में कम उम्र से ही अगर बच्चों को स्ट्रेचिंग करने अभ्यास कराएं तो बहुत लाभमिलता है । स्ट्रेचिंग से रीढ़ की हड्डी को बल व मांसपेशियों को विस्तार मिलता है।इसके लिए बच्चे को सीधा दीवार की ओर मुंह करके खड़ा करें औरउसके कद को मार्क करें। अब बच्चे को हाथ ऊपर करके खुद को ऊपर की ओर जितना हो सके खींचने को कहें। शरीर का सारा भार सिर्फ पैर के अंगूठों पर ही होना चाहिए। फिर उसकी हाथ के छोर को भी मार्क करें। बच्चे से रोजाना यह स्ट्रेचिंग करवाएं और साथ-साथ उसकी हाइट व स्ट्रेचिंग की क्षमता को भी चेक करते रहें।

Bhujangasana

व्यायाम 

  • भुजंग आसन करें, इससे आपके सीने और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होगा। इसको रोजाना करने से लंबाई बढाई जा सकती है। इसको करते समय जितना पीछे हो सके उतना हों। इसी पोजीशन में करीब 20 सेकेंड तक रहें और कम से कम3-4 बार करें।
  • लम्बाई बढ़ाने के लिए प्रातःकाल दौड़ लगायें, नित्य सूर्य नमस्कार करें,किसी चीज़ से लटक कर पुल अप्स करें वा ताड़ासन करें ।
  • जमीन से 7 फुट पर एक छंड गाडे़ और उस पर जितनी देर हो सके उतनी देर तक रोज लटकें। इससे रीढ़ की हड्डी लचीली बनेगी और आपकी लंबाई बढे़गी।
  • प्रतिदिन 10 से 20 मिनट रस्सी अवश्य ही कूदें इससे भी लम्बाई बढ़ती है ।

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विटामिन

  • विटामिन ए- शरीर के अंगों के सही प्रकार से कार्य करें इसके लिए आपको विटामिन ए से भरा हुआ आहार अपने रोजाना आहार में शामिल करना चाहिए। इससे हड्डियां मजबूत रहेंगी और साथ ही लम्बाई भी बढ़ेगी। तो विटामिन ए का सेवन जरूर करें। पालक, चुकदंर, गाजर, दूध, टमाटर आदि के अलावा सब्जियों के जूस का भी सेवन करें।
  • विटामिन डी- लंबाई बढ़ाने के लिए जिस विटामिन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है उनमें से एक है विटामिन डी। अच्छी तरह से कैल्शियम को हड्डी में अवशोषित करने के लिए, हड्डी के विकास के लिए और प्रतिरक्षा प्रणाली के बेहतर कार्य करने के लिए आपको विटामिन डी की जरूरत होती है जो दाल, सोया मिल्कर, सोया बीन, मशरूम और बादाम आदि में पाया जाता है।
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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