दाढ़ या दांतों की कैविटी (कीड़ा) से छुटकारा पाने का घरेलु उपचार

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बहुत लोग सोचते हैं के दांतों में कैविटी होना अर्थात कीड़ा लगने के बाद वो कभी सही नहीं होते, जबकि ये बिलकुल मिथ्या है, ये सही हो सकते हैं, हाँ इसमें समय ज़रूर लगता है. मगर ये सही हो सकती है.

दांतों में कैविटी होना अर्थात दांतों का ख़त्म होने का संकेत, कैविटी होना जिसको साधारण भाषा में हम कीड़ा लग जाना बोलते हैं, कीड़ा लगने के बाद कुछ दिनों बाद अक्सर या तो फिर कीड़ा निकलवा कर दांतों को भरवाओ या फिर कभी कभी अवस्था इतनी ख़राब हो जाती है के दांत या जाड ही निकलवानी पड़ जाती है. ऐसे में अगर आप ये नुस्खे अपना लेंगे तो आपको दांत निकलवाने की कभी ज़रूरत नहीं पड़ेगी. आइये जाने इसको.

सर्वप्रथम ये जान लें के दांतों में कैविटी लगने का बड़ा कारण है चीनी से बने हुए पदार्थ, जो अत्यधिक चिपचिपे होने के कारण दांतों से चिपके रह जाते हैं. ऐसे में ये समस्या बच्चो में देखने को आम ही मिल जाती है, ऐसे माँ बाप को जो बच्चो को बचपन में उनकी जिद के कारण टॉफी या चोकलेट या ऐसी मीठी चीजें खिला देते हैं और वो बच्चे आने वाले कुछ सालों बाद अपनी जाड़ो से परेशान हो जाते हैं.

जो लोग कैविटी से बचना चाहते हैं वो पहले तो ये चीजें खानी बिलकुल बंद कर दें, और दूसरा अगर लोग गुटखा सुपारी खाते हैं तो वो बंद कर दीजिये, ताकि वो अपने दांतों को बचा सकें.

हमारे दांत की सरंचना में मिनरल, vitamin A और D, और कैल्शियम की अहम् भूमिका रहती है, इसलिए इनको बचाने के लिए इनकी पूर्ति अति आवश्यक है, भोजन में ऐसी चीजें ज़रूर शामिल करें जिनसे ये ज़रूरते पूरी हो सकें.

दूसरा दांतों को नायलॉन की ब्रश और टूथपेस्ट से घिसना बंद कर दीजिये, इसकी जगह पर मंजन का इस्तेमाल करें, मंजन सही से उपयोग करने का तरीका है के मंजन को ऊँगली से मसूड़ों और दांतों पर अच्छे से 10 मिनट तक लगा कर रखें, और फिर मुंह से गन्दा पानी निकलेगा, 10 मिनट के बाद दांतों को साफ़ पानी से धुलाई कर लीजिये.

सुबह और शाम को 10 ग्राम नारियल का तेल लेकर मुंह में भरे और 10 मिनट तक मुंह में उसको घुमाते रहें, अर्थात गार्गल करें, इसके 10 मिनट के बाद इसको थूक दीजिये, इस प्रकार रात को सोते समय भी करें. इस विधि को गंडूषकर्म भी कहते हैं.

आजकल हमारे पास जो भोजन मिलता है उसमे अत्यधिक केमिकल का छिडकाव होता है, इसलिए इस से बचने के लिए भोजन बनाने से पहले जिस चीज को रात्रि को भिगोया जा सकता है उसको पानी में भिगो कर उसमे 1 चम्मच सिरका या निम्बू का रस मिला कर रख दें, इस से फल और सब्जियों में मिले Phytic Acid निकल जायेंगे, जिस से भोजन में मिलने वाला मिनरल और पोषण हमको मिल जायेगा.

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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