बालो को मोटे घने और लम्बे बनाये इस घरेलू तेल से, 100% असरदार

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हम आपको बाल लम्बे और घने करने के सभी तेलों के बारे में विस्तार से बताएँगे।

अरंडी का तेल

अरंडी के तेल में विटामिन इ, प्रोटीन और मिनरल्स होते है। यह तेल बालो में चमत्कारिक रूप से कार्य करता है। इस आयल में सूक्ष्मजीवनिवारक तत्व पाए जाते है जो की डैंड्रफ और अन्य स्कैल्प की समस्याओ से छुटकारा दिलाते है। अरंडी के तेल में Ricinoleic एसिड होता है जो की स्कैल्प से जलन और अन्य बीमारियों को दूर करता है।

बालो को तेजी से लम्बा करने के लिए आप इस तेल (Castor Oil) से अपने स्कैल्प की अच्छे से मसाज करे और इसे रातभर बालो में लगे रहने दे और फिर अगली सुबह इसे शैम्पू से धो ले।

लम्बे, घने, और चमकदार बाल पाने के लिए इस तेल का इस्तेमाल रोजाना करे।

भृंगराज तेल

भृंगराज एक प्रकार की जड़ी बूटी है जिसको की आयुर्वेद रसायन मानता है, और यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को देर से आने और नौजीवन प्रदान करने में बहुत सहायता करता है। इस तेल को उपयोग में लाने से बालों का झड़ना तो कम तो होता ही है साथ ही नए बाल भी जल्दी उगने लगते हैं।

इसीलिए अगर आप भी झड़ते बाल या समय से पहले सफेद होने की परेशानी या अन्य किसी भी हेयर प्रॉब्लम (Hair Problems) से गुजर रहे हैं, तो भृगंराज तेल सबका अचूक उपाय है। Bhringraj Oil की नियमित मसाज कर आप झड़ते बालों की परेशानी खत्म कर सकती हैं। क्योकि इस तेल से मसाज करने से स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और बाल मजबूत बनते हैं।

आंवला तेल

आंवला एक ऐसी औषधि है जिसका उपयोग आयुर्वेद में अधिकतर किया जाता है। इस छोटे से फल का इस्तेमाल खाने के स्वाद को बढ़ाने के साथ साथ बालों का ध्यान रखने के लिए भी किया जाता है। बालो का गिरना, डैंड्रफ जैसी समस्या में आंवले के तेल का इस्तेमाल एक प्राकृतिक उपचार है।

इसीलिए अगर आप भी किसी बालो से सम्बंधित समस्या से परेशान है तो आंवले के तेल (Amla oil for hair) का इस्तेमाल कर सकते है। इस तेल से बालों में मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है जिससे डैंड्रफ तो हटता ही है साथ में बालो का विकास (Baal Lambe) भी जल्दी होने लगता है।

नारियल का तेल

नारियल के तेल के इस्तेमाल से बाल और त्वचा प्राकृतिक रूप से नरम, उज्जवल, और स्वस्थ रहते हैं। नारियल का तेल प्राकृतिक हेयर आयल है और जिसमे किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायन नहीं पाए जाते हैं। नारियल का तेल एक ऐसा तेल है जो बालों की हर प्रकार की समस्‍या का समाधान कर सकता है।

अगर आपके बाल ज्‍यादा घने और बार बार उलझते हैं, तो उनकी नारियल तेल से मसाज करें। नारियल का तेल बालो को उलझने से रोकता है। ये तेल बालो को जड़ को मजबूती देता है, जिससे बाल टूटना कम होते हैं। और अगर आपकी बालों की जड़े सूखी हैं तो तेल उन्‍हें ताकत देगा और नए बाल को उगाएगा।

सरसो का तेल

हर किसी के लिए उसके बाल बहुत ख़ास होते है और उनकी देखभाल के लिए हम क्या क्या नहीं करते है। और कई बार तो बालों को काला, घना और मुलायम रखने के लिए बाजार का सबसे महंगा उत्पाद खरीदने से भी परहेज नहीं करते हैं।

बालों को कोमल और मुलायम रखने का एक बेहतर तरीका यह है कि आप अपने बालो की जड़ों से नियमित रूप से ऑयल मसाज करें। तेल की मसाज से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जिससे बालों में जान आ जाती है और वे जड़ से मजबूत होने लगते है।

यूं तो बालों की समस्याओ में नारियल का तेल, कैस्टर ऑयल और बादाम के तेल का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है लेकिन सरसों का तेल एक ऐसा उत्पाद है जो हर जगह मिल भी जाता है और इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होती है।

सरसों के तेल भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। इसमें ओमेगा-3 भी होता है जो बालों की हेल्थ के लिए बहुत जरूरी होता है। ये तेल बालो को गिरने से रोकने के साथ साथ उनकी बढ़ने की गति (Hair Growth) को भी बढ़ाता है। इस तेल में एंटी-माइक्रोबियल गुण पाया जाता है जो की स्कैल्प को पोषण देने के साथ ही कई तरह के बैक्टीरियल इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है।

सरसों के तेल को बालों मे लगाने से उनका समुचित पोषण होता है और बाल लम्बे होते हैं।

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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