दांत चमकाना हो तो हरी चाय का गरारा करें

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गुनगुने पानी के गरारे करने के फायदे के बारे में तो हम बचपन से ही सुनते आए हैं। सर्दी दूर करने और बंद गले को खोलने के लिए गुनगुने पानी के गरारे करना एक कारगर तरीका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाय से गरारे करने के भी कई सारे फायदे होते हैं। जी हां, एक शोध के अनुसार गुनगुनी चाय से गरारे करने से मुंह से संबंधित कई सारी समस्याएं दूर हो सकती हैं। तो चलिये जानें चाय के गरारे करने के और क्या फायदे होते हैं।

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चाय के गरारे से फायदे

डेलीमेल नामक अखबार में छपी खबर के अनुसार इस संबंध में मुंह की समस्या से ग्रस्थ 45 लोगों पर एक शोध किया जाएगा, जिसके तहत इन लोगों को ग्रीन और ब्लैक टी से दिन में दो बार 30 सेकेंड के लिये गरारे करने होंगे। इन लोगों को ग्रीन और ब्लैक टी के साथ-साथ माउथवॉश से भी गरारे करने होंगे और फिर इन दोनों के असर की आपस में तुलना भी की जाएगी।

दरअसल कुछ खाने या पीने के बाद गंदगी हमारे दांतों पर जमा हो जाती है, जिसे प्लाक कहा जाता है। यदि इस प्लाक को तुरंत साफ न किया जाए तो मसूड़े सड़ने लगते हैं। ऐसे में नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से प्लाक कम जमा होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार चाय में पाया जाने वाले टैनिन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो इस समस्या से बचाव करते हैं। इसके अलावा भी रोज़ाना ग्रीन टी से गरारे करने से मुंह की कई परेशानियों को दूर किया जा सकता है। चाय के गार्गल करने से दांतों में जमा मैल भी दूर होता रहता है।

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और भी हैं बहुत सारे फायदे

यही नहीं शोधकर्ता मानते हैं कि ग्रीन टी से गार्गल करने से फ्लू का इंफेक्शन भी कम हो जाता है। दरअसल ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन्स नाम का कंपाउंड इस इंफेक्शन को दूर करता है। वहीं ग्रीन टी पीने से मसूड़ों से खून आने व दांतो में सड़न की समस्या से भी निजात मिलती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रीन टी बैक्टीरिया पर असर दिखाती है।

साधारण सी बात है कि जब मसूड़े मजबूत और स्वस्थ रहेंगे तो दांत भी ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेंगे। इसलिए यह कहा जा सकता है कि ग्रीन टी के सेवन या इससे गरारे करने से दांत कम गिरते हैं। यही नहीं ग्रीन टी मुंह में मौजूद उन माइक्रोब्स को खत्म करती है जो बदबू पैदा करते हैं। इसलिए ग्रीन टी पीने से मुंह की दुर्गंध से भी छुटकारा मिलता है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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