आयुर्वेद से करें दाद, खाज, खुजली(एक्‍जिमा) का उपचार

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बॉडी में खुजली, एक्‍जिमा (खाज) होने के अलग – अलग कारण होते हैं। किसी रिसर्च के अनुसार, शरीर में इम्‍यून सिस्‍टम में गड़बड़ी के चलते खुजली हो जाती है तो कोई कहता है कि सरकाप्‍टस नामक परजीवी के कारण खुजली होने लगती है। वजह चाहें जो भी हो लेकिन शरीर में तकलीफ होने से आपकी दिनचर्या पर गंदा असर पड़ता है और आपकी पब्लिक इमेज की धज्जियां उड़ जाती हैं। एक्‍जिमा से बचने के लिये कुछ उपचार जैसे, लक्षणों को बिगाड़ने वाले उत्तेजकों से बचें, घावों को कुरेदें नहीं, अधिक समय तक स्नान न करें और देरी तक स्नानघर में न रहें, साबुन का प्रयोग कम से कम करें (बबल स्नान न करें), रोग को ठीक करने के लिये एंटी बायोटिक का प्रयोग किया जाता है। मगर इसके अलावा भी आप के लिये ये बेहतर रहेगा कि आप कुछ घरेलू उपाय को अपनाकर अपनी एक्‍जिमा (खाज) प्रॉब्‍लम दूर कर लें।

तो पढि़ए इन घरेलू उपायों को-

नींबू

नींबू हर घर में आराम से मिल जाता है। इसलिए बॉडी में जहां पर भी खुजली हो रही हो उस जगह पर नींबू और गरी का तेल मिलाकर लगा लें। लगाने के तुरंत बाद खुजलाएं नहीं। थोड़ी देर में आराम मिल जाएगा।

जैतून का तेल

खुजली होने पर गुनगुने पानी से नहाएं और तुरन्‍त बाद किसी माश्‍चराइजर या क्रीम का यूज न करते हुए ऑलिव ऑयल यानि जैतून के तेल का इस्‍तेमाल करें। अच्‍छे से हल्‍के – हल्‍के मालिश करने पर खुजली वाली जगह में आराम मिलेगा।

एलोविरा जेल का इस्‍तेमाल

घर में लगे एलोविरा के पौधे की पत्‍ती को काट लें और उसमें से निकलने वाले जेल को खुजली वाली जगह पर लगा लें। दिन में कम से कम चार से पांच बार ऐसा करने पर आपको आराम मिलेगा। साथ ही ठीक होने तक लगाने पर बाद में कभी खुजली नहीं होगी।

प्‍योर गरी का तेल

खुजली होने पर गरी का प्‍योर तेल भी फायदेमंद होता है। इससे ड्राईनेस भी नहीं होती और खुजली भी बंद हो जाती है।

देशी घी की मालिश

शरीर में अचानक से ज्‍यादा खुजली होने पर तुरंत राहत के लिए आप घरों में इस्‍तेमाल किया जाने वाला देशी घी लगा लें। इससे फटाफट राहत मिलेगी।

नीम

नीम के कोमल पत्तों का रस निकालकर उसमें थोड़ी सी मिश्री मिला लें। इसे प्रतिदिन सुबह पीने से खून की खराबी दूर होकर एक्जिमा ठीक होने लगता है।

ओमेगा 3 ऑयल की मसाज

आजकल मार्केट में ओमेगा 3 ऑयल आसानी से उपलब्‍ध है। इसलिए खुजली की शिकायत होने पर फटाफट ओमेगा 3 ऑयल से मसाज कर लें। इससे आपको राहत होगी।

खीरे का पानी

खीरे को बारीक स्‍लाइस में काटकर दो घंटे के लिए रख दें। पूरा रस निकल जाने के बाद उसे छान लें और खुजली वाली जगह पर लगा लें। जरूर आराम होगा।

आटे का लेप

गेहूं के आटे का लेप करने से शरीर के सारे चर्म रोग दूर हो जाते हैं और खुजली में आराम मिलता है।

समुद्र के पानी में स्‍नान

यह टिप्‍स केवल उन्‍ही लोगों के लाभदायक है जो समुद्र के किनारे के वासी हैं। कहा जाता है कि शरीर में खुजली होने पर समुद्र में नहाने से खुजली दूर भाग जाती है। इसके पीछे कारण यह माना जाता है कि समुद्र के पानी में नैचुरल मिनरल्‍स होते हैं और प्‍योर सॉल्‍ट भी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप घर में पानी में नमक मिलाकर नहाने लगे, इससे आपकी त्‍वचा को और ज्‍यादा नुकसान होगा।

चन्दन

एक चम्मच कपूर के साथ एक चम्मच चन्दन की लई मिलाकर एक्जिमा से ग्रसित जगह पर लगाने से भी बहुत फायदा होता है।

शुद्ध गुग्गूल

आयुर्वेद की बहुत ही प्रचलित जड़ी बूटी, गुग्गूल में शुद्धि और तरोताजा करने के लिए अत्यधिक ओजस्वी शक्तियों का समावेश होता है।

हरड़

हरड़ को बारीक पीस लें। दो चम्‍मच हरड़ को दो गिलास पानी में उबाल कर रख लें। जहां भी खुजली हो, उस पानी को लगा लें कुछ देर में आराम मिल जाएगा।

साफी

रक्त शुद्धी की एक बहुत ही प्रचलित औषधि, जिसके एक दो चम्मच खाली पेट पर लेने से एक्ज़िमा काफी हद तक ठीक हो जाता है।

आहार और खान पान

  • दही और अचार जैसे खट्टी चीज़ों का सेवन बिलकुल ना करें।
  • करेले और नीम के फूलों का सेवन भी लाभकारी होता है।
  • शुद्ध हल्दी भी एक्जिमा की चिकित्सा में लाभ प्रदान करती है। इसे एक्जिमा के चकतों पर लगाया जा सकता है और दूध में मिलाकर भी पीया जा सकता है।

क्या करें क्या ना करें

  • डिटरजेंट (कपडे धोने का पाउडर) को बिलकुल भी ना छुएं, पर अगर मजबूरी से छूना भी पड़े तो सूती दस्तानों का प्रयोग करें।
  • एक्जिमा से ग्रसित जगह पर तंग कपडे ना पहनें।
  • सिंथेटिक कपड़ों का भी बिलकुल प्रयोग ना करे, क्योंकि इससे पसीने के निष्काशन में कठिनाई होती है।
  • तरबूज जैसे फलों का नियमित रूप से सेवन करें।
  • गाजर और पालक के रस का मिश्रण पीने से भी एक्जिमा के ठीक होने में लाभ मिलता है।
  • पानी का भरपूर मात्रा में सेवन करें और चाहें तो संतरे का रस भी पी सकते हैं।
  • अध्ययनों से पता चला है कि टमाटर का रस भी एक्जिमा को चंद दिनों में ठीक करने में सहायक सिद्ध होता है।
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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