15 दिन में हृदय की बढ़ी हुई धड़कन, बीपी या कोलेस्ट्रॉल हो सकता है सही इस घरेलु उपाय से

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आज हम आपको हृदय के कुछ विशेष रोग जैसे बढ़ी हुई धड़कन को सामान्य करने, कोलेस्ट्रॉल को कम करने, हृदय को शक्ति देने, ब्लड प्रेशर को कम करने के बारे में बहुत ही सरल और प्रभावकारी नुस्खा बताने जा रहें हैं. आइये जाने ये प्रयोग.

गाजर में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जैसे बीटा कैरोटिन, लायकोपीन, ल्युटीन, जियाजेनथीन, विटामिन सी पाए जाते हैं. ये एंटी ऑक्सीडेंट निमिन्लिखित कार्य करते हैं.

  1. ये एंटी ऑक्सीडेंट हमारे हृदय और शरीर के अन्य अंगों को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचा कर ओक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करते हैं. जिस से हमारी रक्त वाहिनियों में रक्त का संचारण सुचारू रूप से होता है.
  2. कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करते हैं.
  3. बाइल जो के लीवर में बनता है उसके उत्पादन को बढाते हैं, जिससे हमारी आंते वसा(फैट) का आसानी से पाचन कर सकती हैं. जिससे शरीर में फैट की मात्रा नहीं बढती.

आइये अब जानते हैं हृदय के लिए गाजर के ये विशेष प्रयोग.

  1. 5 गाजरे लीजिये, इनको कोयले के अंगारों पर पकाएं, पकाने के बाद थोड़ी ठंडी कर लीजिये और इसको कद्दूकस कर लीजिये. अभी इन गाजरों में केवड़ा या गुलाब अर्क मिला कर साथ में मिश्री मिला कर खाइए. और अगर पका नहीं सकते तो गाजरे छीलकर रात भर बाहर औस में रखी रहने दीजिये. प्रातः काल इन गाजरों को कद्दूकस करके केवड़ा या गुलाब अर्क तथा मिश्री मिलाकर खाने से हृदय की धड़कन सामान्य हो जाती है.
  2. गाजर को कद्दूकस कर लीजिये, अब इनको दूध में उबाल लीजिये, जब गाजर गल जाए तो शक्कर मिलाकर खाने से हृदय को शक्ति मिलती है.
  3. गाजर को कद्दूकस करा दूध में उबालकर खीर की तरह खाने से हृदय को ताक़त मिलती है, खून की कमी मिटती है.
  4. गाजरों को साफ़ करके छोटे छोटे टुकड़े करके शहद मिले जल में उबाले, जब गाजर कुछ नरम हो जाए तो निकालकर कपडे पर फैलाकर कुछ शुष्क कर लें, फिर केवल शहद में उबालकर एकतार चाशनी बनायें और बर्तन में रखें, इसके एक किलोग्राम मुरब्बे में 1 से 2 ग्राम दालचीनी, सौंठ, इलायची, केशर, कस्तूरी, तथा जायफल डाल दें. 40 दिन बाद इस मुरब्बे का सेवन 20 से 40 ग्राम तक करें. यह मुरब्बा दिल की कमजोरी और उन्माद के लिए अति उत्तम है. यह मुरब्बा अत्यंत कामोत्तेजक है और ये जलोदर में भी लाभदायक है.
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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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