कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक, बस 3 दिन तक खाएं ये एक चीज

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हार्ट अटैक एक बहुत ही गंभीर रोग है। हार्ट अटैक को दिल का दौरा पड़ना भी कहते हैं। अधिकतर लोगों को हार्ट अटैक तब पड़ता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली किसी एक या एक से अधिक धमनियों में जमे वसा के थक्के के कारण रुकावट आ जाती है। पहले के समय में सिर्फ उम्रदराज लोगों को ही हार्ट अटैक होता था। लेकिन आजकल के बिगड़ते लाइफस्टाइल और तनाव भरे जीवन के चलते आजकल नौजवान भी हार्ट अटैक के रोगी हो रहे हैं। हार्ट अटैक के रोगियों को कभी कभी यह पता ही नहीं होता कि वे हृदय रोगी हैं। क्योंकि जब उन्हें अपने शरीर में इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो वे उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। जिसके चलते बाद में गंभीर परिााम भुगतने पड़ते हैं।

हार्ट अटैक के मरीज अगर पहले से ही शरीर में दिखने वाले लक्षणों को गंभीरता से लें तो मामले पर काबू पाया जा सकता है। हार्ट अटैक से करीब एक महीने पहले से सीने में हल्का दर्द, सांस लेने में दिक्कत, फ्लू की समस्‍या, मितली, ब्लड प्रेशर को लो या हाई होना, अधिक पसीना आना, कमजोरी महसूस होना, तनाव और घबराहट जैसे लक्षण दिखने देने लगते हैं।

हालांकि जब हार्ट अटैक अपने चरम पर पहुंच जाए तो उस स्थिति में दवाई लेना सही है। लेकिन एक आम इंसान को जिसे कभी हार्ट अटैक नहीं आया है या जिसे हार्ट अटैक के लक्षण शरीर में दिखते हैं तो उसे प्राकृतिक चीजों का सहारा लेना चाहिए। आज हम आपको हार्ट अटैक से बचने के लिए गेंहू के जबरदस्त फायदे बता रहे हैं। यानि कि अंकुरित गेंहू को खाने से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।

अंकुरित गेंहू के द्धारा हार्ट अटैक से बचने के लिए सबसे पहले गेंहू को 10 मिनट के लिए पानी में उबालें और फिर उन्हें अंकुरित करने के लिए किसी कपडे में बांध कर रख लें। ऐसा करने से गेंहू अच्छी तरह अंकुरित हो जाएंगे। जब गेंहू में करीब 1 इंच तक लंबे अंकुर हो जाएं, तो रोज आधी कटोरी सुबह खाली पेट उन्हें खाएं। सिर्फ 3 से 4 दिन तक ही ऐसा करने से आपको अपने शरीर में काफी बदलाव दिखेगा और जीवन में हार्ट अटैक आने के चांस भी बहुत कम हो जाते हैं।

अब अगर आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि अगर गेंहू को उबालेंगे तो यह अंकुरित कैसे होंगे? तो आपको बता दें कि जब उबले हुए गेंहू को अंकुरण के लिए रखा जाता है तो उनमें से लगभग 5-10% गेंहू में ही वो सामर्थ्य होता है कि वो अंकुरित हो जाएं और जिन गेंहू में उबलने के बाद ये सामर्थ्य होता है वही हार्ट अटैक के लिए औषधी साबित होते हैं।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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