कैंसर और बहुत सारी बीमारियों से बचाती है भिंडी

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प्राचीन समय से ही भिंडी को खाने के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। कुछ लोग इसे सब्जी बनाकर खाना पसंद करते हैं, कुछ उबालकर तो कुछ इसे कच्चा भी खाते हैं।

भिंडी में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो दूसरी किसी और सब्जी में नहीं मिलते हैं। आयुर्वेद में भिंड़ी के कई गुणों के बारे में बताया गया है। लकिन अभी तक भिंडी के इन फायदों के बारे में शायद ही आपने जाना होगा। आखिर क्यों भिंडी सेहत के लिए फायदेमंद है। भिंडी में मौजूद वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम और लौह के साथ सोडियम और फास्फोरस सेहत के लिए बेहद फायदेमंद पोषक तत्व हैं।

भिंडी खाने से होने वाले ये फायदे आपको हैरानी में डाल देंगें-

बालों के‍ लिए फायदेमंद

अगर आप बालों को लंबे समय तक काला और घना बनाये रखना चाहते हैं, तो भिंडी इसमें आपकी मदद कर सकती है। साथ ही यह बालों की रूसी को भी दूर रखती है। बाउंसी हेयर पाने के लिए भिंडी के छोटे-छोटे टुकड़े काटें और उसमें आधा नींबू निचोड़ लें। इसे सिर धोने में इस्‍तेमाल करें। इससे आपके बालों को काफी फायदा होगा। जानकार तो यह भी मानते हैं कि भिंडी से सिर धोन पर जुएं भी नहीं होतीं।

कब्‍ज

भिंडी कब्‍ज को भी दूर करती है। यह डायटरी फाइबर का सबसे अच्‍छा स्रोत मानी जाती है, जो हमारी पाचन क्रिया के लिए काफी लाभकारी होती है। यह घुलनशील फाइबर शरीर में मौजूद पानी में घुल जाते हैं, जिससे हमारी पाचन क्रिया दुरुस्‍त हो जाती है ।

कैंसर

भिंडी को अपनी थाली में शामिल करके आप कैंसर को दूर भगा सकते हैं। खासतौर से कोलन कैंसर को दूर करने में भिंडी बहुत फायदेमंद है। यह आंतों में मौजूद विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे आंतें स्वस्थ रहती हैं और बेहतर तरीके से कार्य करती हैं।

हृदय

भिंडी आपके दिल को भी स्वस्थ रखती है । इसमें मौजूद पैक्टिन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, साथ ही इसमें पाया जाने वाला घुलनशील फाइबर, रक्त में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है।

वज़न घटाने में सहायक

भिन्डी की अधकची सब्जी उन लोगों के लिए भी उत्तम है जो वजन घटाने के लिए तत्पर हैं। सुबह शाम कच्ची भिंडी चबाना भी वजन कम करने में सहायक होता है।

भ्रूण का विकास

गर्भावस्‍था के दौरान भिंडी का सेवन भ्रूण के समुचित विकास के लिए जरूरी होता है। भिंडी में मौजूद फोलेट एक जरूरी पोषक तत्‍व है जो भ्रूण के मस्तिष्‍क विकास में अहम भूमिका निभाता है। भिंडी में मौजूद फोलिक एसिड की भरपूर मात्रा गर्भावस्‍था के चौथे से बारहवें सप्‍ताह तक, भ्रूण के न्‍यरल ट्यूब के विकास में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।

त्वचा को बनाएं स्वस्थ

भिंडी त्वचा को जवां बनाए रखने का काम करती है क्योंकि भिंडी में मौजूद तत्व त्वचा में फ्री रेडिक्लस को बेअसर करके चेहरे को टाइट बनाते हैं।

डायबिटीज

इसमें पाया जाने वाला यूगेनॉल, डायबिटीज के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह शरीर में शर्करा के स्तर को बढ़ने से रोकता है, जिससे डायबिटीज का खतरा कम होता है।

एनीमिया

भिंडी एनीमिया में भी काफी लाभदायक होती है। इसमें मौजूद आयरन हीमोग्लोबिन का निर्माण करने में सहायक होता है, और विटामिन- के, रक्तस्त्राव को रोकने का कार्य करता है।

पाचन तंत्र

भिंडी फाइबर से भरपूर सब्जी है। इसमें मौजूद लसलसा फाइबर पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इससे पेट फूलना, कब्ज, दर्द और गैस जैसी समस्याएं नहीं होती।

हड्डियां बनाए मजबूत

भिंडी में पाया जाने वाला लसलसा पदार्थ हमारी हड्डियों के लिए उपयोगी होता है। इसमें पाया जाने वाला विटामिन-के हड्‍डियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है।

दिमागी सक्रियता को बढ़ाने में

फोलेट और विटामिन बी9 भी दो ऐसे पोषक तत्व हैं जो भिंडी में मुख्य रूप से मिलता है। ये दोनों पोषक तत्व दिमाग की सक्रियता को बनाए रखने के लिए जरूरी होते हैं।

इम्यून सिस्टम

भिंडी में विटामिन-सी होने के साथ यह एंटीआक्सिडेंट से भरपूर होती है। जिसके कारण यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करती है। इसे भोजन में शामिल करने से कई बीमारियों जैसे खांसी, ठंड जैसी समस्याएं भी नहीं होती।

आंखों की रौशनी

भिंडी विटामिन-ए, बीटा कैरोटीन और एंटी-ऑक्सीडेंटद्यस से भरपूर होती है, जो सेल्युलर चयापचय से उपजे मुक्त कणों को समाप्त करने में सहायक होते हैं। यह कण नेत्रहीनता के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा भिंडी मोतियाबिंद से भी बचाती है।

सावधान 

भिंडी में ओजलेट अत्यधि‍क मात्रा में पाया जाता है, जो गुर्दे और पित्त में पथरी या स्टोन के खतरे को बढ़ा देता है, और पहले से मौजूद स्टोन को बढ़ाकर मजबूत कर देता है। इसके अलावा इसे भूनकर पकाने पर यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकती है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।

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