जानिए गाय का दूध हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है

0
health-benefits-of-cow-milk

भारत में कई तरह की गाय पाई जाती हैं जिसमे देसी गाय और विदेशी गाय भी शामिल होती हैं। जो देसी गाय होती है वो पूजनीय होती हैं और वो विदेशी गाय से कम दूध देती हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार देसी गाय में देवी देवताओं का निवास होता है। गाय का दूध जल्दी से पच जाता है। गाय का गोबर भी काफी लाभकारी होता है इसका गोबर उपयोग में लाने से कई तरह की बीमारियाँ खत्म होती हैं । इसके इस्तेमाल से वातावरण प्रदूषित नही होता।

health-benefits-of-cow-milk

गाय का दूध बच्चों और बूढों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। इसका दूध बच्चों को जल्दी पच जाता है। गाय का दूध पीने से हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। गाय के दूध का सेवन करने से हमारी सेहत ठीक रहती है। गाय का दूध पीला होता है और सोने जैसे गुणों से युक्त होता है। केवल गाय के दूध में ही विटामिन ए होता है, किसी अन्य पशु के दूध में नहीं।

गाय का दूध अत्यंत स्वादिष्ट, स्निग्ध, मुलायम, चिकनाई से युक्त, मधुर, शीतल, रूचिकर, बुद्धिवर्धक, बलवर्धक, स्मृतिवर्धक, जीवनदायक, रक्तवर्धक, वाजीकारक, आयुष्यकारक एवं सर्वरोग को हरनेवाला है।

वैज्ञानिकों के अनुसार गाय के दूध में 8 प्रकार के प्रोटीन, 6 प्रकार के विटामिन, 21 प्रकार के एमिनो एसिड, 11 प्रकार के चर्बीयुक्त एसिड, 25 प्रकार के खनिज तत्त्व, 16 प्रकार के नाइट्रोजन यौगिक, 4 प्रकार के फास्फोरस यौगिक, 2 प्रकार की शर्करा, इसके अलावा मुख्य खनिज सोना, ताँबा, लोहा, कैल्शियम, आयोडीन, फ्लोरिन, सिलिकॉन आदि भी पाये जाते हैं।

गाय का दूध अमृत के समान होता है। गाय के दूध का सेवन करने से हमारी हड्डिया मजबूत होती हैं । गाय का दूध पीने से बहुत से फायदे होते है जो इस तरह से है –

आंखों की समस्या

अगर आप की आंख में दर्द, जलन, आंख में कोई कीड़ा या तिनका गिर गया हो तो आप गाय के दूध में रुई भिगोकर अपनी आँख पर रखें या आप दूध की 3 बूंदे अपनी आखोँ में भी डाल सकते हैं। आप को इससे राहत मिलती है।

होठों का कालापन

कच्चे दूध का एक चम्मच लें और उसमे थोडा सा केसर मिलाकर अपने होठों पर लगायें। ऐसा करने से आपके होठों का कालापन दूर हो जाता है।

बवासीर और गैस में

250 ग्राम गाय का दूध, 250 पानी, 5 कालीमिर्च डालकर इसे उबालें। जब पानी सूख जाये तब इसे छान लें। इसमे मिश्री मिलाकर पीने से गैस से राहत मिलती है। गर्म दूध में ईसबगोल मिलाकर पीने से कब्ज की समस्या दूर होती है। जिन लोगो को बबासीर की शिकायत होती है उन्हें भी इसका सेवन करना चाहिए।
दुध में कैल्शियम की मात्रा काफी होती हैए जिन लोगो को कैल्शियम की कमी होती है । उन्हें रात को सोने से पहले दूध का सेवन करना चाहिए। इससे हमारी हड्डिया मजबूत होती हैं ।

चेहरे की समस्या में

चेहरे पर कील, मुहासे, झाई, दाद. धब्बे हटाने के लिए रात को सोने से पहले गाय के दूध को चेहरें पर मलें। फिर आधे घंटे के बाद अपना चेहरा साफ़ पानी से धो लें। ऐसा करने से आप का चेहरा साफ़ हो जाता है।

बच्चों को दस्त लगने पर

गर्म दूध में चुटकी भर दालचीनी का प्रयोग करने से बच्चों को दस्त से राहत मिलती है। बड़ों को दस्त होने पर इसकी मात्रा दुगनी कर दें।

दमा और फेफड़ों के लिए

दूध में पीपल के पत्ते डालकर गर्म करें। फिर इसमें शक्कर मिलाकर इसका सेवन करें। इसको पीने से दमाए फेफडो की बीमारी से राहत मिलती है। इसका इस्तेमाल लगातार कुछ दिनों तक करना चाहिए।

माइग्रेन में

सुबह सूर्य उगने से पहले गर्म दूध के साथ जलेबी या रबड़ी का सेवन करने से आपका आधे सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
आधे सिर का दर्द ठीक करने के लिए दूध में बादाम मिलाकर पियें। फिर 2 घंटे तक कुछ न खाएं। बादाम वाला दूध पीने से आपका आधे सिर का दर्द ठीक हो जाता है।

कभी नहीं होगा कैंसर

देसी गाय की पीठ पर मोटा सा हम्प होता है ! जिसमे सूर्यकेतु नाड़ी होती हैं, जो सूर्य की किरणों के संपर्क में आते ही अपने दूध में स्वर्ण का प्रभाव छोड़ती हैं। जिस कारण गाय के दूध में स्वर्ण तत्व समा जाते हैं। देसी गाय का दूध पीने से कभी भी कैंसर का रोग नहीं होगा।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
Loading...

Leave a Reply