कहीं आपके घर के मंदिर में तो नहीं ये 4 चीज़ धीरे धीरे घर कर देती है बर्बाद

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हर घर में देवी-देवताओं के लिए एक अलग स्थान होता है। कई घर में अपने तरीके से छोटे या बड़े मंदिर बनाते है। हमें उनकी पूजा करने से सभी दुख-दर्द कम होता है साथ ही इससे आपके मन की शांति मिलती है। जिन धरों में विधि विधान से पूजा की जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। जिससे घर की दरिद्रता दूर हो जाएगी, लेकिन कुछ जानकारी न होने पर हम कुछ गलतियां कर बैठते है जिससे कि घर में अशांति उत्पन्न होने लगती है। देवी-देवताओं की विधि-विधान और सच्चें मन से की जाए तो भगवान जल्द ही प्रसन्न हो जाते है। जानिए ऐसी ही बातों के बारें में जो घर के मंदिरों में नहीं करनी चाहिए।

  • घर के मंदिर में आप गणेश जी की मूर्ति रखते है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मंदिर में गणेश जी की तीन मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में अशांति आ सकती है।
  • अपने घर के मंदिर में शंख तो जरुर रखते होगे, लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि एक से ज्यादा शंख मंदिर में न हो। अगर ऐसा हो तो एक शंख मंदिर से हटा दे।
  • घर के मंदिर में ज्यादा बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। यदि आप अपने मंदिर में शिवलिंग रखना चाहते हैं तो शिवलिंग अपने अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग बहुत संवेदनशील होता है और इसी वजह से घर के मंदिर में छोटा-सा शिवलिंग रखना शुभ होता है।
  • शास्त्रों के अनुसार घर में कभी भी खंडित मूर्तिया नही रखनी चाहिेए, क्योंकि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत खुल जाता है। जो अशुभ माना जाता है। इसलिए घर में खंडित मूर्ति की पूजा वर्जित है।
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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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