99% लोग नहीं जानते कि दही कब और कैसे खाएं? , आइये जाने

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दूध को जमाकर दही बनाया जाता है। दही में लेक्टोबेसिलस नाम के बेक्टिरिया होते है जो दूध में मौजूद लैक्टोस नाम की शक्कर को तेजी से लेक्टिक एसिड में परिवर्तित कर देते है। इस प्रकार हमें दही प्राप्त होता है। इसी वजह से दही का स्वाद खट्टा होता है। दही एक शानदार आहार है। इसे रोजाना खाया जा सकता है। इससे शरीर को कई प्रकार के फायदे प्राप्त होते है। दही आसानी से घर पर बनाया जा सकता है।

दही के फायदे अब सारा संसार मानने लगा है। आजकल योगर्ट नाम बहुत सुनने में आ रहा है। ये दरअसल दही ही है। विदेशी कंपनिया दही को कई प्रकार के स्वाद में बदल कर योगर्ट के नाम से बेच कर अच्छा मुनाफा कमा रही है।

दही के पोषक तत्व

दही से उच्च क़्वालिटी के प्रोटीन मिलते है। एक कप  Dahi  दैनिक आवश्यकता का लगभग 25 %  प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है। इसमें  कैल्शियम , फास्फोरस , ज़िंक , पोटेशियम , मैग्नेशियम ,  प्रचुर मात्रा में होते है। इसके अलावा इसमें  विटामिन C , विटामिन B 6 , विटामिन B 12 , राइबोफ्लेविन , थाइमिन , व पेंटोथेनिक एसिड पाया जाता है। Dahi  में ओमेगा 3 व ओमेगा 6 फैटी एसिड  भी होते है। एक कप  Dahi  से लगभग  120  कैलोरी मिलती है।

दही के उपयोग

दही को मथकर उसमे पानी मिलकर छाछ बनाई जाती है , छाछ को मथकर मक्खन बनाया जाता है। दही से स्वादिष्ट श्रीखण्ड बनता है। इससे  कई प्रकार की स्वादिष्ट  चीजें बनाकर खाया जाता है। कई प्रकार के रायते जैसे बूंदी का रायता , ककड़ी का रायता , प्याज का रायता , पाइनेपल का रायता आदि दही से बनते है। दही से बने दही बड़े का नाम सुनते ही मुँह में पानी आ जाता है। दही से बनी स्वादिष्ट कढ़ी ने पूरे विश्व में धूम मचा रखी है। दही से कुछ लोग अपनी क्रिएटिविटी से अलग ही तरह की डिश बना कर खाते है।

दही के फायदे

  1. दिल के लिए फायदेमंद – आजकल हार्ट से जुडी परेशानी उम्र देखकर नहीं होती है, आजकल के खानपान के चलते कम उम्र में ही इस परेशानी का सामना करना पड़ जाता है| इससे बचने के लिए दही का सेवन करना चाइये, रोज दही खाने से ताउम्र आपके दिल की देखभाल होती है| दही से कोलेस्ट्रोल कम होता है व हाई ब्लडप्रेशर भी कंट्रोल रहता है|
  2. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये  दही में मौजोद बैक्टीरिया हमारे शरीर के अंदर के कीटाणु व आसपास के छोटे-छोटे कीटाणु से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है| दही खाने से शरीर में फूर्ती आती है व बहुत से रोग दूर रहते है|
  3. हड्डियों को मजबूत करे दही में कैल्शियम होता है जो हड्डी के लिए बहुत जरुरी है| इससे हड्डी व दांत मजबूत होते है|
  4. पाचनतंत्र मजबूत करे  दही खाने से पाचन सही रूप से होता है, कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी परेशानियाँ दूर होती है|
  5. अलसर ठीक करे  पेट का अल्सर व कैंसर से दही शरीर को बचाए रखता है|
  6. वजन कम करने में सहायक  दही खाने से पेट बहुत देर तक भरा हुआ महसूस होता है जिससे भूख कम लगती है| इसमें प्रोटीन व कैल्शियम अधिक होता है जो वजन कंट्रोल में सहायक है| दही से कैलोरी भी कम होती है| दही शरीर से एक्स्ट्रा फैट को हटाता है|
  7. स्किन के लिए फायदेमंद  दही से चेहरे में ग्लो आता है, टैनिंग व चेहरे की गन्दगी इससे दूर होती है| इससे कील मुहांसे, दाग धब्बे भी दूर होते है|
  • दही में बेसन, नीम्बू का रस मिलाकर चेहरे व गार्डन में 15 min तक लगायें| हफ्ते में 2 बार ऐसा करने से चेहरा साफ हो जायेगा|
  • 1 चम्मच ताजा दही रो ज नहाने से पहले चेहरे पर लगायें| रूखापन व टैनिंग दूर होगी|
  • संतरे के छिलके का पाउडर व दही मिलाकर चहरे पर लगायें|
  • हल्दी, दही व गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर 10 min तक लगायें|
  1. बालों के लिए फायदेमंद – दही बालो के लिए नेचुरल कंडीशनर की तरह है, जो बालों को moisture देता है|
  • ताजे दही को 30 min तक बालों में लगायें फिर पानी से धो लें, इसे आप मेहँदी व अंडे के साथ मिलाकर भी लगा सकते है| इससे बाल हेल्थी, लम्बे, काले होते है|
  • दही में बेसन व काली मिर्च पाउडर मिलाकर हफ्ते में 2 बार लगाने से बाल झड़ना भी कम होता है व रुसी भी ख़त्म हो जाती है|
  • मैथी पाउडर को दही में मिलाकर लगाने से बाल शाइन करते है|
  1. अन्य फायदे 
  • गर्मी के दिनों में रोज दही का सेवन जरुर करना चाहिए| इससे आप लू, गर्मी से बचे रहते है| इससे पेट की गर्मी शांत होती है|
  • छाछ से कुल्ला करने से मुहं के छाले ख़त्म होते है|

दही कब नहीं खानी चाहिए

  • दही रात में खाने से स्वास्थ पर बुरा असर पड़ता है|
  • रात को अगर दही खा रहे है तो उसमें नमक, काली मिर्च या शक्कर मिलाकर खाएं| व सोने से पहले ब्रश करें|
  • ठण्ड में दही खाने से दुष्प्रभाव होता है|
  • खली पेट दही नहीं खाना चाइये|
  • धुप से तुरंत आकर दही नहीं खाना चाहिए|
  • दही को कभी गरम नहीं करना चाइये|
  • दही को बीफ के साथ नहीं खाना चाइये, ये दोनों अलग तरह के खाद्य है जिन्हें साथ में नहीं खाया जाता|
  • बवासीर के मरीज को दही से परहेज करना चाहिए|
  • रोज दही वजन बढ़ा भी सकता है इसलिए वजन कम करने वालों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की दही low फैट दूध से बना हो|

दही को खाते समय उससे जुड़ी सभी बातें ध्यान रखें| इसे एक सिमित मात्रा में ही खाएं, अत्यधिक मात्रा स्वास्थ के लिए हानिकारक है| दही हमेशा ताजा हो ये हमेशा ध्यान रखें|

इन हिन्दी महीनों में न खाएं दही

  • आयुर्वेद के अनुसार हिन्दी महीने चैत, बैसाख, जेठ, आसाढ़ और अश्विन व कार्तिक में दही नहीं खाना चाहिए।
  • चैत बैसाख में दही खाने से शरीर में कफ बढ़ता है। इससे शरीर में चर्बी बढ़ने का डर रहता है। मोटापा भी बढ़ सकता है।
  • जेठ और आसाढ़ महीने में दही खाने से शरीर में पित्त संचय होता है। पसीने में जलन की शिकायत होती है।
  • अश्विन और कार्तिक महीने में दही खाने से जान्डिस का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा बुखार से भी व्यक्ति परेशान रहता है।

इन महीनों में खाएं दही होगा फायदा

दही खाने के लिए बाकी बचे सावन, भाद्र, अगहन, पूस और फाल्गुन महीने आयुर्वेद में बताए गए हैं। इन महीनों में दही खाने से ठंड नहीं लगती है। दही की तासीर गर्म होती है। इसलिए यह ठंड से बचाता है। इसके अलावा पेट की समस्या भी दूर होती है।

दही ज़माने का सही तरीका

दहि जमाने के लिए तापमान बहुत महत्वपूर्ण होता है। सही तापमान होने पर दहि बहुत अच्छा बनता है। दहि के लिए 30° – 40° सेलसियस तापमान सबसे अच्छा होता है। इसीलिए गर्मियों के मौसम में दहि अच्छा जमता है। सर्दी के दिनों में तापमान 30 ° C से कम होने पर दही अच्छा नहीं जमता। दूध से दहि ज़माने के लिए डाले जाने वाले एक चम्मच दहि  को जामन कहा जाता है। फ्रिज में एक चम्मच जितना दहि अलग से जरूर रखना चाहिए ताकि जरुरत के वक्त आपके पास दहि  ज़माने के लिए जामन मौजूद हो । वैसे जामन के अलावा दुसरे तरीकों से भी दहि जमाया जा सकता है।

गर्मियों में दही ज़माने के लिए

  • दूध    —    500 ग्राम
  • दही   —  एक चम्मच

दूध को उबाल कर कमरे के तापमान तक ठंडा कर लें। एक कटोरी में एक चम्मच दहि लें इसमें दो चम्मच दूध मिला लें। इसे ठंडे किये हुए दूध में डाल दें और जाली से ढक दें। 5 से 6 घंटे में ताजा खाने लायक दही तैयार हो जायेगा। इसे फ्रिज में रखने पर दो दिन तक काम में लिया जा सकता है।

सर्दी में दही ज़माने के लिए

  • दूध  —    500 ग्राम
  • दही  —   दो चम्मच

दूध को उबाल कर ठंडा कर लें। दूध में अंगुली डाल कर देखने पर हल्का गर्म लगना चाहिए। एक कटोरी में दो चम्मच दहि  लें। इसमें चार चम्मच दूध मिला दें। इसे दूध में डाल दें। अब दूध के बर्तन को ऐसी जगह रखें जहाँ इसका तापमान बना रह सके जैसे आटे में दबा दें। या दूध को कैसरोल में डाल कर ढ़क्कन लगा दें। या माइक्रोवेव को प्रीहीट करके बर्तन इसके अंदर रख दें। या बर्तन को मोटे कपड़े से लपेट दें। 6 से सात घंटे में ताजा खाने लायक दही तैयार हो जायेगा।

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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