मात्र 5 मिनट में सर्दी खाँसी और कफ से छुटकारा पाए

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खांसी, सर्दी, जुकाम और एलर्जी ये सब एक कोटि की बीमारियां हैं. ये सब कभी एक साथ नही लगती, बल्कि इनमें से कभी कोई तो कभी कोई सी बीमारी आपको घेरती है. अधिक गर्मी के बाद बरसात का मौसम जब शुरू होता है, तब अधिकतर लोगों को इससे ग्रस्त होते देखा गया है. कभी कभी यदि इसे छोटी मोटी बीमारी समझकर छोड़ दिया जाता है लेकिन बाद में ये भयंकर बीमारी का रूप भी ले लेती है, जो आपके लिए बिलकुल अच्छी खबर नहीं है.

तुसली ( Basil )

किन्तु खांसी, जुकाम, एलर्जी, सर्दी आदि जैसी बीमारियों के उपचार के लिए आप घर पर ही दवाई बना सकते हैं.

विधि- इसके लिए आप तुलसी के पत्ते, तना और बीज को एकत्रित करें याद रहे तीनों का कुल वजन 50 ग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए. अब इनको एक बर्तन मेंडाल लें जिसमें 500 मिलि पानी होना चाहिए. इसके बाद 100 ग्राम अदरक और 20 ग्राम काली मिर्च दोनों को अच्छे से पीसकर तुलसी वाले पानी में डाल दें. अब इसे तब तक उबालें जब तक काढ़ा बनकर 100 ग्राम न हो जाए. अब इसे छान कर कांच की शीशी में डाल लें और थोड़ा सा शहद मिला लें. इस तैयार दवा को दिन में 2 से 3 बार दो चम्मचकी मात्रा में उपयोग करें आपको आराम मिलेगा.

अदरक ( Ginger )

अदरक के रस के साथ तुलसी का रस मिला लें और हल्का सा गर्म कर लें, इसमें शहद और गुड़ मिला लें. सुबह खली पेट, दोपहर और शाम को एक चम्मच खाने से सर्दी और छाती के दर्द में आराम मिलता है.

अदरक और सेंधा नमक ( Ginger and Rock Salt )

कई बार ऐसा होता है कि खाना तो स्वादिष्ट बनता है किन्तु भूख नहीं लगती. ऐसे में आपको भोजन पूर्व अदरक के टुकड़ों पर सेंधा नमक डाल कर खाएं, ऐसा करने से जीभ और गला साफ होता है और भोजन के प्रति अरूचि मिटती है.

अदरक की चाय ( Ginger Tea )

चाय में पांच ग्राम अदरक कूटकर पाव भर पानी में पकाएं, आधा पाव पानी रहने पर चाय की पत्ती, दूध और चीनी मिलाकर पीएं. यह कफ, खांसी, जुकाम, सिरदर्द, कमर दर्द, पसली और छाती की पीड़ा दूर करती है और पसीना लाकर रोम छिद्रों को खोलती है.

अजवायन ( Parsley )

दो चम्मच अजवायन को तवे पर हल्का सा भून लें और उसे एक रूमाल या सूती कपडे में बांधकर पोटली बना लें, इस पोटली को नाक से सूंघे और सूंघते -सूंघते ही सो जाए ऐसा करने से आपको जुखाम में जल्द आराम मिलेगा.

सेंधा नमक ( Rock Salt )

यदि खाँसी की समस्या है तो सुबह उठ कर पानी में आधा चम्मच सेंधा नामक डाल के गुनगुना कर लें और इस पानी से गरारे करें. ऐसा आप दोपहर में, फिर रात को सोने से पहले भी कर सकते हैं खाँसी चली जाएगी.

शहद और काली मिर्च ( Honey and Black Pepper )

ज्यादा खाँसी आ रही हो तो सोने से पहले एक चम्मच शहद में थोडी सी पीसी हुई काली मिर्च का पाऊडर डाल कर अच्छे से मिलाए और उसे चाटें जल्द आराम मिलेगा.

विटामिन सी ( Vitamin C )

जब तापमान में गिरावट होनी शुरू हो जाती है तो विशेषज्ञ विटामिन सी को खाने में इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, जिसमें आंवला व नीबू के साथ ही बाजार में उपलब्ध विटामिन सी की दवाओं को भी शामिल किया जा सकता है. बारिश के मौसम में आद्रता के बने रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसके लिए फलों के ताजे जूस को भोजन में शामिल किया जाना जरूरी हो जाता है. साधारण भोजन के अलावा मानसून में 200 से 300 कैलोरी को ग्रहण किया जा सकता है, हालांकि इसके साथ ही शारीरिक श्रम के अनुपात को बनाए रखना भी जरूरी है. हरी सब्जियों के अलावा, न्यूट्रिशियन व पाइथोन्यूट्रिट को भी शामिल किया जा सकता है.

 

गाय का घी दूध ( Cow Ghee and Milk )

यदि गले में खराश है, गले मे इन्फेक्शन है,गला बैठ गया है, पानी पिने में तकलीफ है, लार निकलने मे तकलीफ है, आपकी जीभ सूख रही है, आवाज भरी हो गयी है तो इन सबके लिए देशी गाय का एक ग्लास दूध, एक चम्मच देशी गाय का घी और एक चौथाई चम्मच हल्दी को मिलाकर 5 मिनट तक उबाल लें. अब इसे रोजाना शाम को चाय की तरह  पियें, तुरंत आराम मिलेगा.

शहद और दालचीनी ( Honey and Cinnamon )

यदि पुरानी खाँसी नहीं जा रही है तो दालचीनी को अच्छे से पीसकर पाउडर बना लें. इसे अपने उल्टे हाथ की हथेली पर करीब ½चम्मच की मात्रा में लें और थोडा शहद डालें. अब सीधे हाथ से इसे अच्छी तरह मिलाएं और फिर चाट जाएँ. इस उपाय को दिन में 3 बार अपनाने से खांसी जड़ से खत्म हो जाती है.

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इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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