इलायची और सौंफ चबाकर आंखों का चश्मा हटाये, जानिए कैसे ?

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सुबह उठकर मुह मे पानी भरकर आँखें खोलकर साफ पानी के छींटे आँखों मे मरने चाहिए इससे  आँखों की नजर बढ़ती है| बालों पर रंग ,हैयर डाई और केमिकल शेम्पू लगाने से परहेज करें| ये चीजें आँखों की रोशनी घटाती हैं|

सुबह खाली पेट आधा चम्मच मक्खन आधा चम्मच  पीसी हुई मिश्री और 5 पीसी हुई काली मिर्च मिलाकर चाट लें|  तत्पशचात कच्चे नारियल की गिरी के 2-3 टुकड़े भली भांति चबाकर खाएं|  फिर थौड़ी सी सौंफ चबाकर खाएं| 2-3 माह तक यह उपाय करने से दृष्टि  तेज हो जाती है|

10 ग्राम छोटी हरी ईलायची ,20 ग्राम सौंफ के मिश्रण को  महीन पीसकर काँच की शीशी मे भर लें| एक चम्मच मिश्रण दूध के साथ लेते रहने से नजर तेज हो जाती है|

रात को एक चम्मच त्रिफला चूर्ण  एक गिलास पानी डालें| सुबह उठकर छानकर  इस पानी से आँखें धोएँ|  इससे नेत्र ज्योति  बढ़ती है | और आँखों के कई रोग नष्ट होते हैं|

सरसों के तेल से पैरों के तलवों की मालिश करना चाहिए|  नहाने से 15 मिनिट पहिले पेरों के अँगूठों को सरसो के तेल  मे  तर कर लें |  आँखों की ज्योति लंबे समय तक कायम रखने मे मददगार उपाय है|

एक चम्मच त्रिफला चूर्ण,एक चम्मच शहद  और दो चम्मच गाय के घी को भली प्रकार मिश्रित  करें  इसे रात को सोते वक्त चाट लें| इससे नेत्र रोग दूर होते हैं,नजर तेज होती है और शारीरिक कमजोरी  मे भी लाभदायक है|

अंगूर नियमित रूप से खाएं | इससे रात मे देखने की शक्ति बढ़ती है|

एक चम्मच मुलेठी का चूर्ण,एक चम्मच शहद आधा चम्मच देसी घी  को भली प्रकार मिश्रित कर  एक पाव दूध के साथ सुबह शाम 3  माह तक सेवन करने से  दृष्टि  तेज होती है|

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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