लहसुन को घी में भूनकर खाये, मिलेगा इन 20 रोगों से छुटकारा…

0

सेहत के लिए फायदेमंद लहसुन जानिए कब और कैसे कर सकता है आपको बीमार…लहसुन खाने के बाद दूध या दूध से बनी चीजें नहीं खानी चाहिए वर्ना बुखार,  त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है। साथ ही गन्ना या गन्ने से बनी चीजें, चीनी, गुड़ आदि खाने से भी बचें, ये पेट के फूलने की समस्या का कारण बनते हैं।

लहसुन खाते समय बासी सब्जी, चपाती या अन्य कोई खाद्य सामग्री न खाएं। हाल ही सर्जरी हुई हो या एलर्जी है तो इसे न खाएं, ये रक्तस्त्राव की वजह बन सकता है।

दो लहसुन की कलियां, एक चम्मच देसी घी व थोड़ा शहद मिलाकर रोज खा सकते हैं। ध्यान रहे लहसुन भोजन के पच जाने पर ही खाएं।

इन रोगों में लाभ

हड्डी अपनी जगह से खिसक जाए या टूट जाए व अन्य अस्थि रोग, महिलाओं की समस्या, चक्कर आना, खांसी, त्वचा संबंधी रोग, पेट में कीड़े होना, त्वचा की रंगत में बदलाव, श्वास रोग, रात के समय दिखाई न देना, पुराना बुखार, शरीर में जकडऩ, पथरी, ल्यूकोरिया, यूरिन में जलन, प्लीहा रोग, गठिया आदि में लहसुन को रोजाना खाने से फायदा होता है।

सर्दी के मौसम में लहसुन का प्रयोग व्यक्ति को निरोगी रखकर आयु में वृद्धि करता है। इससे भूख बढऩे के साथ याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में भी इजाफा होता है। त्वचा की चमक और रंगत में सुधार करने के अलावा यह बालों को मजबूती भी देता है।

कुष्ठ रोगी, श्वास, प्लीहा व अर्श के रोगियों को लहसुन खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ये मरीज लहसुन खाने के बाद कुछ दिन दाल के पानी का प्रयोग करें। अगर कच्चा लहसुन न खा पाएं तो इसे घी में भूनकर या इसकी पत्तियों की पकौडिय़ां बना लें।

SHARE
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
Loading...

Leave a Reply