जानिए मशरूम खाने के दमदार अनगिनत फायदे

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मशरुम जिसे खुम्ब के नाम से भी जाना जाता हैं मशरूम की विभिन्न प्रजातियों होती है । मशरूम शाकाहारी होता है। इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है यह प्रोटीन से भरपूर होता हैं, इसमें मौजूद रेशा, पोटैशियम लौह तत्व एवं फोलिक एसिड के कारण रक्त की कमी दूर होती है l मशरूम में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट हमें हानिकारक फ्री रेडिकल्सड से बचाते हैं।

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मशरूम में कुछ प्रकार के एंजाइम और रेशे पाए जाते हैं जो हमारे कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करते हैं।मशरूम में लीन प्रोटीन होता है जो कि वजन घटाने में मददगार होता है। मशरूम में विटामिन ‘बी’ ,विटामिन बी-2 और बी-3, होता है मशरूम खाने से शरीर में कोलेस्ट्राल एवं शर्करा का अवशोषण भी कम होता है।

मशरूम के फायदे 

प्रतिरक्षा प्रणाली बढा़ए

मशरूम में मौजूद एंटी ऑक्‍सीडेंट हमें भंयकर फ्री रेडिकल्‍स से बचाता है। इसको खाने से शरीर में एंटीवाइरल और अन्‍य प्रोटीन की मात्रा बढती है, जो कि कोशिकाओं को रिपेयर करता है। यह एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जो कि माइक्रोबियल और अन्‍य फंगल संक्रमण को ठीक करता है।

पेट के विकार करे दूर

ताजे मशरूम में पर्याप्त मात्रा में रेशे (लगभग 1 प्रतिशत) व कार्बोहाइड्रेट तन्तु होते हैं, इसका सेवन करने से कब्ज, अपचन, अति अम्लीयता सहित पेट के विभिन्न विकारों से बचाव होता है। साथ ही इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्राल एवं शर्करा का अवशोषण भी कम होता है।

कैंसर

यह प्रोस्‍टेट और ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाता है। इसमें बीटा ग्‍लूकन और कंजुगेट लानोलिक एसिड होता है जो कि एक एंटी कासिजेनिक प्रभाव छोड़ते हैं। यह कैंसर के प्रभाव को कम करते हैं।

हृदय रोग

मशरूम में हाइ न्‍यूट्रियंट्स पाये जाते हैं इसलिये ये दिल के लिये अच्‍छे होते हैं। इसमें कुछ तरह के एंजाइम और रेशे पाए जाते हैं जो कि कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करते हैं।

हीमोग्लोबिन रखे ठीक

मशरूम का सेवन रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाये रखता है। इसके अलावा इसमें बहुमूल्य फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है जो केवल मांसाहारी खाध पदार्थो में होता है। अत: लौह तत्व एवं फोलिक एसिड के कारण यह रक्त की कमी की शिकार अधिकांश शाकाहारी ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों के लिये ये सर्वोत्तम आहार है।

मधुमेह

मशरूम वह सब कुछ देगा जो मधुमेह रोगी को चाहिये। इसमें विटामिन, मिनरल और फाइबर होता है। साथ ही इमसें फैट, कार्बोहाइड्रेट और शुगर भी नहीं होती, जो कि मधुमेह रोगी के लिये जानलेवा है। यह शरीर में इनसुलिन को बनाती है।

मोटापा कम करे

इसमें लीन प्रोटीन होता है जो कि वजन घटाने में बडा़ कारगर होता है। मोटापा कम करने वालों को प्रोटीन डाइट पर रहने को बोला जाता है, जिसमें मशरूम खाना अच्‍छा माना जाता है।

कुपोषण से बचाए

मशरूम गर्भवस्था, बाल्यावस्था, युवावस्था तथा वृद्धावस्था तक सभी चरणों में उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन, खनिज, वसा तथा कार्बोहाइड्रेट बाल्यावस्था से युवावस्था तक कुपोषण से बचाते हैं। इसलिए डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं।

ट्यूमर को रोके

मशरूम में कालवासिन, क्यूनाइड, लेंटीनिन, क्षारीय एवं अम्लीय प्रोटीन की उपस्थिति मानव शरीर में टयूमर बनने से रोकती है। साथ  ही इसमें लगभग 22-35 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है। जो पौधों से प्राप्त प्रोटीन से कही अधिक होती है तथा यह शाकभाजी व जन्तु प्रोटीन के मध्यस्थ का दर्जा रखता है।
इसमें प्यूरीन, पायरीमिडीन, क्यूनान, टरपेनाइड इत्यादि तत्व भी होते है जो जीवाणुरोधी क्षमता प्रदान करते है।

मैटाबॉलिज्‍म

मशरूम में विटामिन बी होता है जो कि भोजन को ग्‍लूकोज़ में बदल कर ऊर्जा पैदा करता है। विटामिन बी2 और बी3 इस कार्य के लिये उत्‍तम हैं।

हड्डियों को मिलेगी मजबूती

मशरूम विटामिन डी का भी एक बहुत अच्छा माध्यम है। यह विटामिन हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी होता है। नियमित तौर पर मशरूम खाने पर हमारी आवश्यकता का 20 प्रतिशत विटामिन डी हमें मिल जाता है।

बालों एवं त्वचा के लिए फायदेमंद

इसके अलावा मशरूम को बालों और त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। वहीं कुछ स्टडीज में मशरूम के सेवन से कैंसर होने की आशंका कम होने की बात तक कही गई है।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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