सिर्फ 30 दिनों में गंजो के सिर पर बाल उगाने का 100% शर्तियाँ चमत्कारी तेल

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गंजेपन के कारण (Causes of baldness)

  • गंजेपन के मुख्य कारणों में से एक हॉर्मोन की समस्या है। पुरुषों का टेस्टोस्टेरोन अल्फा रेडक्टेस एंजाइम की मदद से डी हाइड्रो टेस्टोस्टेरोन में परिवर्तित हो जाता है। ये DHT रिसेप्टर सिर की जड़ों के रोमछिद्रों(Hair Follicles)को छोटा कर देते हैं जिससे बालों का बढ़ना रूक जाता है और बाल झड़ने लगते हैं।
  • आनुवांशिकता(Heredity)भी मर्दों में बाल झड़ने का एक मुख्य कारण होती है।
  • अन्य कारणों में हॉर्मोन में असंतुलन, तनाव, खराब खानपान, थाइरोइड की खराब हालत तथा तेज़ जीवनशैली शामिल हैं।

- baldness treatment in ayurveda - सिर्फ 30 दिनों में गंजो के सिर पर बाल उगाने का 100% शर्तियाँ चमत्कारी तेल

आवश्यक सामग्री

  • 250 ग्राम चिरमिटी/रत्ती/घुंघुचि/गुंचा (Abrus Precatorius)
  •  यह सब इसके नाम है।
  • यह सफ़ेद और लाल + काले रंग की मनके के समान होती है।
  • जड़ी बूटी बेचने वालो या पंसारी की दुकान पर आसानी से मिल जाती है
  • सफ़ेद रंग कि मिले तो वह ले – न मिले तो लाल काले रंग कि ले।

- Abrus Precatorius - सिर्फ 30 दिनों में गंजो के सिर पर बाल उगाने का 100% शर्तियाँ चमत्कारी तेल

चमत्कारी तेल बनाने का तरीका

  1. इसे बारीक पीस कर पाउडर बना छान ले। छानने के बाद जो ऊपर मोटा अंश बचे उसे फेंके नहीं।
  2. अब छने हुए पाउडर मे से लगभग 50 ग्राम अलग निकाल कर रख लें।
  3. बाकी बचे हुए सारे 200 ग्राम पाउडर को लगभग 1.5 लीटर पानी मे धीमी आग पर इतना उबाले कि उबल के पानी लगभग 500ml रह जाये।
  4. अब इस पानी को छान कर रख ले।
  5. एक लौहे की कड़ाही मे लगभग 200 ग्राम तिल का तेल ले यदि तिल तेल का न मिले तो सरसों का भी ले सकते हैं परंतु तिल का तेल अधिक असरदार होता है। अब 500ml चिरमटी उबाल कर छाना हुआ पानी व 50 ग्राम चिरमटी का बचा हुआ पाउडर इन सभी को ठंडे तेल मे मिला ले। ध्यान रहे गरम तेल मे कुछ नही डालना है ऐसा नुकसानदायक हो सकता है। अब इस इस ठन्डे तेल में मिली सामग्री को धीमी आंच पर फिर से पकाए।
  6. पकने उपरांत जब तेल मे से पानी लगभग जल जाए। तो यह टेस्ट करने के लिये की इसमें पानी का अंश पूर्ण रूप से जल गया है केवल मात्र तेल ही शेष बचा है। इसके परिक्षण के लिये एक लौहे की तार का टुकडा या बांस की झाडू की सींख ले उस पर काटन का फोया लपेट उसे तेल में भिगो आग पर रखे। यदि चटर पटर की आवाज आए तो समझे कि अभी तेल पूरी तरह नहीं पका है। उसमें पानी का अंश शेष है तो उसे धीमी आंच पर ओर गरम होने दे।
  7. अगर तेल लगी हुई रूई तत्काल जल जाए तो समझे कि तेल पक गया है। तब इसे चूल्हे से उतार स्टील के टोप जैसे बर्तन में डाल के रख दें। साथ में तो यह ठंडा हो जायेगा और साथ ही इसमें से काला अंश टोप में निचे बैठ जायेगा। पूरी तरह ठंडा होने पर इस तेल को एक दम सूखी काँच या प्लास्टिक की बोतल में डाल लें। जिसमें पानी का अंश ना हो।

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इस तेल को लगाने की प्रयोग विधि

  1. यह तेल सिर पर दिन में 2 बार सुबह – शाम लगाए। लगभग 5 मिनट मालिश करे।
  2. तेल प्रयोग के दौरान कोई भी साबुन या शैंपू सिर में न लगाए। सिर धोने के लिए खट्टी दहि – खट्टी लस्सी या नींबू का प्रयोग करे।
  3. हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है की सिर्फ 1 महीने प्रयोग के बाद आपको निराश नही होना पडेगा। आपकी इच्छानुरूप परिणाम मिलने शुरू हो जायेंगे। क्योंकि यह प्रयोग हमने जिस जिस व्यक्ति पर किया परिणाम 100% मिला।
  4. विशेष : इसके साथ ”अन्नतमूल की जड ” का 2 ग्राम चूर्ण रोजाना सेवन करे।
इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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