बचे हुए तेल का रियूज अगर आप भी करती हैं तो जरूर पढ़ें ये खबर

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बचे हुए तेल का रियूज अगर आप भी करती हैं तो जरूर पढ़ें: पूरी-कचौड़ी या पकौड़े जैसी चीजों को डीप फ्राई करने के बाद तेल बच ही जाता है। ऐसे में अक्सर महिलाए इस बचे हुए तेल को भोजन बनाने के लिए इस्तेमाल कर लेती हैं। मगर ऐसा कर आप कई बीमारियों को न्यौता दे रही हैं। बचत करने के लिए आप भला ही ऐसा करती हो लेकिन हाल ही में हुए सर्वे में कहा गया है कि तेल का रियूज करने से कैंसर जैसी घातक बीमारियों की संभावना बढ़ जाती हैं।

क्यों हानिकारक है बचा हुआ तेल?

रिसर्च में बताया गया कि बचे हुए तेल में फ्री रेडिकल्स बनने लगते हैं, जो आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। वहीं बार-बार तेल गर्म करने से उसकी गंध खत्म हो जाती है और उसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स भी नहीं बचते, जिसके चलते उसमें कैंसर पैदा करने वाले तत्व पैदा हो जाते हैं।

इन बीमारियों का बनता है कारण

जब इस्तेमाल किए हुए तेल को दोबारा यूज किया जाता है तो इसमें मौजूद तत्व खाने में चिपक जाते हैं और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाते हैं। इसके कारण एसिडिटी, दिल की बीमारी, कैंसर, स्ट्रोक, पार्किसंस और अलजाइमर जैसी घातक बीमारियों के होने की संभावना बनी रहती है। साथ ही इस तेल का खाना खाने से कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है।

कितनी बार कर सकते हैं तेल का इस्तेमाल

डीप फ्राई किए जाने वाले तेल को फिर से इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए लेकिन कुछ मामलों में ऐसा संभंव है। मगर ये इस बात पर निर्भर करता है कि किस तेल का उपयोग किया गया है और उसे कितनी बार इस्तेमाल किया जा चुका है।

पहले करें जांच

अगर आप तेल को दोबारा इस्तेमाल करना ही चाहते हैं तो पहले उसके रंग व गाढ़ेपन को जांच लें। अगर उसमें गहरे रंग, चिपचिपाहट या अजीब गंध तो उसे फेंकना ही आपके लिए बेहतर होगा।

डीप फ्राई के लिए कौन-सा तेल है बेहतर

एक्सपर्ट का मानना है कि पकौड़े या अन्य चीजों को डीप फ्राई करने के लिए नारियल तेल बेहतर होता है। हालांकि बेहतर होगा कि अगर इसमें से भी बदबू आए तो आप इसका इस्तेमाल ना करें।

इन बातों पर भी दें ध्यान

डीप फ्राई करने या भोजन बनाने के लिए एक साथ कई तेलों का इस्तेमाल ना करें। एक समय में 1 तेल से ही भोजन पकाएं।
अगर तेल का रंग बदल गया है तो बेहतर होगा कि आप उसे फेंक दें।
किसी भी चीज को डीप फ्राई करने के लिए जैतून के तेल का इस्तेमाल ना करें क्योंकि कम मात्रा इसका सेवन ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप भोजन पकाने की लिए इसे यूज में लाएं।
सस्ते तेल जो जल्दी गर्म हो जाते हैं, लेकिन अगर उन्हें आंच पर रखते ही झाग बनने लगे तो उसका इस्तेमाल न करें। ये एडल्ट्रेटेड ऑयल होते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक होते हैं।
सभी तेल एक समान नहीं होते। कुछ तेल बहुत ज्यादा तापमान पर गर्म होते हैं जैसे- सोयाबीन, राइस ब्रैन, सरसों, मूंगफली, कैनोला और तिल का तेल।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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