घुटने बदलवाने की नौमत आ गयी है तो पहले 10 दिन तक ये आयुर्वेदिक उपाय करें और फिर निर्णय करें

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अगर घुटनों में गैप बढ़ने लग गया हो, घुटनों की ग्रीस चिकनाहट हो गयी हो ख़त्म या घुटनों में दर्द हो, इन सभी कारणों को दूर करके आपके घुटनों को नया जीवन देने के लिए जानिए अद्भुत घरेलु उपाय.

दरअसल घुटनों में ग्रीस कहना एक अनपढ़ भाषा का उपयोग है, घुटनों में कोई ग्रीस ख़त्म नहीं होती, घुटनों में Synovial fluid की कमी हो जाती है, जो दो हड्डियों के बीच में Lubrication बनाये रखता है, जिस से उसकी Cartilage पर दबाव नहीं पड़ता, इसकी कमी होने के कारण घुटनों में उठते बैठते अत्यधिक दर्द होता है, घुटनों से आवाज़ भी आती है, फिर इसको लोग ये भी कह देते हैं के घुटनों में गैप बढ़ गया है.

ये प्रयोग अगर आप करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इस प्रयोग के दौरान कुछ चीजों का पालन करना होगा. फिर ही यह प्रयोग बिलकुल सही होगा.

  1. अगर आपका वजन बढ़ गया हो तो उसको कण्ट्रोल कीजिये.
  2. दाल, दूध, चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक्स, फ़ास्ट फ़ूड, तली हुयी चीजें बंद करनी होंगी.
  3. अगर आपका खड़ा रहने के काम है तो 10 दिन छुट्टी कर लीजिये.
  4. पानी कभी भी खड़े होकर नहीं पीना, पहले घुटनों के बल या पालती मारकर बैठ जाएँ, उसके बाद ही पानी पीजिये वो भी घूँट घूँट.
  5. गेंहू की रोटी बंद कर दीजिये, जौ, या बेजड (जिसमे गेंहू, जौ, चना मिश्रित होता है) की रोटी ही खानी है.

ये समस्याएँ अधिकतर बुढापे में आती थी, मगर अभी ये ऊपर बताये गए कारणों के कारण जिनमे वजन बढ़ जाना, खड़े होकर काम करना, पानी खड़े होकर पीना, फ़ास्ट फ़ूड, तली हुयी चीजों का अधिक सेवन करना मुख्य है. ये प्रयोग कीजिये फिर उसके बाद बताएं. के आपको कैसा रिजल्ट मिला.

प्रथम प्रयोग 10 दिन के लिए.

सहजन का वृक्ष अक्सर मिल जाता है, या इसके वृक्ष की छाल मिल जाएगी, अगर आपको फिर भी ना मिले तो नीचे नंबर दिया गया है, जिनसे आप इसकी छाल मंगवा सकते हैं. सहजन की छाल 10 ग्राम अर्थात 2 चम्मच, 2 गिलास पानी में एक चौथाई रहने तक धीमी आंच पर पकाएं, फिर इसको उतार कर अच्छे से इस पाउडर को पानी में निचोड़ कर फिर इसको छान ले किसी कपडे की मदद से और इसको घूँट घूँट कर पी लें पालती मार कर. यही प्रयोग आपको दिन में कम से कम 3 से 5 बार करना है.

द्वितीय प्रयोग 10 दिन के लिए

शल्ल्की  एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसमें बोसोवेलिक एसिड नामक सूजन को कम करने वाला ट्राइटपेनॉयड शामिल है। बोसोवेलिक एसिड ऑस्टियोअर्थराइटिस और रुमेटीइड अर्थराइटिस और पीठ दर्द के लिए प्रभावी होता है। पहले तो इस पेड़ की छाल 10 ग्राम 2 गिलास पानी में गर्म करें और एक चौथाई 1/4 रहने पर इसको पी लें. ऐसा दिन में 3 से 5 बार करना है. अगर स्थिति ज्यादा कठिन है तो इस काढ़े में 1 ग्राम लोबान गोंद जो इसी पेड़ की गोंद होती है वो भी डाल दें. या इसकी गोंद को दूध में डालकर भी पी सकते हैं.

उपरोक्त बताये गए दोनों प्रयोगों में से कोई भी एक प्रयोग 10 दिन तक करें. पहले प्रथम वाला प्रयोग करने की कोशिश करें. उसके बाद ही दूसरा प्रयोग करें.

इसके साथ में रात्रि सोते समय

5 बादाम, 11 मुनक्का, 7 अखरोट, 5 खजूर, इन सभी चीज़ों को एक साथ पानी में भिगो कर रात्री में रख दें, और सुबह नाश्ते से पहले खाएं और साथ में गर्म गर्म दूध पीयें। इस दूध में लोबान की गोंद 1 ग्राम डाल कर गर्म करें.  कुछ दिन तक यह प्रयोग रोजाना करें. ऐसा करने से घुटनों के दर्द में आराम मिलेगा।

सर्दियों में इसके साथ में ये भी करें.

  1. नारियल की सूखी गिरी भी घुटनों के दर्द के लिए बहुत अच्छी औषधी है। रोजाना 30 ग्राम सूखा नारियल खाएं। घुटनों पर दिन में दो बार नारियल के तेल की मालिश गोलाई से करें इससे घुटनों के दर्द में अद्भुत लाभ होता है।
  2. अलसी 1 से ३ चम्मच चबा चबा कर खाएं. अगर गर्मी हो तो अलसी को दही के साथ चबा चबा कर खाएं. अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं, जो Synovial fluid को नष्ट नहीं होने देता और बढाता है.
  3. Grape Seed Extract में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट हानिकारक रसायनों और Toxins के द्वारा होने वाले Oxidation को रोकते हैं, जो घुटनों को खराब होने से बचाते हैं.

घुटनों के लिए मसाज

1 छोटा चम्मच सोंठ का पाउडर लीजिये और इसमें थोडा सरसों का तेल मिलाइए। इसे अच्छी तरह मिला कर गाड़ा पेस्ट बना लीजिये। इसे अपने घुटनों पर मलिए। इसका प्रयोग आप दिन या रात कभी भी कर सकते हैं। कुछ घंटों बाद इसे धो लीजिये। यह प्रयोग करने से आपको घुटनों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलेगा।

और घुटनों के बीच जो ग्रीस ख़त्म हो गई है, जो चिकनाहट ख़त्म हो गयी है, उसमे 10 दिन में ही आराम दिखेगा. अगर आराम दिखे तो इस प्रयोग को जब तक पूर्ण आराम ना मिले तब तक दोहरा सकते हैं.

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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