शरीर की हर बीमारी खत्म कर देगा ये छोटा सा टुकड़ा

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शरीर की हर बीमारी खत्म कर देगा ये छोटा सा टुकड़ा: पेठा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में आगरा की याद आती होगी। क्योंकि यहां का पेठा दुनियाभर में मशहूर है। इस पेठे की सब्जी बड़ी स्वादिष्ट होती है। इसे खाने से कई सारे रोग जड़ से खत्म हो सकते हैं। यह एक औषधि की तरह भी काम करता है। यानि की यह हमारी सेहत को कई प्रकार से फायदा देता है। पेठे का प्रयोग ना केवल खाने में किया जाता है बल्कि पेठे का जूस भी बनाकर पिया जाता है।सफेद पेठा अधिक फायदेमंद होता है हमारे स्वास्थ्य के लिए।

सफेद पेठे के गुण

इस पेठा में विटामिन ए, बी, सी के अलावा विटामिन ई पाया जाता है। इसके अलावा कैल्शियम, लोहा, फासफोरस और सल्फर भी पाया जाता है। आपको बता दें बहुत ही कम सब्जियां एैसी होती हैं जिन्में विटामिन ई पाया जाता है।

सफेद पेठा के फायदे सेहत के लिए

सफेद पेठे में पाए जाने वाले तत्व आपको अनगिनत रोगों से दूर रख सकते हैं। इसके रस से आप निम्नलिखित रोगों से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

1. उच्च रक्तचाप को दूर करने में सफेद पेठे का रस अति उत्तम है।

2. एसीडिटी यानी अमाशय की जलन दूर करने में सफेदे पेठे का रस रामबाण की तरह काम आता है।

3. मधुमेह के रोगियों के लिए भी सफेद पेठे का रस दवा का काम करता है। यह पेनक्रियाज को एक्टिव रखने में लाभदायक है।

4. भोजन की नली यानी फूड पाईप में सूजन आ रही हो तो सफेद पेठे के रस से इसे कम किया जा सकता है।

5. त्वचा रोगों जैसे फोडे, फुन्सी व अन्य चर्म रोगों में भी सफेद पेठे का जूस लाभ देता है।

6. पित्त की पथरी, गुर्दे की पथरी व मूत्राशय की नली की पथरी में सफेद पेठे का जूस लाभदायक है।

7. सफेद पेठे का रस शारीरिक कमजोरी को भी दूर करता है। एनीमिया जैसी बीमारी को दूर करने में भी सफेद पेठे का जूस लाभदायक है।

8. बवासीर की बीमारी में भी सफेद पेठे का जूस अत्यंत ही लाभदायक होता है।

9. पीलिया व सभी प्रकार के हैपेटाइटिस में सफेद पेठे का रस अत्यंत ही गुणकारी है।

10. किसी भी प्रकार की नयी या पुरानी कब्ज को दूर करने में सफेद पेठा रामबाण की तरह काम करता है।

11. श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे दमा, अस्थमा आदि में भी सफेद पेठे का रस लाभदायक है।

12. स्नायु रोगों व मिरगी के दौरों में भी सफेद पेठे का रस बहुत लाभदायक है।

अधिकतम परिणाम के लिए सफेद पेठे को अच्छे से कद्दूकस करके इसके रस को अच्छे से छान लें। प्रतिदिन प्रातः खाली पेट लगभग 150-200 मि.ली. प्रयोग करें।

इस वेबसाइट में जो भी जानकारिया दी जा रही हैं, वो हमारे घरों में सदियों से अपनाये जाने वाले घरेल नुस्खे हैं जो हमारी दादी नानी या बड़े बुज़ुर्ग अक्सर ही इस्तेमाल किया करते थे, आज कल हम भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में इन सब को भूल गए हैं और छोटी मोटी बीमारी के लिए बिना डॉक्टर की सलाह से तुरंत गोली खा कर अपने शरीर को खराब कर देते हैं। तो ये वेबसाइट बस उसी भूले बिसरे ज्ञान को आगे बढ़ाने के लक्षय से बनाई गयी है। आप कोई भी उपचार करने से पहले अपने डॉक्टर से या वैद से परामर्श ज़रूर कर ले। यहाँ पर हम दवाएं नहीं बता रहे, हम सिर्फ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं। कई बार एक ही घरेलु नुस्खा दो व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिणाम देता हैं। इसलिए अपनी प्रकृति को जानते हुए उसके बाद ही कोई प्रयोग करे। इसके लिए आप अपने वैद से या डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करे।
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